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नगरीय विकास मंत्री ने मुम्बई में आयोजित स्मार्ट सिटी की कार्यशाला में की भागीदारी
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ग्वालियर | 19-मई-2017
 
 
    स्पेसिफिक, मेजरेबल, एटेनेबल, रिलेवेंट और टाईम बाउण्ड “स्मार्ट” का अर्थ अपने आप में सफलता की पूरी कहानी कह देता है। यदि स्मार्ट सिटी के क्रियान्वयन में इन बातों का ध्यान रखा जाए तो अपने लक्ष्यों को हासिल करने से कोई नहीं रोक सकता। यह बात नगरीय विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने मुम्बई के म्युनिस्पालिका-2017, स्मार्ट एण्ड सस्टेनेबल सिटी सॉल्यूशन पर आधारित कार्यशाला में कही। कार्यशाला में कर्नाटक के नगरीय विकास मंत्री रोशन बेग तथा कनाडा के हाई कमिश्नर नादिर पटेल उपस्थित थे।
    नगरीय विकास मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति ने भारत के परिदृश्य को बदल दिया है। समृद्ध और स्मार्ट भारत की परिकल्पना को यथार्थ में बदलने में सफलता मिली है जो आज की जरूरत भी है। श्रीमती माया सिंह ने कहा कि भारत की 31 प्रतिशत आबादी शहरों में रहती है जो जीडीपी में 63 प्रतिशत की भागीदारी निभाती है। वर्ष 2050 तक ये योगदान 75 प्रतिशत तक हो जायेगा।
   उन्होंने सबका साथ-समग्र विकास की भावना के साथ स्मार्ट सिटी के निर्माण का आग्रह करते हुए कहा कि स्मार्ट सिटी के प्रयासों का यदि कहीं विरोध है तो ऐसे में लोगों को साथ में लेकर उनकी समस्याओं का निराकरण करना ही सही मायनो में स्मार्टनेस है। मंत्री श्रीमती माया सिंह ने कहा कि लोगों का व्यवहार परिवर्तन करना हमारी पहली चुनौती है। इसके लिये केएपी पर कार्य करना होगा अर्थात नॉलेज, एटीट्यूट और प्रैक्टिस, सही ज्ञान सही एटीट्यूड लाता है और सही एटीट्यूड को आत्मसात करना ही आदत के रूप में विकसित किया जा सकता है।
 
(247 days ago)
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