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कोरोनान बीमारी एक साल सी चाल रई, हिमी ज्यादा हालत खराब छे-ड़ॉ. आर्य "सफलता की कहानी"
जिला चिकित्सालय में पदस्थ डॉक्टर ने बारेली बोली में जारी किया वीडियो
खरगौन | 04-मई-2021
    कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण के बीच उपचार और टीके के महत्व को बताते हुए जिला चिकित्सालय खरगोन में पदस्थ अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉक्टर लक्ष्मण आर्य ने बारेली बोली में भावनात्मक वीडियो जारी किया है। उनके यह वीडियो जारी करने का उद्देश्य जिले के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में आदिवासी जनसमुदायों को टीके के प्रति जागरूक करना है। उनकी भाषा में ऐसा है संदेश “कोरोनान बीमारी एक साल सी चाल रई। हिमी जराक ज्यादा हालत खराब छे। हिमी ज्यादा मरीज आई रिया दहाड़ेंन भर्ती हुई रिया। दहाड़ेंन मोरी बी रिया, अस्पताल में जागे नि खाली होय। भीमा पोड रिया मोरिज, काहनाक ऑक्सीजन नि जोड री ने काहनाक दोवाई नि जोड री। मोरिज ज्यादा हुइजा हिमी। भाइसो मी एक साल सी अस्पताल में काम कोरी रियो ने एक साल ती ते वाच रियो हुतो, मिसेनी होय जी बीमारी, बाखोंन मिसे बी ए बीमारी होय गोय। बाकुण ते मी बी, भाइसो तुमरे सी वात कोरी रियो। कहा कि मिसेक कोरोनान टिंकू लागळो छे। तिनान कारण आज मि ठीक छे टिका न कारण मार पोर कोरोनान बीमारी ज्यादा असोर नि होय रई। ते भाइसो तुमु बी आक्खा 18 साल ति ऊपर वाळा सोब कोरोनान टिंकू लगाड़ू। यार खुद लगाड़ू ने दूसरान बी कोहू फलियाँन वाळा गांव वाळा न कोहू।
बिहणो नि हाय टिकासी
     टीकू बढ़िया छे, टीकू लागणे सी तुमके काएय नि होय। हल्कू पुल्कू बुखार आय जाय हेरे अलावा ति काएय नि यार। मिसे काएय नि होयु, मार घोरे में मारी आया टीकू लागआढ़ली तिनुक़ काएय नि होयु। मारा फलियाँ वाळा सब टीकू लगाढ़ लेदा। सब वारला छे। बाकी भाइसो एक कावे टीकू लाग जासे नि ते अस्पताल नि आवो। काहा की बीमारी ज्यादा असोर नि दिखाड़े, तुम ज्यादा परेशान नि होणा पौडे। आक्खा यो टीकू लागजावे ति बीमारी दूर रोहे। ति मी हाथ जोडूनि कोयरियो कि टीकू लगाड़ू यार आक्खा काजे कोहू लागाड़े। ने बाहर जाय ते मास्क पेहरु माणसु सी दूर रोहे। भीड़भाड़ मा जावो। तुमु काजे बीमारी से बचणो होय ति मारिमान लेवो। मारा भाइसो बेकार हालत होय रिया।” डॉक्टर आर्य ने खरगोन सहित प्रदेश के आदिवासी समुदाय के लिए करुणामय संदेश दिया है।
 
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