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विधिक साक्षरता शिविर का जिला जेल में किया गया अयोजन
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शहडोल | 12-अगस्त-2017
 
   मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार एवं जिला न्यायाधीश, अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शहडोल श्री आर के सिंह के निर्देशन में जिला जेल शहडोल में विचाराधीन बंदियों के मध्य बंदियों के अधिकार एवं प्लीबार्गेनिग विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में सर्व प्रथम प्रशिक्षु न्यायाधीश श्री पूर्णिमा सैयाम ने संबोधित करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति जन्म से अपराधी नही होता और न अपने से कारागार में आता है। परिस्थितिवश व्यक्ति से अपराध घटित हो जाते है। जिसके कारण व्यक्तियों को कारागार में रहना पड़ता है। बंदी भी मानव होते है। मानव होने के नाते उन्हे मूल अधिकार एवं मानव अधिकारों से वंचित नही किया जा सकता है। शिविर में उपस्थित अन्य प्रशिक्षु न्यायाधीश सुश्री आकांक्षा टेकाम ने बताया कारागार पाप भोगने का स्थान नहीं है बल्कि यह जाने अनजाने घटित हुए अपराध का प्रायश्चित करने का अवसर है।
   जिले के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री आर. प्रजापति ने बंदियों को विधिक सहायता प्राप्त करने के अधिकार से अवगत कराते हुए प्लीबार्गेनिग की प्रक्रिया से अवगत कराया उन्होने कहा कि सभी अभिरक्षाधीन बंदियों को विधिक सहायता प्राप्त कराई जाती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सदेव विधिक सलाह एवं सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है। प्लीबार्गेनिंग प्रक्रिया पर प्रकाश डालते हुए उन्होने कहा कि प्लीबार्गेनिंग दाण्डिक मामलो पर समझौते के माध्यम से निराकरण का एक अनुबंध है। कोई अभियुक्त जिसके खिलाफ न्यायालय में मामला चल रहा है और वह व्यक्ति 18 वर्ष से अधिक उम्र का है तथा जहॉ मामले का अपराध 7 वर्ष से अधिक के कारावास से दण्डनीय न हो वहॉ वह स्वेछा से प्लीबार्गेनिग के प्रावधान का प्रयोग करने के लिए सपथ पत्र के द्वारा उस न्यायालय में आवेदन कर सकता है, जहॉ उसका प्रकरण चल रहा हो।
   शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री बी.डी.दीक्षित द्वारा अभिरक्षाधीन बंदियों से प्रकरणों में अधिवक्ताओं के उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली गई तथा प्लीबार्गेनिंग एवं घारा 436 ए के आलोक में बंदियो के प्रकरणों की समीक्षा की गई। इस विधिक साक्षरता शिविर में जेल अधीक्षक श्री जी.एल.नेटी, जेल उप अधीक्षक श्री अरविंद खरे, मुख्य प्रहरी श्री रामभरोसे गौतम, पैरालीगल वालेन्टियर श्री उमाशंकर गौतम, प्रहरी सूरज सिंह भदौरिया एवं अन्य जेल स्टाफ तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कर्मचारी उपस्थित रहे। इस विधिक साक्षरता शिविर से लगभग 140 बंदी लाभन्वित हुए।
 
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