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बुजुर्ग तीर्थयात्रियों ने कहा मुख्यमंत्री निभा रहे हैं श्रवण कुमार की भूमिका
मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तीर्थयात्रियों का जिला स्तरीय सम्मेलन सम्पन्न
नरसिंहपुर | 03-सितम्बर-2017
 
   
    मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को लागू हुये 5 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। इस योजना में अब तक नरसिंहपुर जिले के लगभग 8 हजार बुजुर्गों को इसका लाभ मिला है। योजना में सभी धर्मों के 17 पवित्र स्थानों को शामिल किया गया है। योजना के 5 वर्ष पूर्ण होने पर तीर्थयात्रियों का जिला स्तरीय सम्मेलन जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित किया गया। सम्मेलन में तीर्थ यात्रियों का सम्मान किया गया और योजना को अधिक प्रभावी व उपयोगी बनाने के लिए तीर्थ यात्रियों से उनके अनुभव और सुझाव प्राप्त किये गये। सम्मेलन में जिले के विभिन्न स्थानों से पहुंचे बुजुर्ग तीर्थ यात्रियों ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की भूरि- भूरि प्रशंसा की और कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान बुजुर्गों के लिए श्रवण कुमार की भूमिका निभा रहे हैं।
       कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. आरआर भोंसले, अपर कलेक्टर जे समीर लकरा, जनपद पंचायत नरसिंहपुर की अध्यक्ष अनुराधा धनीराम पटैल, नीरज महाराज, राजीव ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर जेपी सैयाम, एसडीएम महेश कुमार बमनहा, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और तीर्थ यात्री मौजूद थे।
       कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. भोंसले ने कहा कि राज्य शासन द्वारा लागू की गई मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को 5 वर्ष पूर्ण हो गये हैं। यह वरिष्ठजनों के लिए बहुत ही अच्छी योजना है। इसका लाभ वरिष्ठजनों को मिल रहा है। जिले में अब तक लगभग 8 हजार और पूरे प्रदेश में लगभग 5 लाख वरिष्ठजन इस योजना का लाभ ले चुके हैं। कलेक्टर ने तीर्थ यात्रियों से कहा कि इस योजना को और बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव दें। अपने सुझाव कलेक्ट्रेट में लगी सुझाव पेटी में भी डाल सकते हैं। कलेक्टर ने बताया कि राज्य शासन मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अलावा अन्य तीर्थ यात्राओं के लिए अनुदान उपलब्ध कराता है। इनमें कैलाश मानसरोवर यात्रा, अंगकोरवाट (कम्बोडिया) यात्रा एवं सीता मंदिर श्रीलंका की तीर्थ यात्रा के लिए व्यय का 50 प्रतिशत या अधिकतम 30 हजार रूपये की राशि राज्य शासन द्वारा दी जाती है। सिंधु दर्शन यात्रा के लिए व्यय का 50 प्रतिशत या अधिकतम 10 हजार रूपये की राशि दी जाती है।
       सम्मेलन में करेली बस्ती के पुरषोत्तम पटैल ने अपने अनुभव बताते हुए कहा कि उन्होंने योजना के अंतर्गत रामेश्वरम् के दर्शन किये। यात्रा के दौरान चाय- नाश्ता, भोजन आदि से लेकर डॉक्टर तक सरकार द्वारा की गई सभी व्यवस्थायें बहुत अच्छी थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान वरिष्ठजनों को तीर्थ दर्शन कराकर श्रवण कुमार की भूमिका निभा रहे हैं। ऐसा ही कुछ कहना था शिरडी की तीर्थ यात्रा करने वाले होतीलाल मेहरा का। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्होंने बुजुर्गों की इच्छा का सम्मान किया है और तीर्थ दर्शन योजना प्रदेश में लागू की। बरगी कॉलोनी के नन्हेलाल उपाध्याय ने बताया कि उन्होंने जगन्नाथपुरी के दर्शन किये। इससे उन्हें शांति का अनुभव हुआ। तीर्थ यात्रा के दौरान की गई सभी व्यवस्थायें बहुत अच्छी थी।
       नरसिंहपुर की रंजना आनंद ने कहा कि यात्रा के दौरान बुजुर्ग तीर्थ यात्रियों को नहाने की व्यवस्था होना चाहिये। बुजुर्ग महिला तीर्थ यात्रियों के लिए नहाने की उपयुक्त व्यवस्थायें उपलब्ध हों। एक तीर्थ यात्री द्वारा यह सुझाव दिया गया कि तीर्थ यात्रियों का कोटा बढ़ाया जाये और जीवन काल में एक बार तीर्थ यात्रा के अवसर को चारों धाम की यात्रा करने तक बढ़ाया जाये।
   सम्मेलन में जनपद पंचायत नरसिंहपुर की अध्यक्ष अनुराधा धनीराम पटैल, अपर कलेक्टर श्री लकरा व नीरज महाराज ने अपने- अपने विचार व्यक्त किये।
   उल्लेखनीय है कि राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में मध्यप्रदेश के मूल निवासी 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक, जो आयकर दाता नहीं हों, अपने जीवन काल में एक बार प्रदेश के बाहर के 17 तीर्थ स्थानों, इनमें बद्रीनाथ, श्री केदारनाथ, श्री जगन्नाथपुरी, द्वारका पुरी, हरिद्वार, अमरनाथ, वैष्णोदेवरी, शिरडी, तिरूपति, अजमेर शरीफ, काशी (वाराणासी), गया, अमृतसर, रामेश्वरम्, सम्मेद शिखर, श्रवणलगोला, बेलांगणी चर्च, नागापट्टनम (तमिलनाडू) में से किसी एक स्थान की यात्रा कर सकते हैं। यात्रा का व्यय राज्य सरकार उठाती है।
(20 days ago)
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