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प्रदेश में 2 जुलाई को वृक्षारोपण के महा अभियान में लगाये जायेंगे करोड़ों पौधे -मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह
मॉं गंगा के नाम पर मध्यप्रदेश के सभी नागरिक पौधे लगायें -मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड श्री रावत अनूपपुर जिले के खेतगॉंव में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दिया 312 नव दम्पत्तियों को आशीर्वाद अत्यंत प्रतिकूल मौसम के बावजूद सफलतापूर्वक संपन्न हुआ कार्यक्रम
अनुपपुर | 09-मई-2017
 
  
नर्मदा नदी को सदा नीरा रखने के लिये कानूनी प्रावधान की व्यवस्था की जा रही है। नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक में सभी प्रकार के उत्खनन पर प्रतिबंध लगाया जायेगा। युकेलिप्टस के पेड़ों के स्थान पर बरगद, पीपल, साल, नीम जैसे पौधे लगाये जायेंगे, जो वर्षा ऋतु में अधिक जल अवशोषित कर सकें और वर्षा के बाद धीरे-धीरे उसे नदी में छोड़े। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यह बात अनूपपुर जिले के ग्राम खेतगॉंव में ”नर्मदा सेवा यात्रा“ के दौरान आयोजित  जन संवाद कार्यक्रम में सम्बोधित करते हुए, कही। इस दौरान उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत,केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल, प्रदेश वन मंत्री श्री गौरी शंकर शेजवार,फिल्म अभिनेत्री पद्मिनी कोल्हापुरे, प्रख्यात नृत्यांगना सुश्री सोनल मान सिंह, फिल्म अभिनेता श्री रजामुराद, फैजाबाद की कलाकार वंदना मिश्रा, मुम्बई के सामाजिक कार्यकर्ता श्री वीरेन्द्र याग्निक, प्रख्यात रामकथा वाचक सुश्री मंदाकनी दीदी, साध्वी सुश्री प्रज्ञा भारती, बीकानेर के संत स्वामी सोमगिरी, क्षेत्रीय विधायक श्री फुन्देलाल सिंह मार्को, मध्यप्रदेश खनिज विकास निगम के श्री शिव चौबे, म.प्र. जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष श्री प्रदीप पाण्डेय सहित विभिन्न जन प्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद थे।
   मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नर्मदा तटों पर बसे ग्रामों में जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जायेगा तथा जैविक खाद पर भी रासायनिक खाद के समान अनुदान देने की व्यवस्था की जायेगी। उन्होने कहा कि नदी, पर्यावरण और जल को बचाना हर नागरिक का कर्तव्य है। प्रदेश की अन्य नदियों को बचाने के लिए भी अगले वर्ष से अभियान चलाये जायेंगे। नर्मदा के किनारे ऐसे पेड़ और घास लगायी जायेंगी जो अधिक यात्रा में जल अवशोषित कर सकें। नर्मदा यात्रा के महत्व को सभी वर्गो के लोगों ने समझा है तथा नदी संरक्षण के इस अभियान को अपना पूर्ण समर्थन दिया है। उन्होने कहा कि केवल नदी संरक्षण के कानून बनाने से यात्रा का उद्देश्य पूरा नहीं होगा जब तक सामान्य जन की उसमें प्रत्यक्ष भागीदारी न हो। उन्होने कहा कि अमरकंटक मे नर्मदा के उद्गम स्थल को पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त बनाने की कार्य योजना पर अमल शुरू हो गया है। अमरकंटक बायोस्फियर जोन में औषधि प्रजाति के वृक्ष लगाने का काम भी किया जायेगा।
   उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री रावत ने इस अवसर पर कहा कि गंगा एवं नर्मदा जैसी नदियों के कारण ही भारत को विश्व गुरू कहा जाता है। उन्होने कार्यक्रम में उपस्थित 312 नव दम्पत्तियों को उनके भावी जीवन के लिए शुभकामना दी तथा मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को नदी संरक्षण के लिए चलाये गये विश्व के सबसे बड़े अभियान ”नमामि देवी नर्मदे“ के लिए बधाई दी। उन्होने कहा कि नर्मदा नदी के कारण ही मध्यप्रदेश की कृषि उत्पादन वृद्धि दर देश में सर्वाधिक है। उन्होने कहा कि इतने बड़े प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की व्यस्तताओं के बावजूद श्री शिवराज सिंह चौहान ने नदी संरक्षण का इतना व्यापक अभियान प्रारंभ किया है तथा गत 5 माह से लगभग हर दिन इस यात्रा में वे शामिल हो रहे हैं जो अत्यंत सराहनीय है। उन्होने कहा कि हमारे पूर्वज हमें पवित्र व सदानीरा नदियॉं विरासत में दे गये थे और हम अपनी आने वाली पीढ़ियों को क्या प्रदूषित नदियां विरासत में देंगे। उन्होंने कहा कि नदियां तो हर देश में होती हैं, लेकिन केवल भारत में ही नदियों की पूजा की जाती है। श्री रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री जी द्वारा प्रारंभ किए गए इस ”नमामि देवी नर्मदे“ अभियान को प्रकृति का भी आर्शीवाद मिल रहा है। यही कारण है कि आज मई माह की भीषण गर्मी में भी तेज धूप नहीं है, बल्कि हल्की फुहार से ग्रामीणजन आनंदित हो रहे हैं।
   केन्द्रीय पर्यावरण राज्य मंत्री श्री अनिल माधव दवे ने इस अवसर पर कहा कि नदियों को प्रदूषणमुक्त बनाने का दायित्व देश व प्रदेश के हर नागरिक का है। उन्होंने सभी से अपील की कि नदियों के आसपास गंदगी न करें तथा यदि कोई गंदगी करता पाया जाये तो उसका सख्ती से विरोध करें। उन्होंने कहा कि नदियों के किनारे जितने अधिक वृक्ष होंगे, नदियों का जल स्तर उतना ही अधिक रहेगा। अतः सभी को नदियों के किनारे व अपने घरों के आस-पास पौधे जरूर लगाना चाहिए तथा उनकी नियमित देखभाल भी करनी चाहिए।
   केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री श्री मेघवाल ने इस अवसर पर कहा कि बढ़ते औद्योगीकरण के कारण वनों की कटाई अधिक होने से पर्यावरण को काफी क्षति हो चुकी है। आज जरूरत है अधिक से अधिक वृक्षारोपण की। नर्मदा सेवा यात्रा प्रदेश व देश के नागरिकों को नदी एवं पर्यावरण के संरक्षण के प्रति जागरूक करने का बहुत अच्छा माध्यम बन गई है। उन्होंने कहा कि नदी संरक्षण का विश्व का सबसे बड़ा अभियान मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सही समय पर प्रारंभ किया है, क्योंकि यदि हम अभी पर्यावरण व नदी संरक्षण के प्रति जागरूक नहीं हुए तो हमारी आने वाली पीढ़ियां हमें कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने मध्यप्रदेश में जल प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि इस बेहतर जल प्रबंधन के कारण ही प्रदेश की कृषि उत्पादन देश में सर्वाधिक है।
   अनूपपुर जिले के खेतगांव में मुख्यमंत्री श्री चौहान के आगमन से ठीक पहले काफी तेज हवाएं चल रहीं थीं तथा हल्की बूंदा-बांदी होने से कार्यक्रम आयोजक काफी चिंतित थे तथा स्थानीय ग्रामीणों को लग रहा था कि ऐसे मौसम में मुख्यमंत्री जी और अन्य अतिथि वायु मार्ग से कैसे आ सकेंगे। लेकिन इस सबके बावजूद खेतगांव में मुख्यमंत्री श्री चौहान तथा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री रावत का आगमन होने से ग्रामीणजन हर्षित हुए और कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
(135 days ago)
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