समाचार
|| कोरोना का टेस्ट हर नागरिक का अधिकार 26 हजार से अधिक कोरोना मरीजों का नि:शुल्क उपचार || प्रदेश में मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना का अनुसर्मथन राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली योजना में राज्य शासन का अंशदान हुआ 14 प्रतिशत || मुख्यमंत्री श्री चौहान विभिन्न पेंशन योजनाओं के हितग्राहियों के खाते में पेंशन राशि अंतरित करेंगे || जिले के युवाओं हेतु नि:शुल्क ऑनलाइन बेवीनार || 12 शिक्षक एवं विकास खण्ड स्रोत समन्वयक अटेर को नोटिस जारी || कलेक्टर ने दिए जिला शिक्षा अधिकारी को कारण बताओ नोटिस एवं सीएमओ मौ, दबोह एवं आलमपुर को एक दिन की वेतन काटने के साथ एससीएन देने के निर्देश || कलेक्टर भोपाल ने बाल विवाह रोकने के लिए ग्राम और वार्ड स्तर पर दलों का गठन किया || कलेक्टर एवं एसपी ने अकोडा खरीदी केंद्र का किया निरीक्षण || किल कोरोना सर्वे दल का कार्य अति महत्वपूर्ण, सर्वे कार्य को पूर्ण निष्ठा के साथ सम्पन्न करें-कलेक्टर || फैमिली हेल्थ इंडिया टीम द्वारा डेंगू एवं मलेरिया से बचाब के लिये नियमित रूप से घर - घर फीवर सर्वे
अन्य ख़बरें
कोरोना संक्रमण रोकथाम के लिए न्यायालयीन समय में परिवर्तन
-
पन्ना | 15-अप्रैल-2021
    पन्ना जिले में कोरोना संक्रमण तीव्रगति से विस्तारित हो रहा है। न्यायालय से संबंधित अधिकारी, कर्मचारी, अधिवक्ता, एडीपीओ, जीपी, एजीपी, जेल में निरूद्ध अभियुक्त की कोरोना संक्रमित संख्या में बढोत्तरी हो रही है। कई अन्य कर्मचारी भी अस्वस्थ है। इन परिस्थितियों में कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए माननीय उच्च न्यायालय मध्यप्रदेश जबलपुर द्वारा जारी दिशानिर्देशों के पालन में पन्ना जिला न्यायालय स्थापना के न्यायालयों की कार्यवाहियों को नियंत्रित किया जाना आवश्यक हो जाने के कारण कोरोना संक्रमण की गंभीर स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री प्रेमनारायण सिंह द्वारा कोरोना संक्रमण को रोके जाने की दृष्टि से न्यायालयीन कार्यवाही के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। यह दिशानिर्देश 16 अप्रैल से 30 अप्रैल अथवा अग्रिम आदेश तक लागू रहेंगे।
    जारी दिशानिर्देशानुसार जिला न्यायाधीश एवं अपर जिला न्यायाधीश के न्यायालय के कार्य के समय प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक किया गया है। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं समस्त न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी व प्रशिक्षु न्यायाधीश के न्यायालयों का समय दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित किया गया है।
    इस अवधि में विचाराधीन बंदियों से संबंधित प्रकरण, 3 वर्ष या उससे अधिक पुराने प्रकरण, ऐसे समस्त प्रकरण जिनमें माननीय उच्चतम न्यायालय/उच्च न्यायालय द्वारा नियत समय अवधि में निराकृत किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। अपील एवं पुनरीक्षण (सिविल एवं अपराधिक) मोटर व्हीकल एक्ट के अन्तर्गत जमा राशि के भुगतान संबंधी प्रकरण, सिविल अपराधिक एवं क्लेम प्रकरण जिनमें अंतिम तर्क सुनकर प्रकरण का निराकरण किया जा सके। भरण-पोषण से संबंधित अर्जेण्ट प्रकृति के प्रकरण। जमानत, सुपुर्दगी नामा, धारा 164 के कथन, रिमार्ड, अंतिम प्रतिवेदन, परिवाद, अस्थाई निषेधाज्ञा पत्र एवं अन्य आवश्यक प्रकृति के सिविल एवं आपराधिक प्रकरण जो न्यायालय के मत में त्वरित सुनवाई योग्य हो। वह प्रकरण जिनमें राजीनामा पेश किया गया है।
 
(27 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
अप्रैलमई 2021जून
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
262728293012
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31123456

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer