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हितग्राहियों से सीधे बातचीत कर लिया जा रहा है फीडबेक
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आगर-मालवा | 06-अप्रैल-2021
 
     महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आँगनवाड़ी केन्द्रों के माध्यम से प्रदाय किये जा रहे पोषण आहार के वितरण की सघन निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही हितग्राहियों से सीधे बात कर मिलने वाली सामग्री, उनकी गुणवत्ता तथा सेवाओं का फीडबेक लिया जा रहा है। टेलीकॉलर सिस्टम से की जा रही इस तरह की निगरानी से पोषण आहार वितरण के सभी गतिरोध (गेप्स) दूर करने की कोशिश की जा रही है।
   विभाग द्वारा टेकहोम राशन, ताजा पका आहार एवं पौष्टिक दूध का वितरण विभिन्न हितग्राहियों गर्भवती, धात्री महिलाओं, किशोरियों एवं 5 साल तक के बच्चों को किया जाता है। विशेष अवस्था एवं आयु अनुसार पोषण आहार का प्रकार एवं मा़त्रा अलग-अलग होती है। इस सेवा का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं, किशोरियों एवं बच्चों को स्वस्थ एवं सुपोषित रखना है।
पोषण आहार के वितरण की सघन निगरानी के लिये विभाग के साथ काम करने वाले विभिन्न डेवलपमेंट पाटनर्स के सहयोग से हितग्राहियों और परिवारों से सीधे बातचीत कर फीडबेक लिया गया। लगभग 95 प्रतिशत हितग्राहियों या उनके परिवारों ने पोषण आहार प्राप्त होने की पुष्टि की। विभाग द्वारा रेंडम आधार पर प्रदेश के सभी जिलों के सभी विकासखंडो से सभी तरह के पोषण आहार प्राप्त करने वाले चयनित हितग्राहियों से बातचीत की एवं छः माह से पाँच वर्ष तक के बच्चों के परिवारों से बात की गई। सभी शासकीय वितरण सेवा के हितग्राही फीडबेक की यह प्रक्रिया सघन एवं सारगर्भित है।
   संचालक महिला बाल विकास श्रीमती स्वाती मीणा नायक ने बताया कि इस प्रक्रिया को निरन्तर जारी रखने के लिए आँगनवाड़ी केन्द्रों पर मातृ सहयोगिनी समितियों का गठन किया गया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत आँगनवाड़ी केन्द्र की गतिविधियों के सुदृढ़ीकरण, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के लिए सतर्कता समिति एवं सोशल ऑडिट व्यवस्था की गई है। आँगनवाड़ी सेवा अन्तर्गत प्रदाय किए जाने वाले पूरक पोषण आहार की निगरानी के लिए यह समिति सतर्कता समिति के रूप में कार्य करेगी। सतर्कता समिति द्वारा पूरक पोषण आहार, टेक होम राशन, स्व-सहायता समूह द्वारा प्रदाय किये जाने वाले नाश्ता, भोजन एवं कुपोषित बच्चों के लिए थर्ड मील की निरंतरता, गुणवत्ता की निगरानी एवं सुझाव और मार्गदर्शन का कार्य सम्पादित किया जायेगा।
(40 days ago)
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