समाचार
|| कोरोना प्रभारी मंत्री एवं राज्यसभा सांसद ने किया वैक्सीनेशन महा अभियान का शुभारंभ || केंट विधायक ने किया टीकाकरण केंद्रों का अवलोकन || रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा लगाये गये शिविर में 808 व्यक्तियों को लगे कोरोना के टीके || आधारताल में आयोजित टीकाकरण शिविर में 350 व्यक्तियों को लगा टीका || जिले में 60 हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य पूरा || स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिये लोगों में दिखा उत्साह || मध्यप्रदेश ने एक दिन में वैक्सीनेशन का नया रिकार्ड बनाया || वेलनेस और स्पिरिचुअल टूरिज्म डेस्टिनेशन बनेगा मध्यप्रदेश- मुख्यमंत्री श्री चौहान || जिले अब तक 3 लाख 37 हजार 188 वैक्‍सीनेशन डोज लगाये गये (टीकाकरण महा-अभियान) || वैक्सीन लग गई तो बाजार भी खुले रहेंगे और मेहनत-मजदूरी भी चलती रहेगी - मुख्यमंत्री श्री चौहान
अन्य ख़बरें
प्रवण स्थिति (प्रोनिंग) से होगी शरीर में ऑक्सीजन की कमी दूर
हेल्थ मिनिस्ट्री ने जारी की सलाह
सतना | 28-अप्रैल-2021
   भारत सरकार की हेल्थ मिनिस्ट्री ने प्रवण स्थिति (प्रोनिंग) द्वारा शरीर में ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिये एडवाईजरी जारी की है। यह प्रोनिंग स्वयं की देखभाल के लिए जरूरी है। प्रोनिंग में मरीजों को सबसे पहले पेट के बल लिटाया जाता है, जिसमें व्यक्ति का चेहरा नीचे की ओर होता है। उसके दोनों हाथ सीधे होकर कमर तक रहते हैं और इस स्थिति में पैर भी सीधे होते हैं। प्रोनिंग में स्वांस की गति को आराम देने और ऑक्सीजन के स्तर में सुधार करने के लिए व्यक्ति के द्वारा स्वयं नैसर्गिक रूप से स्वास्थ्य को बेहतर करने में मदद मिलती है। कोविड-19 रोगियों में सांस लेने में आराम के साथ-साथ विशेष रूपए से घर में आइसोलेशन के लिए रहना और प्रोनिंग करना बेहद ही फायदेमंद होता है। इसे करने से स्वांस में बेहतर सुधार होता है। यह विधि गर्भावस्था के दौरान, गहरा शिरापरक घनास्त्रता (इलाज के 48 घंटे से कम समय में), हृदय से संबंधित कोई बड़ी बीमारी और अस्थिर रीढ़, फीमर या पेल्विक फ्रैक्चर वाले लोग नहीं अपनायें।
    प्रोनिंग का महत्व- प्रवण स्थिति वेंटिलेशन में सुधार करती है, वायुकोशीय (अल्वॉयल) को खुला रखती है और साथ ही श्वास लेने की क्रिया को आसान बनाती है। जब मरीज को सांस लेने में कठिनाई महसूस हो और उसका एसपीओ-2 घटकर 94 प्रतिशत से कम हो जाए, तभी प्रोनिंग की आवश्यकता होती है। घर में आइसोलेशन के दौरान तापमान, रक्तचाप और रक्त शर्करा जैसे अन्य संकेतों के साथ एसपीओ-2 की नियमित निगरानी (मॉनिटरिंग) महत्वपूर्ण है। हाइपोक्सिया (ऑक्सीजन परिसंचरण में रुकावट) होने पर स्थिति के बिगड़ने का कारण हो सकता है। समय पर प्रोनिंग और अच्छे वेंटिलेशन को बनाए रखने से कई लोगों की जान बच सकती है।
   सावधानियां- भोजन करने के बाद एक घंटे तक प्रोनिंग करने से बचें। प्रोनिंग केवल अधिक से अधिक समय के लिए तब तक करें जब तक कि आपके शरीर को सहनीय हो। आराम महसूस होने पर, कई बार में एक दिन में 16 घंटे तक प्रवण (प्रोनिंग) किया जा सकता है। तकिए को दबाव क्षेत्रों को बदलने और आराम के लिए थोड़ा समायोजित किया जा सकता है। शरीर पर किसी भी प्रकार के दबाव,घावों या चोटों (विशेष रुप से हड्डियों के आसपास) पर नजर रखें।
(55 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
मईजून 2021जुलाई
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
31123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
2829301234
567891011

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer