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सरसों की खेती से हुई आय में वृद्धि
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मण्डला | 13-जनवरी-2018
 
 
   कृषक श्री मुकेश झारिया पिता श्री महेश झारिया ग्राम पालासुंदर विकासखण्ड नैनपुर जिला मण्डला पूर्व में पारम्परिक तरीके से धान, गेहूं एवं सब्जी में टमाटर की खेती करता रहा। जिससे धान एवं गेहूं में 7-8 क्विंटल ही उपज प्राप्त हो पा रही थी। जो सिर्फ श्री मुकेश झारिया के परिवार के खाने के लायक ही होती थी। उन्हें अपनी उपज से कोई भी आमदनी नहीं हो पा रही थी। परिवारिक भरण पोषण के लिए उन्हें अपनी कृषि कार्य को छोड़कर मजदूरी करना पडता रहा। श्री मुकेश झारिया को शिक्षा की उचित योग्यता के बाद भी खेती के साथ साथ अपने ग्राम से बाहर जाकर मजदूरी करना भी पड़ा। फिर इसके बाद कृषि विभाग एवं आत्मा विभाग से समय समय पर प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम में श्री मुकेश द्वारा भाग लिया जाने लगा। भाग लेने के उपरांत उन्होंने जाना कि  कम लागत पर अधिक से अधिक उपज प्राप्त किया जा सकता है। श्री मुकेश ने ए टी एम नैनपुर श्री राय सिंह सोलंकी के तकनीकी मार्गदर्शन से उन्नत खेती शुरू करना प्रारंभ किया। जिसमें पहले रबी मौसम में सरसों की श्रीविधि से खेती करना प्रारंभ किया गया। यह श्री मुकेश का पहला अनुभव रहा। जिसके द्वारा उन्हे सरसों की श्रीविधि से एक एकड़ में 08 क्विंटल उपज प्राप्त हुई। जिसका उत्पादन पहले की अपेक्षा ढाई गुना ज्यादा प्राप्त हुआ। इसके बाद श्री मुकेश के द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन से खेती करना प्रारंभ किया। इसके परिणामस्वरूप धान, गेहूं, सरसों एव अन्य मौसमी फसलें, सब्जी की खेती श्री मुकेश द्वारा की गई। उन्हें आत्मा परियोजना के कृषि विभाग से फसल उत्पादन तकनीकी अपनाने से फसल उत्पादन में बढोत्तरी हुई, जिससे अधिक मात्रा में उपज प्राप्त होने लगी। जिनका उन्हें बाजार मूल्य भी प्राप्त होने लगा एवं परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ। श्री मुकेश झारिया की सफलता को देखते हुए ग्राम के अन्य कृषक भाई भी तकनीकी एवं फसल पद्धति में रूचि लेने लगे है। कृषि विभाग द्वारा समय समय पर तकनीकी मार्गदर्शन से उपज में बढोत्तरी हो रही है।
(5 days ago)
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