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शुद्ध पेयजल की उपलब्धता से जन स्वास्थ्य में हुआ सुधार (सफलता की कहानी)
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छिन्दवाड़ा | 13-फरवरी-2018
  
 
   आम जनता को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाना आज के समय में एक कठिन चुनौती है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा इस चुनौती को स्वीकार करते हुये शुद्ध पेयजल आपूर्ति के संबंध में संवेदनशीलता के साथ पेयजल गुणवत्ता खराबी का स्वयं संज्ञान लेते हुये शुद्ध पेयजल प्रदाय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया गया है जिससे आम जनता को अब शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है। स्वीकार योग्य सीमा से अधिक फ्लोराईड की मात्रा वाले क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल प्राप्त होने से अब जन स्वास्थ्य मे सुधार हुआ है जिससे ग्रामवासी प्रसन्न है।
   जिले में ग्रामीण पेयजल प्रदाय व्यवस्था भूमिगत जल स्त्रोतों पर आधारित है। भू-जल के अत्यधिक दोहन एवं जिले की भू-गर्भीय संरचना के परिणामस्वरूप पानी की गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ा है। अनेक ग्रामीण बसाहटों में भू-जल में फ्लोराईड की मात्रा स्वीकार योग्य सीमा से अधिक पाये जाने के कारण ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल प्राप्त करने के लिये भटकना पड़ रहा था और कहीं-कहीं प्रदूषित पानी के सेवन के कारण जन स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा था। इस संबंध में कलेक्टर श्री जे.के.जैन द्वारा दिये गये निर्देशों के परिपालन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा शुद्ध पेयजल आपूर्ति के संबंध में संवेदनशीलता के साथ पेयजल गुणवत्ता खराबी का संज्ञान लेते हुये शुद्ध पेयजल प्रदाय करने की दिशा में जिले की प्रभावित बसाहटों में हैण्डपंप आधारित 416 डी-फ्लोरिडेशन संयंत्रों की स्थापना कराई गई तथा स्थापना के बाद 5 वर्षों के लिये संयंत्रों का संधारण कार्य भी संबंधित एजेंसी के माध्यम से कराया जा रहा हैं जिससे दीर्घ अवधि तक शुद्ध पेयजल मिलता रहे।
   इसी प्रकार बड़े ग्रामों में जहां नल-जल प्रदाय योजनाएं कार्यरत हैं, ऐसे 14 ग्रामों के फ्लोराईड प्रभावित योजना स्त्रोतों पर इलेक्ट्रोलाईटिक डी-फ्लोरिडेशन प्लाण्ट्स की स्थापना द्वारा शुद्ध पेयजल आपूर्ति बहाल की गई। हैण्डपंपों और पावर पम्पों पर स्थापित संयंत्रों के संधारण और उपचारित जल के प्रयोगशाला परीक्षण की भी नियमित व्यवस्था विभाग द्वारा की गई हैं। पेयजल समस्याओं का समय पर निदान कर ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में विभाग निरंतर प्रयासरत एवं सक्रिय है जिससे प्रभावित क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हो रही है।
(98 days ago)
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