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वन से जल, जल से नदी और नदी से विकास समृद्ध होता है
वन मंत्री डॉ. शेजवार ने किया जल-वन-नर्मदा-भोपाल जन जागरूकता अभियान का शुभारंभ
अनुपपुर | 20-मार्च-2017
 
   
   ऐसे में वन, जल और नर्मदा की उपयोगिता भोपालवासियों को समझाते हुए उसकी धारा अविरल और निर्मल बनाए रखने के लिए जैव विविधता बोर्ड का यह प्रयास सराहनीय है। वन मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार ने यह बात गत दिवस भोपाल में टी.टी. नगर स्टेडियम में "जल-वन-नर्मदा-भोपाल" के परिवेश में समग्र शासन अवधारणा के तहत हुई रैली, निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए कही।
   वन मंत्री ने झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली में स्कूल, कॉलेज के छात्र-छात्राएँ, स्वयंसेवी संगठन, विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और आम लोगों ने भाग लिया। अपर मुख्य सचिव वन श्री दीपक खाण्डेकर, वन बल प्रमुख श्री अनिमेष शुक्ला, प्रधान मुख्य वन संक्षरक (वन्य-प्राणी) श्री जितेन्द्र अग्रवाल और वन विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री रवि श्रीवास्तव भी मौजूद थे।
   डॉ. शेजवार ने कहा कि भारत में उपकार करने वाले के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की संस्कृति है। इसीलिए हम माता-पिता, सूर्य, पशु़, नदी आदि को पूजते हैं। आज नर्मदा जल को अविरल और निर्मल बनाने की यात्रा विश्व का सबसे बड़ा नदी बचाव अभियान बन गई है। यह बहुआयामी और परिणाममूलक यात्रा है। नर्मदा तटों पर एक किलोमीटर तक पौध-रोपण जल संवर्धन करेगा। तट पर बसे गाँवों को खुले में शौचमुक्त किया जा रहा है। दो साल में सभी जगह सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तैयार हो जायेंगे।
यात्रा ने लोगों को किया जागरूक
   वन मंत्री ने कहा कि यात्रा से लोगों में जागरूकता आई है। लोगों ने नदी में कचरा बहाना-पुष्पादि विसर्जन काफी कम कर दिया है। शव बहाना रोकने के लिए मुक्ति-धाम और अस्थि-विसर्जन के लिए सेवा कुंड बनाए जा रहे हैं। डॉ. शेजवार ने लोगों से पानी बचाने, शुद्ध रखने और अधिक से अधिक पौध-रोपण की अपील की।
   सदस्य सचिव जैव विविधता बोर्ड श्री आर. श्रीनिवास मूर्ति ने कहा कि शहरों की आबादी तेजी से बढ़ी है जो 2030 तक 70 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना है। ऐसे में पानी का उपयोग करने वाले लोगों में पानी प्रबंधन विकसित करने और जागरूकता बढ़ाने के लिए रैली की गई है। इस अभियान का मुख्य उददेश्य नर्मदा को अविरल बनाने के काम में समाज और शासन को जोड़ना है।
(100 days ago)
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