समाचार
|| ‘‘मेरी ईद-मेरे घर‘‘ ‘‘अब की ईद, e-ईद‘‘ || कलेक्टर श्री सुमन द्वारा कोविड वैक्सिनेशन कार्य का औचक निरीक्षण || प्रदेश में मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना का अनुसर्मथन || लोकसेवकों और उनके परिजनों के आकस्मिक निधन पर कलेक्टर ने व्यक्त किया शोक || बुधवार को 1418 लाभार्थियों को लगाया गया कोविड-19 वैक्सीन || जिला पंजीयक व उप पंजीयक कार्यालय 10 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ खुल सकेंगे || कोरोना से लड़ाई में आगे आये डीएफओ श्री विश्वकर्मा (कोविड स्टोरी) || प्रशासन द्वारा कराया जा रहा है जनता कर्फ्यू का पालन || निधि को मिला अपनों का साथ होम आईसोलेशन में रहकर दी कोरोना को मात (कोविड स्टोरी) || नगरीय निकायों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कराया गया सैनिटाईजेशन
अन्य ख़बरें
राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान पाकर बेहद खुश हैं व्यंकट क्र.-एक की शिक्षिका डॉ अर्चना शुक्ला ‘‘खुशियों की दास्तां’’
-
सतना | 06-अप्रैल-2021
    जन-कल्याणकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के साथ-साथ मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के विभिन्न शासकीय विभागों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों को समय-समय पर सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया जाता है। मंगलवार को स्कूल शिक्षा (स्वतंत्र प्रभार) राज्यमंत्री श्री इंदर सिंह परमार ने मंत्रालय में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान-2020 कार्यक्रम में प्रदेश के उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों और प्राचार्यों को वर्चुअल रूप से सम्मानित किया। इनमें सतना जिले के शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय व्यंकट क्र.-1 की शिक्षिका डॉ अर्चना शुक्ला भी शामिल हैं। राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान पाकर डॉ अर्चना बेहद खुश हुईं। उनका कहना है कि सम्मान पाकर अपने हर्ष को मैं शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकती। उन्होने प्रदेश सरकार तथा स्कूल शिक्षा विभाग के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है।
    डॉ अर्चना शुक्ला शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय व्यकंट क्र.-1 में माध्यमिक शिक्षिका हैं। वे बच्चों को विज्ञान विषय पढ़ाती हैं। डॉ अर्चना ने अपनी खुशी तथा अध्ययन, अध्यापन में अपना अनुभव साझा करते हुये बताया कि क्लास रूम में बच्चों को नहीं पढ़ाया जा सकता। मैं मानती हूं कि पूरा विश्व ही बच्चों का क्लास रूम है। डॉ अर्चना का कहना है कि बच्चों को प्रकृति के साथ सीधे संपर्क में लेकर आना चाहिये। क्योंकि आज की सबसे बड़ी समस्या जलवायु परिवर्तन है। डॉ अर्चना बच्चों को जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से स्वयं को बचाने की जानकारी देने के साथ-साथ पेड़-पौधे व गौरैया चिड़िया के संरक्षण के क्षेत्र में भी काम कर रही हैं। उनका कहना है कि शासन-प्रशासन के निर्देशानुसार प्रदेश के शासकीय विद्यालयों में बच्चों को उत्कृष्ट और आदर्शपरक शिक्षा दी जाती है। सरकारी स्कूल के बच्चे विभिन्न क्षेत्रों के बड़े-बड़े पदों पर आसीन होकर अपना भविष्य संवार रहे हैं।
 
(36 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
अप्रैलमई 2021जून
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
262728293012
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31123456

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer