समाचार
|| राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को सौंपे गये विभिन्न शाखाओं के दायित्व || अजा-अजजा के युवाओं को दिया जायेगा पीएससी परीक्षा का नि:शुल्क प्रशिक्षण || दिशा की बैठक 28 अप्रैल को || मुख्यमंत्री श्री चौहान आज इन्दौर में || इन्दौर की सरस्वती नदी की साफ-सफाई, गहरीकरण करने, वृक्षारोपण तथा सौंदर्यीकरण का कार्य किया जायेगा || लम्बित पेंशन प्रकरणों का समयसीमा में निराकरण नहीं करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के विरूद्ध होगी कार्यवाही || स्वास्थ्य विभाग का जच्चा-बच्चा टीकाकरण अभियान शुरू || मान्यता नवीनीकरण हेतु आवेदन 30 जून तक करें || सैनिकों की सामान्य एवं ट्रेडमैन कैटेगरी की भर्ती 1 मई एवं 28 मई को || ट्रेडमैन कटेगरी की भर्ती 1 मई को लखनऊ में
अन्य ख़बरें
अनूपपुर जिले में प्रथम बार स्ट्रॉबेरी उत्पादन का अभिनव प्रयास "सफलता की कहानी"
जिले के 10 किसानों ने आत्मा परियोजना की मदद से शुरु की स्ट्रॉबेरी की खेती
अनुपपुर | 09-जनवरी-2018
 
 
     कृषि के क्षेत्र में लगातार हो रहे अनुसंधानों तथा राज्य शासन द्वारा खेती को लाभ का धंधा बनाने हेतु शुरु की गई मुहिम के तहत अनूपपुर जिले में भी आत्मा परियोजना द्वारा अभिनव प्रयास करते हुए पुष्पराजगढ़, अनूपपुर, कोतमा एवं जैतहरी के 10 किसानों के खेतों में स्ट्रॉबेरी उद्यानिकी फसल की शुरुआत की गई है। इस फसल का चयन अनूपपुर जिले में जलवायु की अनुकूलता के आधार पर प्रायोगिक तौर पर किया गया। सामान्य रूप से ठंडे क्षेत्रों में स्ट्रॉबेरी की बुवाई जुलाई-अगस्त माह में की जाती है। अनूपपुर जिले में इस हेतु उपयुक्त जलवायु अक्टूबर-नवंबर महीने में आती है। इसलिए स्ट्रॉबेरी की बुवाई अक्टूबर माह में की गई। यह 6 माह की फसल होती है। एक बार फसल रोपित करने पर 3-4 बार फल प्राप्त होते हैं।
    कलेक्टर श्री अजय शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न आत्मा परियोजना की बैठक में अभिनव प्रयास के तहत स्ट्रॉबेरी खेती का निर्णय लिया गया था। जिसको अमली जामा पहनाते हुए कृषि विभाग द्वारा 10 किसानों का चयन किया जाकर 5 दिवसीय प्रशिक्षण हेतु माता गुजरी कॉलेज फतेहगढ़ साहिब पंजाब भेजा गया था। प्रशिक्षण के पश्चात् किसानों को स्ट्रॉबेरी की खेती हेतु मनोवैज्ञानिक रूप से तैयार किया गया। प्रदर्शन के रूप में आत्मा परियोजना द्वारा किसानों को इनपुट के रूप में मल्चिंग, रनर (पौधे) हिमाचल प्रदेश के सोलन से मगाकर दिए गए। इसके साथ ही उन्हें जैविक उर्वरक एवं तकनीकी मार्गदर्शन सतत् रूप से आत्मा परियोजना के बीटीएम श्री ज्योति रावत द्वारा दिया जा रहा है।
    किसानों को स्ट्रॉबेरी की खेती करने हेतु तैयार करने की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है। जब आत्मा परियोजना के बीटीएम द्वारा ग्राम ठोड़हा के उन्नत कृषक श्री सुरेश तिवारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि हम तो पहले से ही टमाटर का उत्पादन कर 10 ढिसमिल में 10 हजार रु. तक कमा लेते हैं। अब रिस्क लेने की गुंजाईश नहीं है। लगातार समझाईश एवं प्रशिक्षण के बाद वे स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए तैयार हुए। उनकी 10 ढिसमिल जमीन पर प्रदर्शन के रूप में एक हजार पौधे रोपित किए गए।
    अब फसल फलने-फूलने लगी है। स्ट्रॉबेरी के लाल रंग के फल पौधे पर झूमते नजर आते हैं। फसल आने के बाद उसके विक्रय का बंदोबस्त आसपास के बाजारों क्रमशः कोतमा, भालूमाड़ा, बिजुरी, मनेन्द्रगढ़, अंबिकापुर में की जा रही है। उप संचालक कृषि ने बताया कि स्ट्रॉबेरी के फल का स्वाद खटमिट्ठा होने से लोग पसंद करते हैं। व्यापारिक तौर पर उत्पादन शुरु होने पर इसके फलों का उपयोग स्ट्रॉबेरी आईसक्रीम में फ्लेवर हेतु भी किया जाता है। जिसके कारण बड़े शहरों में काफी मांग होती है। आपने बताया कि शहरी क्षेत्रों के मॉलों में स्ट्रॉबेरी के 200 ग्राम के पैकेट की कीमत 80 रु. है। इस तरह जिन किसानों ने स्ट्रॉबेरी की खेती शुरु की है, उन्हें जहां 10 ढिसमिल में उद्यानिकी फसलों से 10 हजार रु. की आय होती थी, अब वह आय बढ़कर एक लाख रु. तक होने की संभावना है। स्ट्रॉबेरी में विटामिन सी(स्कॉर्बिक एसिड) प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। इसके अतिरिक्त प्रोटीन एवं कार्बोहाइड्रेट भी पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं।
    कलेक्टर श्री अजय शर्मा तथा सीईओ जिला पंचायत श्री के.व्ही.एस. चौधरी ने ग्राम ठोड़हा विकासखंड कोतमा के कृषक श्री सुरेश तिवारी के खेत में जाकर अनुभवों को साझा किया। श्री सुरेश तिवारी काफी उत्साहित दिखे तथा उन्होंने अगले सीजन में स्ट्रॉबेरी की खेती एक एकड़ तक विस्तारित करने की बात कही।   
 
(106 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
मार्चअप्रैल 2018मई
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
2627282930311
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
30123456

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer