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जीतने का जज्बा- 66 की उम्र में अपने हौसले और आत्मविश्वास से कोरोना को दी मात (कहानी सच्ची है)
वैक्सीन के दोनों डोज लगवाने से जल्दी रिकवर होने में मिली मदद
रायसेन | 03-मई-2021
    रायसेन के सेवा निवृत नेत्र चिकित्सक 66 वर्षीय डॉ. एसी अग्रवाल अपने हौसले और आत्म विश्वास के बल पर कोरोना को मात देकर घर लौट आए। उन्होंने कोविड वैक्सीन के दोनों डोज लगवा लिए थे, जिससे उन्हें जल्दी रिकवर होने में मदद मिली। उन्हें सिर्फ पांच दिन ही अस्पताल में रहना पड़ा। इन पांच दिनों में भी सिर्फ तीन दिन ही आक्सीजन सपोर्ट पर रहना पड़ा। जैसे ही उनका आक्सीजन लेवल बढ़ा और उनकी हालत ठीक हुई तो डाक्टरों ने उनकी छुट्टी कर दी। सेवा निवृत नेत्र चिकित्सक डॉ. अग्रवाल ने बताया कि 13-14 अप्रैल को उन्हें सर्दी-जुकाम और हल्का बुखार आया तो उन्होंने तत्काल अपनी जांच करा ली।
रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर अपने आपको परिवार से पूरी तरह से दूर कर लिया और घर में ही आइसोलेट होकर कोविड-19 के लिए निर्धारित दवा लेना प्रारंभ कर दिया। तीन दिन बाद उनका ऑक्सीजन लेवल 92 प्रतिशत से कम हुआ तो वे भर्ती होने के लिए अस्पताल पहुंच गए। डॉ. अग्रवाल को ठीक होकर लौटने का विश्वास था, उसको सकारात्मक सोच के साथ कायम रखा।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने कोरोना पॉजिटिव होने के बाद जब अस्पताल में भर्ती हुए तब प्रारंभ से ही यह तय कर लिया था कि उन्हें यहां से ठीक होकर ही लौटना है, इसके लिए मैंने पूरी तरह से सकारात्मक और सब अच्छा सोचा। मोबाइल से दूरी बना ली, ताकि सोशल मीडिया पर बन रहे निगेटिव वातावरण से दूरी रहे। इसी का परिणाम रहा है कि पांच दिन बाद उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई और ऑक्सीजन लेवल भी बढ़ गया तो वे अपने घर लौट आए।
वैक्सीन के दोनों डोज लगवाना फायदेमंद रहा
नेत्र चिकित्सक डॉ. अग्रवाल ने बताया कि वैक्सीन के दोनों डोज लगने के कारण ही वे जल्दी रिकवर हो गए। जिनको भी वैक्सीन के डोज लगे हैं, उन्हें कोरोना संक्रमण ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचा पाया। इसलिए जब भी मौका मिले, लोगों को वैक्सीन पहली प्राथमिकता से लगवा लेना चाहिए, क्योंकि वैक्सीन ही है, जो लोगों का जीवन बचाने में बड़ी मददगार साबित हो सकती है।
 
(50 days ago)
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