समाचार
|| समय सीमा में पूर्ण करें संपूर्ण उपार्जन का कार्य-कलेक्टर श्री सिंह || साढ़े 13 लाख से अधिक किसानों से समर्थन मूल्य पर एक करोड़ मी. टन गेहूँ-चना की खरीदी || किल कोरोना अभियान में गाँव में डोर-टू-डोर सर्वे शीघ्र कराये जायें - स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी || अब बच्चों के लिए कम पावर की मेडीकल किट || प्रदेश में निरंतर नियंत्रण में आ रहा है कोरोना - मुख्यमंत्री श्री चौहान || कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने किया रहली-गढ़ाकोटा के कोविड केयर सेंटर, फीवर क्लिनिक एवं वैक्सीनेशन सेंटर का निरीक्षण || मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना का गंभीरता से क्रियान्वयन सुनिश्चित करें - स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी || कोरोना संक्रमण रोकने के लिए कोरोना सहायता केंद्र मील का पत्थर साबित होंगे - कमिश्नर श्री शुक्ला || साढ़े 13 लाख से अधिक किसानों से समर्थन मूल्य पर एक करोड़ मी. टन गेहूँ-चना की खरीदी "रबी उपार्जन" || अभी तक 2 लाख 26 हजार 901 कोरोना मरीजों तक पहुँची मेडिकल किट
अन्य ख़बरें
मानसिक विक्षिप्त माँ को मिलेगा मनोरोग चिकित्सालय ग्वालियर में उपचार एवं मासूम बच्चों को शिशु गृह में मिला आश्रय
-
राजगढ़ | 15-अप्रैल-2021
               मानसिक रूप से विक्षिप्त बेसहारा महिला एवं उसके बच्चो के बारे में जन सामान्य एवं विभिन्न शहरी  सोशल मीडिया ग्रुपों से महिला के फोटोग्राफ एवं जानकारी प्राप्त  हुई सूचना मिलने के पश्चात महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए महिला के बचाव, पुनर्वास एवं उपचार हेतु सर्वप्रथम महिला एवं बाल विकास सहायक संचालक ,प्रशासक वन स्टॉप सेंटर एवं चाइल्ड लाइन द्वारा महिला के संबंध  में खोजबीन शुरू की महिला रोज ग्राम जोगीपुरा से पैदल अपने 10 माह के बच्चे को गोद में लिए एवं साथ में 3 साल की बालिका पीछे-पीछे पैदल चलते हुए हाईवे से राजगढ़ शहर आती थी जिससे मासूम बच्चो एवं महिला के साथ कोई भी दुर्घटना होने की आशंका रहती थी।
         इस प्रकरण के सम्बन्ध में महिला का नाम, पता,  निवास, पति या सगे सम्बन्धी  की जानकारी एकत्र की गयी एवं  महिला के यहां-वहां भटकने  एवं रहने की झोपडी  का अवलोकन  किया गया। अवलोकन के दोरान जानकारी एकत्रित की गई की, महिला किस गांव की निवासी है ? उसके परिवार वाले कौन हैं? वह इस तरीके से कहां और क्यों विचरण करती  है।
    जानकारी में पता चला कि महिला ग्राम मोतीपुरा की रहने वाली है, ग्राम मोतीपुर  में घर-घर जाकर उसके बारे में जानकारी एकत्रित करने पर पता चला कि महिला का नाम द्रोपदी बाई है एवं उसका ससुराल रघुनाथपुरा है, उसके पति का नाम रामप्रसाद वर्मा है।
    इसके पश्चात महिलाबाल विकास की टीम ग्राम रघुनाथपुरा गयी जहा महिला के सम्बन्ध में पूछने पर पता चला की सम्बंधित महिला रामप्रसाद की पत्नी है। रामप्रसाद के घर जाने पर वहा उसकी माँ मिली एवं एक बच्चा नाम अमरसिंह उम्र 6 वर्ष मिला, जो की बताया गया की द्रोपती बाई का ही सबसे बड़ा लड़का है द्य रामप्रसाद के बारे में उसकी मा एवं आसपास के लोगो ने बताया की रामप्रसाद ग्राम छिपाबडोद, सिंगोला राजस्थान मजदूरी करने गया है। रामप्रसाद के पास मोबाइल नहीं था, उसके साथ वाले व्यक्ति मायाराम के मोबाइल नं. पर रामप्रसाद से संपर्क कर उसे बुलाया गया द्य रामप्रसाद 2 दिन बाद आया और उसने बताया की में मिटटी का काम करता हु गरीब हु, में बच्चो को नही रख सकता द्य महिला द्रोपतिबाई मेरे साथ पिछले 4 वर्षो से नहीं रह रही है ।
