समाचार
|| खालवा में होम आइसोलेशन वाले मरीजों के घरों का निरीक्षण किया कलेक्टर ने || शासन द्वारा जिले में रेमडेसिविर इंजेक्शन की समुचित उपलब्धता कराई जा रही है सुनिश्चित || किल कोरोना अभियान के व्दितीय चरण के अंतर्गत अभी तक कुल 4 लाख 7273 व्यक्तियों का किया गया सर्वे और स्क्रीनिंग || जिला कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर द्वारा विगत 24 घण्टे में 102 प्रकरणों का निराकरण || द्वितीय चरण में सोमवार को लगवाया 2818 लोगो ने टीका || बड़वानी के कोरोना प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने किया कोविड केयर सेंटर का निरीक्षण || कोविड टीकाकरण उत्सव के दूसरे दिन 12 हजार 397 व्यक्तियों को लगा टीका || अज्ञात शत्रु से हम सबको मिलकर लड़ना है-पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर || रेमडेसिवीर इंजेक्शन का किया गया कोविड-19 अस्पतालों को वितरण || बीएमसी में कोविड मरीजों के लिए बैड की संख्या बढ़ाई
अन्य ख़बरें
सीताफल फसल से संबंधित प्रोसेसिंग इकाइयां स्थापित करने हेतु आवेदन आमंत्रित
-
सिवनी | 08-अप्रैल-2021
      एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फण्ड योजनांतर्गत जारी दिशा-निर्देश अनुसार प्रदेश के प्रत्येक जिलों में चयनित फसलों से संबंधित‍ मूल्य श्रृंखला, ब्रांडिंग, मार्केटिंग एवं अधोसंरचना स्थापित करने हेतु किसानों, एफपीओ, स्व-सहायता समूहों, सहकारी समितियों को लाभ प्रदान किया जाना है। योजनांतर्गत कृषक, एफपीओएस, पीएसीएस, मार्केटिंग को-ऑपरेटिव सोसायटी, बहु उद्देशिय को- ऑपरेटिव सोसायटी को जिले हेतु चयनित फसल अनुसार कृषि अधोसंरचना विकास हेतु सूक्ष्म खाद्य उद्योग की स्थापना एवं उन्नयन, कोल्ड स्टोरेज, रायपनिंग चेम्बर, पैक हाउस, प्याज भंडार गृह और प्रायमरी प्रोसेसिंग यूनिट आदि हेतु लाभान्वित किया जाना है, जिसमें जिले हेतु चयनित फसल आधारित उद्योगों के लिये योजना में प्राथमिकता दी जायेगी।

      कलेक्टर डॉ फटिंग द्वारा दिये गये निर्देश के परिपालन में सहायक संचालक उद्यान डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजनांतर्गत जारी दिशा-निर्देश के अनुसार सिवनी जिले हेतु सीताफल फसल आधारित सूक्ष्म खाद्य उद्यम (25 लाख तक)  स्थापित करने हेतु पांच इकाई के लक्ष्य जारी किये गये हैं, जिसके तहत सीताफल आधारित विभिन्न प्रसंस्करण इकाई जैसे – पल्प, जूस, आइसक्रीम, पाउडर, शरबत, जैम, जैविक कीटनाशक एवं खाद इयादित इकाई हेतु योजनांतर्गत विभिन्न श्रेणियों में नियमानुसार सहायता प्रदान की जायेगी-

      निजी सूक्ष्म खाद्य उद्यमों को योजनांतर्गत प्रति उद्योग पात्र परियोजना लागत की 35 प्रतिशत दर से क्रेडिट-लिंक्ड पूंजी सब्सिडी अधिकतम 10 लाख रूपये दिये जायेंगे। लाभार्थी का योगदान न्यूनतम 10 प्रतिशत होना चाहिए और शेष राशि बैंक से ऋण होनी चाहिये।

      समूह श्रेणी को योजनांतर्गत छटाई, ग्रेडिंग, जांच, भंडारण, कॉमन प्रसंस्करण, पैकिंग, विपणन, कृषि-उपज का प्रसंस्करण और परीक्षण प्रयोगशालाओं के लिये क्लस्टरों और समूहों जैसे एफपीअओ/एसएचजी/ उत्पादक समितियों को उनकी संपूर्ण मूल्य श्रृंखला को भी सहायता दी जायेगी।

      किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) / उत्पाद सहका‍रिताओं को योजनांतर्गत एफपीओ और उत्पादक सहकारिताओं क्रेडिट लिंकेज के साथ 35 प्रतिशत दर से अनुदान एवं ट्रेनिंग सहायता दी जायेगी। स्व सहायता समूह (एसएचजी) को प्रारंभिक पूंजी योजना के अंतर्गत वर्किंग कैपिटल तथा छोटे औजारों की खरीद के लिये एसएचजी के प्रत्येक सदस्य को 40 हजार रूपये की दर से प्रारंभिक पूंजी उपलब्ध कराई जायेगी।

      इस वित्त पोषण सुविधा के तहत सभी ऋणों पर रूपये 2 करोड तक की सीमा तक 3 प्रतिशत प्रति वर्ष का ब्याज छूट प्रदान की जायेगी, यह छूट अधिकतम 7 वर्षो के लिये उपलब्ध होगी। उपरोक्त योजना का लाभ लेने हेतु इच्छुक किसान, कृषि उद्यमी/ एफपीओ/सहकारी समिति/ स्वसहायता समूह कार्यालय सहायक संचालक उद्यान, जिला सिवनी में कार्यालयीन समय में सम्पर्क कर योजना की अधिक जानकारी प्राप्त कर आवेदन कर सकते हैं।
 
(4 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
मार्चअप्रैल 2021मई
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
2930311234
567891011
12131415161718
19202122232425
262728293012
3456789

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer