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नर्मदा तट बसे लोगों को एनडीआरएफ ने मॉक ड्रिल द्वारा सिखाये बचाव के तरीके
धरमपुरी के बेट संस्थान में आपदा प्रबंधन कार्यशाला सम्पन्न
धार | 12-अगस्त-2017
 
   
   जिले में एनडीआरएफ व आर्मी महू की टीम द्वारा नर्मदा नदी के किनारे बसे गांव के लोगों को बाढ़ आपदा में राहत बचाव कार्य व स्वयं को सुरक्षित रखने के उपायों हेतु आपदा प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन शनिवार 12 अगस्त 2017 को धरमपुरी के बैट संस्थान में किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री श्रीमन् शुक्ला, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री आर.के. चौधरी, अपर कलेक्टर श्री डी.के. नागेन्द्र, अनुविभागीय अधिकारीगण राजस्व, तहसीलदारगण, 11 एनडीआरएफ टीम के डिप्टी कमाण्डेट श्री निरज कुमार, आर्मी के केप्टन श्री शाशिकांत, कंपनी कमाण्डर श्री बुद्धाराम देवासी, होमगार्ड धार के डिस्ट्रीक कमाण्डेट श्री बौरासी सहित जनपदों के सीईओ, पुलिस, राजस्व अधिकारी, पत्रकारगण तथा बड़ी संख्या में धरमपुरी के गणमान्य नागरिक मौजूद थे।
   कार्यशाला में आर्मी के केप्टन श्री शाशिकांत व उनकी टीम तथा एनडीआरएफ के कंपनी कमाण्डर श्री बुद्धाराम देवासी व उनकी टीम ने बाढ़ के दौरान राहत एवं बचाव कार्य के तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होने बताया कि किस तरह रोजमर्रा की सामग्री से बचाव के उपकरण बनाए जा सकते है। घरेलु बर्तन, खाली प्लास्टिक की बोतले, टायर-ट्यूब, थर्माकोल, एयर पिलो इत्यादि की मदद से बाढ़ के दौरान लोगों को कैसे बचाया जा सकता है, इसका प्रदर्शन भी किया गया। साथ ही बचाव कार्य में उपयोग में लाई जाने वाली रस्सी पर गठान बांधने के तरीके भी बताए गए। कार्यक्रम में बाढ़ के समय होने वाली स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों एवं उससे बचाव की सावधानियों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। कार्यशाला में कलेक्टर एवं अन्य अधिकारियों ने आपदा प्रबंधन के दौरान उपयोग में लाने वाली उपकरणों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
मॉक ड्रिल द्वारा सिखाये बचाव के तरीके  
   कार्यशाला के पश्चात नदी में नाव पलटने के दौरान बचाव कार्य व आवश्यक प्राथमिक उपचार का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान अचानक यात्रियों से भरी एक नाव नदी में पलट गई और उसमें बैठे लोग नदी के तेज बहाव में डूबने लगे और मदद की गुहार लगाने लगे। यह देख स्थानीय लोग भयभीत हो गए, लेकिन तभी अचानक एनडीआरएफ के बचावकर्मी अपनी मोटर नाव पर सवार होकर डूबते लोगों की सहायता करने पहुंचे। उस समय प्रदर्शन देख रहे लोगों ने राहत की सांस ली, तब एनडीआरएफ के टीम कमाण्डर ने बताया कि यह तो एक नाटकीय दृश्य है और मॉक ड्रिल का हिस्सा है। तुरंत कार्यवाही करते हुए एनडीआरएफ के बचावकर्मियों ने सभी लोगों को विभिन्न तैराकी तकनीक जैसे, हेड टो, आर्म टो, व लाइफ बॉय, लाइफ जैकेट आदि की सहायता से डूबते लोगों को बचाया और नदी किनारे स्थित मेडिकल कैंप में ले आये। इस मेडिकल कैंप में तैनात एनडीआरएफ की मेडिकल टीम ने बिना समय गंवाए सभी प्रभावित लोगों को प्राथमिक उपचार दिया और नजदीकी अस्पताल में भर्ती किया।
   कलेक्टर ने आपदा प्रबंधन कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। साथ ही मॉक ड्रिल के दौरान उपस्थित सभी जनसामान्य से अनुरोध किया कि वे एनडीआरएफ द्वारा बताई गई तकनीकों को ग्रहण कर बाढ़ एवं आपदा के समय लोगों की सहायता करें।
(11 days ago)
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