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मलेरिया उन्मूलन के तहत उच्च जोखिम क्षेत्रों में मच्छरदानी वितरित की गई
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मण्डला | 01-नवम्बर-2017
 
  
  विगत दिनों में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा कीटनाशक उपचारित दीर्घ अवधि तक असरदार मच्छरदानी (एल.एल.आई.एन.) वितरण किया गया है। यह मच्छरदानी बहुत असरदार हैं। जिन ग्रामवासियों के द्वारा मच्छरदानी का उपयोग नियमित और सही तरीकें से किया जा रहा हैं और सोते समय लगाया जा रहा हैं, उनमें मलेरिया की कमी पाई गई हैं। मंडला जिला की भौगोलिक संरचना के चलते विगत वर्षो से मलेरिया का अत्यधिक प्रभाव रहा हैं, जिसके चलते यहां के उच्च जोखिम क्षेत्र में मच्छरदानी वितरित किया गया हैं। इन मच्छरदानी को ग्राम वासियों द्वारा सही तरीकें से उपयोग करने हेतु नियमित निगरानी मलेरिया विलोपन डिमोस्ट्रेशन परियोजना के कर्मचारी द्वारा किया जा रहा हैं। साथ ही ग्रामवासियों से स्वास्थ्य विभाग व परियोजना के तहत प्रेरित किया जा रहा है कि  सोते समय हमेशा कीटनाशक उपचारित मच्छरदानी का उपयोग करें। मच्छरदानी के चारों कोनों की रस्सी को अच्छी तरह बांध कर रखें, ताकि अंदर हवा आ पाए तथा निचले हिस्से को गद्दे या चटाई के नीचे दबा दें। इस मच्छरदानी का असर 20 बार धोने तक रहता है।  इसे हल्के हाथों से साफ पानी में ना चाहिए और धोने के बाद हमेशा छाव में सुखाना चाहिए। धूप में सुखाने से इसका असर कम होने लगता हैं। अतः धूप में कभी ना सुखायें व धोते समय पत्थर पर ना पटकें। मच्छरदानी का उपयोग मछली पकडने में ना करें और ना ही इसे किसी और को बेचें। परियोजना के कार्यकर्ता समय-समय पर इसकी जांच हेतु आते रहेंगे जिन्हें मच्छरदानी अवश्य रूप में दिखायें तथा इनके द्वारा दिए गए समझाईश का पालन करें। मच्छरदानी का शत प्रतिशत सही इस्तेमाल होगा तभी मलेरिया के प्रकरण में मुक्ति आएगी और मलेरिया मुक्त ग्राम बनेगा। मलेरिया विलोपन डिमांस्टेंशन परियोजना (एम.ई.डी.पी) - आई.सी.एम.आर., मध्यप्रदेश सरकार और फाउंडेशन फॉर डिजीस एलीमिनेशन एंड कंट्रोल ऑफ इंडिया‘ के बीच मंडला को मलेरिया मुक्त करने के लिए सरकारी निजी कंपनी भागीदारी परियोजना है।
(175 days ago)
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