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खरीफ 2017 के लिए भावांतर भुगतान योजना में किसानों का पंजीयन प्रारंभ
11 सितम्बर से 11 अक्टूबर तक किसानों का होगा पंजीयन, अंतर के भुगतान की राशि किसानों के खाते में सीधे पहुंचेगी
नरसिंहपुर | 11-सितम्बर-2017
 
   मध्यप्रदेश में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए पायलट आधार पर खरीफ 2017 के लिए किसान कल्याण एवं कृषि विभाग ने भावांतर भुगतान योजना लागू की है। इस योजना में अधिसूचित कृषि उपज मंडी प्रांगण में किसान द्वारा चिन्हित फसल उपज का विक्रय किये जाने पर राज्य शासन ने घोषित मॉडल विक्रय दर और भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर की राशि किसानों को भुगतान करने का निर्णय लिया है। अंतर के भुगतान की राशि किसानों के खाते में सीधे जमा की जायेगी। यह जानकारी कलेक्टर डॉ. आरआर भोंसले की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सोमवार को सम्पन्न बैठक में दी गई।
   बैठक में कलेक्टर ने भावांतर भुगतान योजना के जिले में सुचारू क्रियान्वयन के लिए आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए अधिकारियों और मैदानी अमले को निर्देशित किया। बैठक में विधायक जालम सिंह पटैल विशेष रूप से मौजूद थे।
   बैठक में बताया गया कि भावांतर भुगतान योजना में खरीफ 2017 में सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग, उड़द एवं तुअर की फसलें ली गई हैं। इन फसलों के लिए किसानों का योजना में 11 सितम्बर से 11 अक्टूबर तक भावांतर भुगतान योजना के पोर्टल में पंजीयन किया जायेगा। इस संबंध में नरसिंहपुर जिले में गेंहूं एवं धान उपार्जन के लिए निर्धारित 72 खरीदी केन्द्रों पर किसानों का नि:शुल्क पंजीयन किया जायेगा। प्रत्येक किसान को पोर्टल पर पंजीयन के पश्चात पंजीयन क्रमांक उपलब्ध कराया जायेगा तथा एसएमएस से पंजीकृत किसान को मोबाइल पर भी पंजीयन क्रमांक की सूचना दी जायेगी।
पंजीयन के लिए किसान अपने साथ आवश्यक दस्तावेज लायें
   पंजीयन के लिए किसान जब पंजीयन केन्द्र पर आयें, तो अपने साथ आधार नम्बर, परिवार की समग्र आईडी, बैंक का खाता नम्बर, आईएफएस कोड, मोबाइल नम्बर, भू- अधिकार ऋण पुस्तिका की स्वप्रमाणित प्रति आदि दस्तावेज अपने साथ अवश्य लायें।
   भावांतर भुगतान योजना में पंजीकृत किसानों की फसलों के मंडी में विक्रय की अवधि निर्धारित की गई है। यह अवधि तुअर के लिए एक फरवरी 2018 से 30 अप्रैल 2018 तक तथा सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग और उड़द के लिए 16 अक्टूबर 2017 से 15 दिसम्बर 2017 तक होगी। मॉडल विक्रय दर की गणना मध्यप्रदेश तथा दो अन्य राज्यों की मॉडल विक्रय दर का औसत होगा। योजना का लाभ पंजीकृत किसानों द्वारा मध्यप्रदेश में उत्पादित कृषि उपज का विक्रय अधिसूचित मंडी परिसर में किये जाने पर मिल सकेगा। योजना का लाभ जिले में विगत वर्षों की फसल कटाई प्रयोगों पर आधारित औसत उत्पादकता के आधार पर उत्पाद की सीमा तक की देय होगा।
   प्रदेश के किसानों को देय राशि की गणना में प्रावधान किया गया है कि यदि किसान द्वारा मंडी समिति परिसर में विक्रय की गई अधिसूचित फसल की विक्रय दर न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम, किंतु राज्य शासन द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर से अधिक हुई तो न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा किसान द्वारा विक्रय मूल्य की अंतर की राशि किसान के खाते में ट्रांसफर की जायेगी, यदि किसान द्वारा मंडी समिति परिसर में विक्रय की गई अधिसूचित फसल की विक्रय दर राज्य शासन द्वारा घोषित मॉडल विक्रय दर से कम हुई, तो न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा मॉडल विक्रय दर के अंतर की राशि ही किसानों के खाते में ट्रांसफर की जायेगी, परंतु यदि उपरोक्त में से किसी फसल उत्पाद के मॉडल विक्रय दर का औसत (तीन राज्यों का), यदि न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊपर रहेगा, तो उक्त फसल उत्पाद के लिए भावांतर भुगतान योजना लागू नहीं मानी जायेगी।
   भावांतर भुगतान योजना में नरसिंहपुर जिले के लिए मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) द्वारा पात्र किसानों को भुगतान किया जायेगा। भावांतर भुगतान योजना में निर्धारित विक्रय अवधि के बाद विक्रय अवसर प्रदान करने के लिए भावांतर भुगतान योजना में निर्धारित विक्रय अवधि के बाद तुअर के लिए एक मई 2018 से 30 अगस्त 2018 तक और सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, मूंग, उड़द एक जनवरी 2018 से 30 अप्रैल 2018 तक चार माह के किसान द्वारा लायसेंस युक्त गोदाम में अपने कृषि उत्पाद रखे जाने पर गोदाम भंडारण अनुदान राशि किसानों को दिये जाने का निर्णय लिया गया है। यह राशि निर्धारित भंडारण अवधि में मॉडल विक्रय दर न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम रहने की स्थिति में 7 रूपये प्रति क्विंटल, प्रति माह अथवा जो वास्तविक भुगतान किया गया है, दोनों में से जो भी कम हो, की दर से ऐसे किसानों के बैंक खाते में राशि जमा करवाई जायेगी।
   भावांतर भुगतान योजना के संबंध में जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति का गठन किया गया है।
   बैठक में अपर कलेक्टर जे समीर लकरा, जिला आपूर्ति अधिकारी वंदना जाट, उप संचालक कृषि सलिल धगट, उपायुक्त सहकारिता शकुन्तला ठाकुर, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम, जिला विपणन अधिकारी, सहायक एवं कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी, सचिव कृषि उपज मंडी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अधिकारी और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
 
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