       वहा यह भी पता चला की महिला  का मायका जोगीपुरा है जहा महिला के पिता शंकरलाल और भाई बिरम रहते है। जोगीपुरा जाने पर मालुम हुआ की महिला गाव में नाले के किनारे एक झोपडी बनाकर रहती है, झोपडी में पत्थर डले हुए थे, रहने की कोई भी व्यवस्था नही मिली द्य महिला झोपडी में नहीं थी एवं झोपडी का अवलोकन करने पर वह जगह महिला एवं बच्चो के रहने के लिए सुरक्षित भी नहीं पायी गयी द्य तत्पश्चात सहायक संचालक श्री श्याम बाबू खरे द्वारा जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री श्रीवास्तवजी से चर्चा कर कर मानसिक स्वास्थ्य अधिनियम 1987 के तहत कार्यवाही की जा सकती है द्य तत्पश्चात सहायक संचालक श्री श्याम बाबू खरे द्वारा महिला के सम्बन्ध में जिला न्यायालय में याचिका दायर की गयी द्य  माननीय न्यायालय द्वारा थाना प्रभारी राजगढ़ को महिला को रेस्क्यू करने हेतु आदेशित किया गया द्य तत्पश्चात थाना राजगढ़ एवं चाइल्ड लाइन की संयुक्त टीम के द्वारा महिला को बच्चो के साथ वन स्टॉप सेंटर जिला राजगढ़ लाया गया, जहा महिला का मेडिकल चेक अप, कोरोना टेस्ट प्रशासक श्रीमती रश्मि चौहान द्वारा करवाया गया द्य महिला एवं बच्चो की जरुरत का सामान जैस कपडे, मास्क दिए एवं खाना खिलाया गया द्य महिला के मेडिकल चेकअप में डा.श्री माथुर द्वारा बताया गया की महिला मानसिक रूप से विक्षिप्त प्रतीत होती है अतः इसे मानसिक उपचार हेतु मानसिक चिकित्सालय ग्वालियर में भेजा जाना उचित होगा द्य यह मेडिकल रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत की गयी द्य कोर्ट द्वारा आदेश दिया गया की महिला को मानसिक उपचार हेतु ग्वालियर मानसिक चिकित्सालय भेजा जाए द्य महिला को उपचार के लिए ग्वालियर भेजने हेतु जिला चिकित्सालय की एम्बुलेंस से वन स्टॉप सेंटर कर्मचारी श्री जगदीश संजोदिया एवं पुलिस बल को महिला के साथ भेजा गया द्य महिला को ग्वालियर मानसिक चिकित्सालय में अगले दिन भर्ती करने एवं पुनः कोरोना टेस्ट करवाने एवं अन्य आवश्यक टेस्ट कराने में श्री जगदीश संजोदिया की अहम् भूमिका रहीं।
    जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती सुनीता यादव ने बताया कि कोर्ट के द्वारा बच्चो के पुनर्वास हेतु बाल कल्याण समिति जिला राजगढ़ को आदेशित किया गया था, के परिपालन में बाल कल्याण समिति अध्यक्ष श्रीमती निशा कर्पे द्वारा  महिला के बच्चो को उचित देखभाल एवं पुनर्वास करने हेतु गोपाल महिला मंडल द्वारा संचालित शिशु गृह को आदेशित कर आश्रय में रखवाया गया।   
 
(27 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
अप्रैलमई 2021जून
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
262728293012
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31123456

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer