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भोपाल संभाग में 2 अप्रैल से व्यापक जल संचयन अभियान
1000 जल संरचनाओं के निर्माण और जीर्णोद्वार की मुहिम, अभियान को हर हाल में सफल बनाएं – संभागायुक्त श्री कियावत
विदिशा | 30-मार्च-2021
    भोपाल संभाग में रंगपंचमी 2 अप्रैल से जल संचयन अभियान चलाया जाएगा जिसमें संभाग में करीब 1000 जल संचयन जल संरचनाओं के निर्माण और जीर्णोद्वार का विशेष अभियान चलाया जाएगा। मंगलवार को संभागायुक्त श्री कवीन्द्र कियावत ने जल संचयन अभियान को सफल बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों की बैठक में जिलों के लिए लक्ष्य निर्धारित करते हुए निर्देश दिए हैं।
   "जल संचयन" अभियान के अंतर्गत जिलों द्वारा जल संचयन गतिविधियों के तहत
भोपाल 100, सीहोर 125, रायसेन 200, विदिशा 250 और राजगढ़ में 325 तालाबों के जीर्णोद्धार हेतु 920 स्थल चयनित किए गए हैं। इनमें से  666 प्रकरणों में तकनीकी व 191 प्रकरणों में प्रशासकीय स्वीकृति भी जारी हो चुकी है। कमिश्नर ने कहा कि "जल संचयन" अभियान हेतु सभी जिलों के लिए निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति हेतु अभी काफी कार्य किया जाना शेष है। इसलिए स्थलों का चिन्हांकन, कार्यों की तकनीकी/प्रशासकीय स्वीकृति, कार्यो का ले-आउट प्लान आदि सभी कार्य आगामी एक से दो दिनों में ही पूर्ण करें।
   श्री कियावत ने निर्देश दिए हैं कि  कि देश के आर्थिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक विकास के लिये जल संरक्षण अत्याधिक महत्वपूर्ण है। जल संरक्षण जरूरत भी है और कर्तत्व भी। इसी पृष्ठभूमि में मनरेगा योजना से जल संरचनाओं के नवीन निर्माण व पुरानी जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार हेतु समयबद्ध कार्रवाई की जाएगी।
   मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायतों से यह सुझाव प्राप्त हुआ कि जिलों में जीर्णोद्धार/नवीन जल संरचनाओं व अनुपयोगी/बंद खदानों को जल संचयन रचना में परिवर्तित किये जाने योग्य सभी चिन्हाकिंत कार्यों को संपूर्ण संभाग में एक ही दिन प्रारंभ कराया जाए। इससे जल संरक्षण के प्रति एक सार्थक संदेश समाज में प्रसारित होगा। अभियान को "जल संचयन" नाम दिये जाने का निर्णय लिया गया। जल संचयन अभियान अंतर्गत यथा संभव प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम एक जल संचयन संबंधी कार्य लिया जाना प्रस्तावित है। किन्तु अभियान को व्यापकता प्रदान करने के उददेश्य से "रंग पंचमी" 02 अप्रैल 2021 को संभाग के पांचों जिलों में न्यूनतम एक हजार जल संरचनाओं के नवीन निर्माण/जीर्णोद्धार/बंद खदानों को जल संरचनाओं में परिवर्तित करने का कार्य एक साथ प्रारंभ किया जाएगा।
    श्री कियावत ने निर्देश दिए कि "जल संचयन" अभियान का प्रचार-प्रसार भी बहुत महत्वपूर्ण है  और प्रचार-प्रसार के उपलब्ध सभी साधनों का उपयोग कर अभियान को व्यापक रूप से जन जन तक पहुंचाया जाए। अभियान को आगे ले जाने में जन प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है इसलिए जिले  और संभाग के जन प्रतिनिधियों को इस अभियान में सम्मिलित होने का आग्रह अनिवार्यतः किया जाए।

 
(46 days ago)
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