समग्र स्वच्छता के तहत् शिक्षण संस्थानों में बन रहे शौचालयों को 25 मार्च तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कराया जाये। और यह कार्य पूर्ण हो गया है इस बाबत् बीआरसी, उप यंत्री संयुक्त रूप से प्रमाण पत्र देंगे। प्रमाण पत्र न देने पर जहॉ बीआरसी को निलम्बित किया जायेगा वही उप यंत्री की संविदा नियुक्ति समाप्त कर दी जायेगी।
कलेक्टर श्रीमन् शुक्ला ने सर्व शिक्षा अभियान के कार्यो की समीक्षा करते हुए उक्त आदेश दिये। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश शुक्ल, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास एवं प्रभारी सर्व शिक्षा समन्वयक गणेश भाबर, समग्र स्वच्छता के परियोजना अधिकारी सुनिल वाघमारे, जनपदो के सीईओ, विकासखण्डो के खण्ड शिक्षा अधिकारी, बीआरसी, उपयंत्री उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर ने स्कूलो में निर्माणाधीन शौचालयो को 25 मार्च तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कराने व इसकी इन्ट्री ऐजुकेशन पोर्टल पर कराने, निर्मित शौचालयों के फोटो ग्राफ्स जिला शिक्षा केन्द्र में जमा कराने के आदेश भी दिये।
इनके बिना माने जायेंगे अधूरे निर्माण
बैठक में कलेक्टर ने बताया कि स्कूलो में बन रहे शौचालयो को तब तक अपूर्ण माना जायेगा जब तक उनमें रेलिंग, रैम्प, जल व्यवस्था एवं उपर टंकी में पानी चढाने हेतु हेण्डपम्पो में लगने वाला फोर्सलिट पंप नही लगा दिया जाता।
5 गुरूजी की सेवा होगी समाप्त
बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्कूलो में शौचालयों के निर्माण कार्य की राशि निकालने के पश्चात् भी कार्य पूर्ण न कराने वाले विकासखण्ड निवाली के ग्राम सेगवी के दामजीफल्या ईजीएस गुरूजी देवीलाल नरगांवे, निवाली के खरत्याफल्या ईजीएस गुरूजी हवलदार खरते, विकासखण्ड पानसेमल के ग्राम सापखडकी के रिछबारी फल्या ईजीएस गुरूजी अनिल डुडवे, ग्राम बायगौर के सिलदारफल्या ईजीएस गुरूजी साहेबराव पटेल, विकासखण्ड सेंधवा के ग्राम पिसनावल के चौमलफल्या के गुरूजी रजला सोलंकी की सेवा समाप्त करने निकाली गई राशि वापस न करने पर पुलिस में एफआरआई भी दर्ज कराने के आदेश दिये।
4 कारण बताओं पत्र मिलने पर
वापसी होगी मूल विभाग में
बैठक में कलेक्टर ने सभी बीआरसी को चेतावनी दी की वे सजग होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करे। जिन बीआरसी को 4 कारण बताओ सूचना पत्र जारी हो चुके होंगे, उन्हे तत्काल उनके मूल विभाग में भेजकर अन्य प्रावधानिक कार्यवाही की जायेगी।