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उड़द पर प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन
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देवास | 14-सितम्बर-2017
 
   कृषि विज्ञान केन्द्र देवास द्वारा ग्राम पोलाय जागीर में उड़द फसल पर प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गांव के किसानों ने भाग लिया एवं केन्द्र द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। कृषि विज्ञान केन्द्र देवास द्वारा पोलाय जागीर में उड़द फसल की उन्नत किस्म पीयू- 31 पर प्रदर्शनी लगा ई गई है। इस अवसर पर किसानों को कृषि वैज्ञानिकों द्वारा उड़द की फसल में नवीनतम जानकारी दी गई।
   कार्यक्रम में केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. ए.के. दीक्षित ने किसानों से एकल फसल पद्धति के स्थान पर बहुफसलीय पद्धति को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कृषकों से आग्रह किया कि वे समन्वित फसल प्रणाली को अपनाकर न केवल अपनी आय को बढ़ा सकते है। साथ ही प्रतिकूल मौसम से होने वाले नुकसान को कम कर सकते है। इसके साथ ही उन्होंने खेती में लागत को कम करने के लिये समन्वित पोषण तत्व प्रबंधन, समन्वित खरपतवार नियंत्रण एवं एकीकृत कीट प्रबंधन को अपनाने का आग्रह किया।
   कार्यक्रम में केन्द्र उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ. निषिथ गुप्ता ने किसानों से लहसुन की स्थानीय किस्म अमलेठा के स्थान पर उन्नत किस्म जी-282, जी-189, जी-40, जी-50, जी-323, जी-1 आदि किस्मों को लगाने की सलाह दी। उन्होंने प्याज एवं अन्य सब्जियों की उन्नत खेती के बारे में भी कृषकों को जानकारी दी। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे उद्यानिकी में हाई टैक तकनीक जैसे ड्रिप सिंचाई पद्धति एवं मल्चिंग को अपनाने की सलाह दी। जिससे की वे कम पानी तथा घुलनशील उर्वरकों का प्रयोग करके अपने उत्पादन को बढ़ा सके।         
   वैज्ञानिक कु. नीरजा पटेल ने किसानों से फसल विविधिकरण अपनाने की बात कही। खेती के साथ पशुपालन, मछली पालन व अन्य व्यवसाय अपनाकर अतिरिक्त आय अर्जित करने पर जोर दिया। अंकिता पाण्डेय ने कृषकों से कहा कि मशरुम उत्पादन एक बहुत अच्छा व्यवसाय है। किसानों को कुछ न कुछ विविधिकरण की आवश्यकता होती है। कृषि के साथ-साथ अच्छी आय अर्जित करना भी बहुत आवश्यक है। साथ ही उन्होंने खेती को फायदे का धंधा बनाना है तो बाजार भाव का अवश्य ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि किसानों को पूर्णतः खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए सवप्रर्थम उस का लेखा-जोखा रखना जरुरी है तभी किसान आगे बढ़ सकता है।
 
(163 days ago)
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