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जिले में सामाजिक समरसता का संदेश देकर एकात्म यात्रा छिंदवाड़ा रवाना
यात्रा को दी भावभीनी विदाई
नरसिंहपुर | 12-जनवरी-2018
 
 
   भारत की सांस्कृतिक, धार्मिक एवं आध्यात्मिक एकता के महान दार्शनिक, संत, संस्कृत, साहित्यकार, अद्वैत वेदांत के प्रणेता आदि गुरू शंकराचार्य के अतुलनीय योगदान के बारे में जनजागरण करने और औंकारेश्वर में उनकी प्रतिमा के लिए धातु संग्रहण करने के उद्देश्य से एकात्म यात्रा का आयोजन पूरे प्रदेश में किया जा रहा है।
   इसी क्रम में एकात्म यात्रा का नरसिंहपुर जिले में प्रवेश 9 जनवरी को हुआ। जिले के विभिन्न शहरों, कस्बों और ग्रामों में सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए एकात्म यात्रा शुक्रवार 12 जनवरी को नरसिंहपुर जिले से छिंदवाड़ा जिले की ओर रवाना हो गई। इस दिन एकात्म यात्रा का ध्वज यात्रा के प्रदेश संयोजक डॉ. जितेन्द्र जामदार ने और यात्रा के जिले के संयोजक उदय ठाकुर ने पादुकायें छिंदवाड़ा जिले के जनप्रतिनिधियों एवं साधु- संतों को छिंदवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत परतापुर के ग्राम कुंडाली में सौंपी।
   एकात्म यात्रा प्रदेश के 4 स्थानों औंकारेश्वर (खंडवा), उज्जैन, पचमठा (रीवा) और अमरकंटक (अनूपपुर) से एक साथ 19 दिसम्बर से निकाली जा रही है। ये सभी एकात्म यात्रा औंकारेश्वर पहुंचेंगी, जहां आदि शंकराचार्य की प्रतिमा की स्थापना के लिए 22 जनवरी को भूमिपूजन/शिलान्यास किया जायेगा। पूरे प्रदेश से एकत्रित धातु कलश एवं गांव की मिट्टी का उपयोग प्रतिमा के निर्माण में किया जायेगा।
आदि शंकराचार्य ने देश को एक सूत्र में बांधा
   एकात्म यात्रा ने जिले में सामाजिक समरसता का संदेश दिया और इस दिशा में आदि गुरू शंकराचार्य के अतुलनीय योगदान से लोगों को अवगत कराया। यात्रा के दौरान साधु- संतों और जनप्रतिनिधियों द्वारा लोगों को बताया गया कि आदि गुरू का एकात्मवाद सम्पूर्ण विश्व को धर्म, पंथ, रंग, जाति, लिंग, प्रजाति एवं भाषा आदि की विविधताओं से परे एक सूत्र बांधने का दर्शन है। आदि गुरू शंकराचार्य ने भारत को सांस्कृतिक एकता में बांधने का महान कार्य किया। भारतीय संस्कृति के विस्तार में भी इनका अमूल्य योगदान रहा है।
विभिन्न ग्रामों से गुजरी एकात्म यात्रा
   जिले में यात्रा के अंतिम दिन शुक्रवार को एकात्म यात्रा के ध्वज एवं पादुकाओं का पूजन गाडरवारा में विधायक गोविंद सिंह पटैल ने किया और यात्रा को आगे की ओर रवाना किया। इसके बाद यात्रा गाडरवारा से कौंड़िया से बोहानी से करपगांव से चीकसा से खमरिया से आमगांवबड़ा से बारहाछोटा से खिरिया से निवारीपान से सिंहपुरबड़ा से लोकीपार से बरखेड़ा से जैतपुर होते हुए छिंदवाड़ा जिले के लिए रवाना हुई। इन सभी स्थानों और मार्ग के बीच में पड़ने वाले गांवों एवं आसपास के गांवों के लोगों ने यात्रा को भावभीनी विदाई दी।
यात्रा का हुआ जगह-जगह स्वागत
   यात्रा के अंतिम दिन जगह-जगह यात्रा को ध्वज एवं पादुकाओं पर पुष्पवर्षा कर उनकी पूजन श्रद्धापूर्वक की गई। यात्रा के पहुंचने के पहले लोग बड़ी उत्सुकता से यात्रा की प्रतीक्षा कर रहे थे। धातु कलशों का संग्रहण कर रखा गया था। इन धातु में गांव की मिट्टी रखकर उन्हें लाल कपड़े से बांधा गया था। तोरण द्वार बनाये गये थे। रांगोली सजाई गई थी और सड़क पर सुस्वागतम लिखकर यात्रा की अगवानी की गई। महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर यात्रा की अगवानी की। मंगल शंख ध्वनि से यात्रा का जगह- जगह स्वागत किया गया। महिलायें, युवा, बुजुर्ग, बच्चे सभी यात्रा में शामिल हुए।
लोगों को दिलाया संकल्प
   इस दौरान विभिन्न स्थानों पर लोगों को संकल्प दिलाया गया कि जीव, जगत एवं जगदीश के मूलभूत एकात्म भाव को आत्मसात कर स्वयं को उन्नत करूंगा और इस एकात्मता के जरिये एक बेहतर समाज, राष्ट्र एवं विश्व को निर्मित करने में अपना योगदान दूंगा। इस संकल्प को उपस्थित सभी लोगों ने दोहराया।
आमगांव बड़ा में यात्रा का भव्य स्वागत
   आमगांव बड़ा में एकात्म यात्रा का भव्य स्वागत गाजे- बाजे से किया गया। यहां विधायक जालम सिंह पटैल पादुकाओं को श्रद्धापूर्वक सिर पर रखकर कुछ दूर तक पैदल चले। यात्रा के आगे- आगे बग्घियां चल रही थी, जिनमें कन्यायें बैठी थी। यात्रा के आगे- आगे कलाकार आदि शंकराचार्य एवं उनके शिष्यों की वेशभूषा में ध्वज लेकर चल रहे थे।
   एकात्म यात्रा के जिले में अंतिम दिन विधायक गोविंद सिंह पटैल, संजय शर्मा एवं जालम सिंह पटैल, जिला पंचायत अध्यक्ष संदीप पटैल, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष वीरेन्द्र फौजदार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी आरपी अहिरवार, राकेश उदेनिया, उदय ठाकुर, रग्घु भैया, धनीराम पटैल और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन अलग- अलग स्थानों पर कार्यक्रम में शामिल हुए। साथ ही जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुओं ने एकात्म यात्रा के ध्वज और पादुकाओं की पूजन की और श्रद्धापूर्वक पादुकायें सिर पर रखकर पैदल चले।
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