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कोरोना वायरस संक्रमण के रोकथाम एवं बचाव के लिए निर्देश जारी
जिले में धारा 144 की अवधि बढी
पन्ना | 22-अप्रैल-2021
      कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री संजय कुमार मिश्र ने वर्तमान में कोरोना संक्रमण की गति एवं पाजीटीविजी वेब को दृष्टिगत रखते हुए पूर्व के आदेशों से कोरोना कर्फ्यू लगाया गया था। इस तारतम्य में कुछ गतिविधियों को प्रतिबंधों से मुक्त रखा गया था। किन्तु देखने में यह आ रहा है कि इसका दुरूपयोग कर आमजनता अनावश्यक रूप से घरों के बाहर निकल रही है। कोविड प्रोटोकाल का पालन नही कर रही। अब 30 अप्रैल 2021 तक जनता कर्फ्यू का आव्हान भी आमजन से किया गया है। यह भी अनुरोध किया गया है कि लोग 30 अप्रैल 2021 तक अपने घरों में ही रहे तथा बाहर न निकलें। पूर्व में कुछ गतिविधियों को प्रतिबंधों से शिथिलता के दुरूपयोग को देखते हुए दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत नवीन आदेश जारी किए जाते हैं। जिनका तत्काल प्रभाव से सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाना है। यह आदेश सम्पूर्ण जिले में प्रभावशील होगा।

    जिले की सम्पूर्ण राजस्व सीमा में 22 अप्रैल से 30 अप्रैल 2021 तक की रात्रि 12 बजे तक जनता कर्फ्यू प्रभावशील रहेगा। कोरोना कर्फ्यू के दौरान किसी प्रकार का जुलूस आदि निकालना प्रबिंधित रहेगा। शादी विवाह, धार्मिक कार्यक्रमों के लिए प्रशासन की अनुमति लेना अनिवार्य होगा। प्रिंट, इलेक्ट्रनिक मीडिया एवं सोशल मीडिया में भ्रामक अथवा आधारहीन समाचार प्रकाशित, प्रसारित करना पूर्णतः प्रतिबंधित।

    शहर की सडकों पर चैकिंग सख्ती से की जाएगी तथा अनावश्यक घूम रहे लोगों को दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 151 के तहत अस्थाई जेल भेजा जाए। आवश्यक सेवा देने वाले कार्यालयों को छोडकर शेष कार्यालय 10 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ संचालित किए जाए। आवश्यक सेवाओं में जिला कलेक्ट्रेट, पुलिस, आपदा प्रबंधन, फायर, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, जेल, राजस्व, पेयजल आपूर्ति, नगरीय प्रशासन, ग्रामीण विकास, विद्युत प्रदाय, सार्वजनिक परिवहन कोषालय आदि सम्मिलित है। 10 प्रतिशत बंधन के कारण जो कर्मचारी कार्यालय में नही आते वे वर्क फ्राम होम।

    केन्द्र सरकार के ऐसे कार्यालय जो आवश्यक सेवाएं प्रदान नही करती है को यह सलाह दी जाए कि वह 10 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ संचालित किए जाए। 10 प्रतिशत के बंधन के कारण जो कर्मचारी कार्यालय में नही आते वे वर्क फ्राम होम करेंगे। सभी प्रकार के चर्टर एकाउन्टेन एवं टेक्स कंसलटेंट के कार्यालय 30 अप्रैल तक बंद रहंेगे। नगर में सभी प्रकार के सार्वजनिक परिवहन तत्काल प्रभाव से 30 अप्रैल तक बंद रहेंगे। इस प्रकार के वाहनों के संचालन मरीजों को लाने ले जाने के लिए किया जा सकेगा। सभी तरह की निर्माण गतिविधियां पूरी तरह बंद रहेगी। इससे संबंधित कोई भी व्यक्ति सडक पर नही आएगा। सब्जी, हाट बाजार पर सख्ती से पाबंदी लगाई जाती है स्थानीय मजिस्ट्रेट, पुलिस, नगरपालिका की टीम सख्ती से इन्हें हटाएगी। सामाजिक, राजनैतिक, मनोरंजन, शैक्षणिक, संास्कृतिक तथा धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन में लोगों का एकत्र होना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

    केवल शासकीय उचित मूल्य की दुकान, फल-सब्जी चलित ठेले दोपहर 12 बजे तक खुले रह सकते हैं। दूध का वितरण प्रातः 6 बजे से 10 बजे तक तथा शाम 4 बजे से 7 बजे तक हो सकेगा। ग्रामीण अंचल में उपार्जन का कार्य कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए किया जाए। सभी ट्रांसपोर्ट नगर के संचालक, वेयर हाउस सी एण्ड एफ उद्योग संचालक यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके आवश्यक कर्मचारी के पास उनके द्वारा जारी पहचान पत्र मय वाहन नम्बर के रहे। ताकि पुलिस उनकी पहचान की पुष्टि कर सके। सभी शराब की दुकानें बंद रहेगी। एम्बुलेन्स, फायर बिग्रेड, टेलीकम्यूनिकेशन, विद्युत प्रदाय, रसोई गैस होम डिलेवरी प्रतिबंध से मुक्त रहेगी। कोविड टीकाकरण के समस्त केन्द्र चालू रहेंगे। अखबार वितरण, मीडिया कर्मी, बस स्टेण्ड आने जाने वाले नागरिक भी आ जा सकेगे। अन्य प्रदेशों, जिलों से भारी माल वाहनों का आवागमन हो सकेगा। ग्रामीण क्षेत्र में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं पंचायत सचिव यह सुनिश्चित करेंगे कि ग्रामीण क्षेत्र लोग घरों में रहे तथा गांव से बाहर न निकलें। ग्राम पंचायत सचिव दो- चार लोगों की टोली बनाकर आवश्यक सामग्री अपनी अपनी पंचायत हेतु ला सकेंगे। अस्पताल, नर्सिंगहोम, मेडिकल इन्श्सांेस कम्पनी एवं अन्य स्वास्थ्य चिकित्सा सुविधाओं को छूट रहेगी।

    चूंकि यह आदेश जनसाधारण की सुविधा हेतु तत्काल पालन के लिए प्रभावशील किया जाना आवश्यक हो गया है। इतना समय उपलब्ध नही है कि जनसामान्य व सभी संबंधित पक्षों को उक्त सूचना की तामीली की जा सके। अतः यह आदेश दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 (2) के अन्तर्गत एक पक्षीय रूप से आदेश पारित किया जाता है। आदेश व्यथित व्यक्ति दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144(5) के अन्तर्गत अधोहस्ताक्षरकर्ता के न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा। अत्यंत विशेष परिस्थितियों में अधोहस्ताक्षरकर्ता संतुष्ट होने पर आवेदक को किसी भी लागू शर्तो से छूट दे सकेगा। यह आदेश तत्काल प्रभावशील रहेगा। उक्त आदेश का उल्लंघन भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध की श्रेणी में आएगा। यह आदेश 21 अप्रैल 2021 को मेरे हस्ताक्षर न्यायालय की मुद्रा से जारी किया गया है।
 
(64 days ago)
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