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जिला स्तरीय पोषण आनंद मेला और पोषण जागरूकता परिचर्चा संपन्न
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छिन्दवाड़ा | 07-सितम्बर-2017
 
 
   क्षेत्रीय विधायक श्री चौधरी चन्द्रभान सिंह के मुख्य आतिथ्य में आज शासकीय राजमाता सिंधिया कन्या महाविद्यालय छिन्दवाडा में जिला स्तरीय पोषण आनंद मेला और पोषण जागरूकता परिचर्चा संपन्न हुई। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री जे.के.जैन, नगर निगम अध्यक्ष श्री धर्मेन्द्र मिगलानी और अन्य जनप्रतिनिधि, एकीकृत बाल विकास सेवा के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री एम.एल.मेहरा, अन्य संबंधित विभागो के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में महिलायें उपस्थित थी।
   कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं विधायक श्री सिंह ने कहा कि सामान्यत: अपनी जीभ के स्वाद के कारण हम बिना पोषक तत्व वाले खाद्य पदार्थो का सेवन करते है जिससे हमारे शरीर को पर्याप्त पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं। इस संबंध में समाज में जागृति लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि 40-45 प्रतिशत महिलाये एनीमिक मिलेंगी, जबकि उन्हें पर्याप्त विटामिन और पोषक तत्वों का सेवन करना चाहिए जिससे उनके शरीर में खून की कमी दूर हो सके। उन्होंने कहा कि महिलाये यदि गर्भवती है और कुपोषित है तो उनके बच्चे भी कुपोषित होंगे, जबकि बच्चे भारत का भविष्य है और उन्हें पर्याप्त पोषक तत्व मिलना चाहिए।
   कलेक्टर श्री जैन ने परिचर्चा में कहा कि संतुलित आहार अच्छा पोषण देता है विशेषकर 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को संतुलित आहार मिलना चाहिए, क्योंकि हमारे देश में लगभग 40 प्रतिशत मौतें कुपोषण से होती है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि देश में कितना कुपोषण है। उन्होंने कहा कि बच्चे के जन्म के एक घंटे के भीतर उसे ब्रेस्ट फीडिंग कराया जाना चाहिए जो बच्चे के लिये अत्यधिक हितकर है। उन्होंने कहा कि हमें अब यह समझ लेना चाहिए कि संतुलित आहार नहीं देने से बच्चों और महिलाओं को क्या-क्या परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि कभी-कभी पिता अपने बच्चे को गोद में लेकर चलते जाते है और बिड़ी पीते है जिसके धुएँ से बच्चे का स्वास्थ्य प्रभावित होता है। इससे बच्चों को बचाना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यक्ति की वास्तविक सोच मे परिवर्तन करना आवश्यक है। हम गंदा व फ्लोराइडयुक्त या बोतल बंद पानी पी रहे है, इस अंतर को मिटाना है। सामान्य तौर पर हमें सफाई का स्तर बनाये रखना चाहिए और सुपोषण, स्वच्छता, टीकाकरण आदि के लिये प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमेशा यह ध्यान रखें कि हम जो चीज करते है, अंतत: वह लौटकर हमारे पास आती है। जिला स्तर पर आयोजित कार्यशाला मे जो संदेश दिये जाते है, उसे आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता और अन्य महिलायें एक संदेशवाहक के रूप में गांव-गांव तक पहुंचायें। उन्होंने कहा कि एन.आर.सी. के प्रति रूचि जागृत करें जिससे बच्चों के कुपोषण को दूर किया जा सके। हमारा प्रयास इस दिशा में होना चाहिए कि ज्यादा से ज्यादा समाज के लोगों को लाभ मिले।
   राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के अंतर्गत परिचर्चा में पोषण जागरूकता पर चर्चा करते हुए कहा गया कि संतुलित आहार नहीं मिलने से कई प्रकार की बीमारियां होती है तथा वर्तमान में सेहत सस्ती, किन्तु बीमारी महंगी है। परिचर्चा में बताया गया कि छिन्दवाड़ा में कई प्रकार की सब्जियां उत्पादित होती है जो प्रोटीन, विटामिन और पोषक तत्वों से भरपूर है तथा फलों के उत्पादन में भी जिले की स्थिति बहुत अच्छी है। कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिक श्री एस.डी.सावरकर ने बताया कि कैल्शियम का सबसे अच्छा स्त्रोत मुनगा है। परिचर्चा मे अन्य व्यक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम का संचालन श्री नरेन्द्र शक्रवार ने किया।  
 
(16 days ago)
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