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फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने के लिये उद्यमी आगे आएँ, सरकार हर संभव मदद करेगी – केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर
मध्यप्रदेश में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण के अवसर विषय पर ग्वालियर में शिखर सम्मेलन आयोजित, राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री कुशवाह की मौजूदगी में हुआ आयोजन
ग्वालियर | 05-मार्च-2021
 
     केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, कृषि एवं पंचायतीराज व ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा है कि ग्वालियर – चंबल अंचल प्रसंस्करण इकाईयों की स्थापना के लिहाज से अपार संभावनाओं वाला क्षेत्र है। इनका दोहन करके इस क्षेत्र के छोटे व मझौले किसानों की आर्थिक स्थिति को सशक्त किया जा सकता है।  सरकार की फूड प्रोसेसिंग योजनाओं का लाभ उठाकर उद्यमी इस क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण इकाईयाँ (फूड प्रोसेसिंग यूनिट) लगाने के लिये आगे आएँ। सरकार फूड प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द मंजूरी दे रही है। श्री तोमर ग्वालियर में आयोजित हुए खाद्य प्रसंस्करण शिखर सम्मेलन को वर्चुअल रूप से संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा खाद्य प्रसंस्करण से जुड़कर किसान भी समृद्ध होंगे। साथ ही उद्यमियों को भी बड़ा फायदा होगा। मध्यप्रदेश में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण के अवसर और समावेशी विकास के लिये निर्माण साझेदारी विषय पर शुक्रवार को यहाँ होटल रेडीसन में आयोजित हुए इस शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता प्रदेश के उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह ने की।
    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि आत्मनिर्भर पैकेज के तहत भारत सरकार फूड प्रोसेसिंग की 10 हजार छोटी इकाईयों की स्थापना में मदद देने का निर्णय लिया है। साथ ही कृषि अधोसंरचना पर भी सरकार एक लाख करोड़ रूपए खर्च करेगी। उन्होंने कहा कि ग्वालियर-चंबल अंचल सांस्कृतिक, पुरातात्विक, व्यापारिक क्षेत्र के साथ ही कृषि के क्षेत्र में भी समृद्ध है। यहां गेहूं और धान का उत्पादन तो अच्छा होता ही है दलहन व तिलहन और विशेषकर सरसों के उत्पादन, प्रसंस्करण की भी अपार संभावनाएं हैं। मुरैना, भिण्ड और ग्वालियर में तिलहन प्रसंस्करण के कई उद्योग सुचारू रूप से चल रहे हैं, लेकिन अब इसे और आगे बढ़ाने की जरूरत है।
    श्री तोमर ने कहा कि मुरैना जिला शहद की दृष्टि से भी अग्रणी है। नेफेड ने शहद का एक एफपीओ बनाया है, इसके माध्यम से गुणवत्ता युक्त शहद उत्पादन में वृद्धि, बेहतर पैकेजिंग-मार्केटिंग हो पाएगी। हमारे यहां का शहद देश के साथ दुनिया में भी बिके इसका प्रयास किया जा रहा है।
    केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर की पहल पर इस खाद्य प्रसंस्करण सम्मेलन में ग्वालियर एवं चंबल संभाग पर फोकस रहा। क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी सम्मेलन में साझा की गई। साथ ही उद्यमियों को बिजली और पानी की उपलब्धता, पर्याप्त भंडारण और निवेशकों के लिए परिवहन के बुनियादी ढांचे आदि के बारे में बताया गया। सम्मेलन में सरकार को व्यापार (B2 G), व्यापार से व्यापार (B2, B) बैठकें भी हुईं।
    केन्द्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, राज्य शासन, एसोचैम और इन्वेस्ट इंडिया की संयुक्त भागीदारी से आयोजित हुए इस शिखर सम्मेलन में विभिन्न फूड प्रोसेसिंग इकाईयों मसलन डाबर, पतंजलि, साँची, आनंद डेयरी व कोकोकोला सहित अन्य कंपनियों एवं फ्लिपकार्ड जैसी खुदरा व्यापार कंपनियों ने हिस्सा लिया। साथ ही खाद्य उत्पादक संगठन, स्व-सहायता समूह व पीएमएफएमई में पंजीकृत उद्यमियों ने अपनी-अपनी खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों के उत्पादों की जानकारी और भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया।
दस हजार नए एफपीओ पर सरकार 6 हजार 865 करोड़ खर्च करेगी  
    केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर ने शिखर सम्मेलन में जानकारी दी कि किसानों की समृद्धि के लिये भारत सरकार 10 हजार नए एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) बनायेगी। इन एफपीओ पर सरकार द्वारा 6 हजार 865 करोड़ रूपए खर्च किए जायेंगे। एफपीओ यदि खेती के लिए 2 करोड़ रुपए तक का ऋण लेते हैं तो उन्हें ब्याज में 3 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।     श्री तोमर ने कहा कि देश में 86 प्रतिशत छोटे किसान हैं। इन किसानों को उन्नत कृषि तकनीक से जोड़ने और कृषि जोखिम कम करने के लिये सरकार भरपूर मदद कर रही है। इसी कड़ी में सरकार ने 10 करोड़ किसानों के खातों में एक लाख 18 हजार करोड़ रूपए की धनराशि जमा कराई है। इस प्रकार से सरकार हर छोटे किसान को अतिरिक्त आमदनी के रूप में 6 हजार रूपए दे रही है। सरकार ने किसानों की उपज को सुरक्षित रखने और वाजिब दाम दिलाने के लिये गाँव-गाँव तक कोल्ड चैन बनाने का फैसला भी किया है।
इम्युनिटी बूस्टर फसलों में अपार संभावनायें
        केन्द्रीय मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना काल में ज्वार, बाजरा, कोदो और रागी जैसे अनाज ने इम्युनिटी बूस्टर का काम किया है। पूरी दुनिया इसे स्वीकार कर रही है। इसलिये किसान एवं उद्यमी इन फसलों का प्रसंस्करण कर बड़ा फायदा उठा सकते हैं। सरकार इसमें हर संभव मदद करेगी।
किसान आत्मनिर्भर बनेंगे तो देश आत्मनिर्भर बनेगा – श्री भारत सिंह कुशवाह
        प्रदेश के उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि किसान आत्मनिर्भर बनेंगे तो देश आत्मनिर्भर बनेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिये मध्यप्रदेश सरकार आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के तहत किसानों को भी आत्मनिर्भर बनाने में जुटी है। उन्होंने कहा कि सरकार पाँच साल में 10 हजार 500 फूड प्रोसेसिंग इकाईयाँ स्थापित करायेगी। इसमें से 262 इकाईयों को मौजूदा वित्तीय वर्ष के दौरान ही मदद दी जायेगी। प्रदेश सरकार की केबिनेट ने हाल ही में फूड प्रोसेसिंग के लिये 500 करोड़ रूपए का अनुदान देने का फैसला किया है। प्रदेश सरकार खेत व मंडी से लेकर बाजार तक किसानों की फसल को सुरक्षित रखने और फसल के वाजिब दाम दिलाने के लिये कोल्ड स्टोर की चैन स्थापित कर रही है। प्रदेश सरकार द्वारा एक जिला एक उत्पाद के तहत भी उत्पादन व उत्पादकता बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिसके तहत ग्वालियर जिले को आलू उत्पादन, शिवपुरी को टमाटर व श्योपुर को अमरूद के लिये चुना है।
भारत सरकार एवं राज्य सराकर के इन अधिकारियों ने भी विचार व्यक्त किए
        भारत सरकार की खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुश्री रीमा प्रकाश ने कहा कि मध्यप्रदेश को फूड बास्केट के नाम से जाना जाता है। तिलहन, दलहन तथा औषधीय एवं मसाला फसलों के उत्पादन में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है। इसलिये इन फसलों के कच्चे माल का खाद्य प्रसंस्करण कर बड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है।
    संभाग आयुक्त श्री आशीष सक्सेना ने कहा कि उपज की प्रोसेसिंग के बाद विपणन की व्यवस्था विशेष महत्वपूर्ण है। उद्यमी इसके लिये आगे आएँ। शासन व प्रशासन इस काम में हर संभव सहयोग करेगा। उन्होंने कहा ग्वालियर व चंबल संभाग देश की राजधानी दिल्ली के नजदीक है। साथ ही परिवहन के साधन भी बेहतर हैं। इसलिये उद्यमी बेझिझक फूड प्रोसेसिंग इकाईयाँ स्थापित करने के लिये आगे आएँ।
    प्रबंध निदेशक मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम श्री जॉन किंग्सली ने कहा कि प्रदेश सरकार इंडस्ट्रीयल प्रमोशन के तहत मध्यप्रदेश को मैन्युफैक्चरिंग व डिस्ट्रीब्यूशन हब के रूप में विकसित कर रही है। किसान की आय बढ़ाने के लिये कृषि उत्पादों का वैल्यू एडीशन पर सरकार का विशेष जोर है। श्री किंग्सली ने जानकारी दी कि अटल प्रोग्रेस-वे (चंबल एक्सप्रेस-वे) के दोनों ओर सरकार फूड प्रोसेसिंग इकाईयों की स्थापना में विशेष मदद देगी। कार्यक्रम के अंत में एसोचैम के वरिष्ठ सदस्य डॉ. ओमवीर सिंह त्यागी ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
इनकी भी रही मौजूदगी
    खाद्य प्रसंस्करण शिखर सम्मेलन में जिला पंचायत प्रशासकीय समिति की अध्यक्ष श्रीमती मनीषा यादव, कलेक्टर ग्वालियर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, कलेक्टर मुरैना श्री बी. कार्तिकेयन व कलेक्टर श्योपुर श्री राकेश श्रीवास्तव एवं जिला पंचायत ग्वालियर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री किशोर कान्याल और सर्वश्री कमल माखीजानी व कप्तान सिंह सहसारी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगणों  ने भी हिस्सा लिया ।
(44 days ago)
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