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नीजि नलकूप खनन पर लगाया गया प्रतिबंध
15 जुलाई 2021 तक की अवधि के लिए सिंगरौली जिला जल आभाव ग्रस्त घोषित
सिंगरौली | 24-अप्रैल-2021
    कलेक्टर श्री राजीव रंजन मीना के द्वारा मध्यप्रदेश पेयजल परीक्षण अधिनियम 1986 की धारा (3) मे प्रदत्त शक्तियो का उपयोग करते हुये जन हित मे सिंगरौली राजस्व जिले के समस्त विकास खण्डो एवं नगरीय क्षेत्र को तत्काल प्रभाव से दिनांक 15 जुलाई 2021 तक की अवधि के लिए जल आभाव ग्रस्त घोषित करने के आदेश जारी किये गये है।
      जारी आदेश के तहत कोई भी व्यक्ति बिना अनुमति के जल आभाव ग्रस्त क्षेत्र मे किसी भी शासकीय भूमि पर स्थिति जल स्त्रोतो मे पेयजल तथा घरेलू प्रयोजन को छोड़कर अन्य किसी प्रयोजन के लिए नहरो प्रभावी जल के अलावा अन्य स्त्रोतो को जल दोहन किसी भी साधन से जल उपयोग नही करेगा। तथा समस्त विकास खण्डो एवं नगरीय क्षेत्र के समस्त नदी नाले स्टप डैम सर्वजनिक कुओ तथा अन्य जल स्त्रोतो का उपयोग हेतु घरेलू प्रयोजन के लिए तत्काल प्रभाव से सुरक्षित किया जाता है।
 जल आभाव ग्रस्त क्षेत्र मे कोई भी व्यक्ति स्वंय अथवा प्राईवेट ठिकेदार अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को पूर्व अनुज्ञा प्राप्त किये बिना किसी भी प्रयोजन के लिए नवीन नल कूप का निर्माण नही करेगा।यह आदेश शासकीय नलकूप खनन पर लागू नही होगा तथा जिन व्यक्तियो की अपनी नीजि भूमि पर नलकूप खनन कार्य करना है उन्हे ऐसा करने के लिए निर्धारित प्रारूप मे निर्धारित शुल्क के साथ संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी को आवेदन करना होगा। सर्वजनिक पेयजल स्त्रोत सूख जाने के कारण वैकल्पिक रूप से दूसरा कोई सर्वजनिक पेयजल स्त्रोत उपलंब्ध नही होने पर जनहित मे संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व उस क्षेत्र के नीजि पेयजल स्त्रोतो को पेयजल परीक्षण संसोधन अधिनियम 2002 के सेक्षन 4 ए तथा 4 बी के प्रावधानो के आधीन अधिग्रीहण निश्चित अवधि हेतु कर सकेगे। आदेश का उल्लघन करने वालो के विरूद्ध पेयजल परीक्षण अधिनियम 1986 की धारा 9 एवं भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।
 
(62 days ago)
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