समाचार
|| मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र द्वारा नगर भ्रमण कर दीपावली की शुभकांमनाएं दी || दीपावली मिलन समारोह में सम्मिलित हुए मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र || जनसम्पर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र आज विभिन्न कार्यक्रमों में सम्मिलित होंगे || घर के अंदर मिलेगा स्वच्छ और फिल्टर पानी - मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र || एक दीया प्रदेश के विकास के लिए भी जलाएं-मुख्यमंत्री श्री चौहान || कलेक्टर सपरिवार पहुंचे वृद्धाश्रम || राजस्व अधिकारी शीघ्र करें न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण || पत्रकारो के समक्ष व्ही.व्ही.पी.ए.टी. मशीन का प्रदर्शन || आदर्श आचरण संहिता का पालन सुनिश्चित करनें के निर्देश || मतदान केन्द्रों की सूची का विक्रय मूल्य घोषित
अन्य ख़बरें
सोयाबीन की बौवनी हेतु कृषकों को उपयोगी सलाह
-
धार | 16-जून-2017
 
    कृषि विज्ञान केन्द्र धार के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख द्वारा मानसून के आगमन को ध्यान में रखते हुए सोयाबीन खेती के लिए कृषकों को उपयोगी सलाह दी है कि मानसून के आगमन के पश्चात् भूमि में पर्याप्त नमी (कम से कम 100 मि.मी बारिश) होने की स्थिति में ही सोयाबीन की बौवनी करें। सोयाबीन के बीज का आकार एवं अंकुरण क्षमता के अनुसार छोटे दाने वाली प्रजातियों का बीज दर 55-60 किलोग्राम/हैक्टेयर, मध्यम आकार किलोग्राम/ हैक्टेयर एवं बड़े दाने वाली किस्म के बीज का 70-75 किलोग्राम/हैक्टेयर रखें। उपलब्ध सोयाबीन बीज की अंकुरण क्षमता की जाँच करे जो कि न्यूनतम 70 प्रतिशत होना चाहिये। इससे कम होने पर उसी अनुपात से बीज दर बढ़ाकर बौवनी करें।
   विभिन्न रोगों से बचाव विशेषतः पीला मोजाइक बीमारी के लिए सुरक्षात्मक तरीके के रुप में बौवनी के समय सोयाबीन के बीज को अनुशंसित फफूंदनाशक थायरम एवं कार्बेन्डाजिम 2:1 अनुपात में (3 ग्राम/कि.ग्रा. बीज) उपचारित करने के तुरंत बाद अनुशंसित कीटनाशक थायोमिथाक्सम 30 एफ.एस. (10 मि.ली./कि.ग्रा. बीज) या इमीडाक्लोप्रिड 48 एफएस (1.25 मी.ली. /कि.ग्रा. बीज) से उपचारित करें। तत्पश्चात् राइझोबियम पी.एस.एम. कल्चर का प्रयोग करें। रासायनिक फफूंदनाशक (थायरम/कार्बेन्डिजम) के स्थान पर जैविक फफूंदनाशक ट्रायकोडर्मा विरीडी (8-10 ग्राम/कि.ग्रा. बीज) का उपयोग किया जा सकता है लेकिन इसका उपयोग कीटनाशक से उपचारित करने के पश्चात् राइजोबियम पी.एस.एम. कल्चर के साथ में उपयोग किया जा सकता है।
    वर्षा की अनिश्चितता एवं सूखे की समस्या के कारण सोयाबीन की फसल में होने वाली संभावित उत्पादन में कमी को देखते हुए बी.बी.एफ. सीड ड्रील, फर्ब्स सीड ड्रील का उपयोग कर सोयाबीन की बौवनी करें। इन मशीनों की उपलब्धता न होने पर सुविधानुसार 6 से 9 कतारों के पश्चात् देसी हल चलाकर नमी संरक्षण नालियाँ बनाएं। सोयाबीन की बौवनी करते समय बीज की गहराई (अधिकतम 3 सें.मी.) का उचित ध्यान रखें जिससे सोयाबीन का अंकुरण प्रभावित न हो। सोयाबीन की बौवनी हेतु अनुशंसित कतार से कतार की दूरी (45 से.मी.) का प्रयोग करे।
    सोयाबीन की फसल में पोषण प्रबंधन हेतु अनुशंसित पोषक तत्वों की मात्रा (25:60:40:20 कि.ग्रा. /हे. नत्रजन, स्फूर, पोटाश एवं गंधक) बौवनी के समय ही सुनिश्चित करें। बौवनी के तुरंत बाद उपयोग में लाये जाने वाले अनुशंसित खरपतवार नाशक जैसे डायक्लोसूलम (26 ग्रा./हे.) या सल्फेन्ट्राजोन (750 मि.ली./हे.) या पेन्डीमिथलीन (3.25 ली/हे.) की दर से किसी एक खरपतवारनाशक का चयन कर 500 लीटर पानी के साथ फ्लड जेट या फ्लेट फेन नोझल (कट नोझल) का उपयोग कर समान रूप से खेत में छिड़काव करें। एकल पद्धति की तुलना में सोयाबीन की अंतर्वर्तीय खेती आर्थिक रूप से अधिक लाभकारी एवं स्थिर होती है। अतः सलाह है कि सोयाबीन+मक्का/ज्वार/अरहर/कपास को 4:2 के अनुपात में 30 सें.मी. कतारों से कतारों की दूरी पर बौवनी करें। अंतर्वर्तीय फसल की स्थिति में केवल पेन्डीमिथलीन नामक खरपतवारनाशक का बौवनी पूर्व ही प्रयोग करे।
 
(125 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
सितम्बरअक्तूबर 2017नवम्बर
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
2526272829301
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
303112345

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer