समाचार
|| आशाग्राम की पहाड़ी पर 300 से अधिक स्वयं सेवको ने पहुंचकर किया श्रमदान || मुख्यमंत्री श्री चौहान ने लगाया बेल का पौधा || अवैध शराब कारोबार में लगे व्यक्तियों के लिए कठोरतम दंड का प्रावधान किया जाएगा: मुख्यमंत्री श्री चौहान || मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की बाढ़ की स्थिति की समीक्षा || मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मध्यप्रदेश के ओलंपिक हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर को फोन पर दी बधाई “मुझे आप पर गर्व है, विवेक“ || प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाना आवश्यक : मुख्यमंत्री श्री चौहान || ग्रामीण स्तर पर उद्यमिता और कौशल विकास को प्रोत्साहित करें बैंक : मुख्यमंत्री श्री चौहान || मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्टेट सिचुएशन रूम से शिवपुरी जिले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र की निगरानी की || शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट को सुदृढ़ करे : नगरीय विकास मंत्री श्री सिंह || बेराढ़ में बाढ़ की स्थिति से मुख्यमंत्री को कराया अवगत राज्य मंत्री श्री धाकड़ ने
अन्य ख़बरें
’प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना’
-
राजगढ़ | 06-जून-2021
    खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने राज्य, संघ - राज्य क्षेत्र सरकार के भागीदारी में मौजूदा सूक्ष्म खाद्य उद्यमों के उन्नयन के लिए वित्तीय, तकनीकी एवं कारोबार सहायता देने के लिये अखिल भारतीय आधार पर पीएम एफएमई- प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना शुरू की हैं। योजना का उद्देश्य मौजुदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के उन्नयन के लिए वित्तीय तकनीकी और व्यवसायी सहायता प्रदान करना हैं तथा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण ईकाईयों के क्षमता निर्माण और अनुसंधान पर विशेष ध्यान केन्द्रित करना हैं। योजना को वर्ष 2020-21 से वर्ष 2024-25 तक पांच वर्षो के लिए लागू किया जायेगा।
  एक जिला एक उत्पाद- निवेश प्रबंधन, आम सेवाओं का लाभ उठाने और उत्पादों के विपणन को बढ़ाने के लिए एक जिला एक उत्पाद के दृष्टिकोण को योजना में अपनाया गया हैं। राज्यों द्वारा कच्चे माल की उपलब्धता को ध्यान मे रखतें हुए एक जिले के लिए एक खाद्य उत्पाद की पहचान की गई। भारत सरकार द्वारा चयनित धनिया फसल से संबंधित उत्पाद को नवीन खाद्य प्रसंस्करण स्थापित करने व पूर्व से संचालित खाद्य प्रसंस्करण इकाईयों में उन्नयन के लिये भी अनुदान की पात्रता रहेगी।
आत्मनिर्भर भारत योजना में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना में शामिल एक जिला एक उत्पाद के लिये चयनित फसल धनिया से धनिया पाउडर, धनिया दाल, ग्रेडिंग एवं पैकेजिंग आदि बनाने की प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने और पूर्व से संचालित प्रसंस्करण प्रोसेसिंग यूनिट के उन्नयन के लिये जिले के किसान, उद्यमी, स्वसहायता समूह एफ.पी.ओ. आदि ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित हैं।
       योजना के तहत वित्तीरय सहायता- मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां, जो अपनी इकाइयों के उन्नयन के इच्छुक हैं, वे पात्र इकाइयां परियोजना लागत का 35 प्रतिशत तक ऋण आधारित पूंजीगत सब्सिडी का लाभ उठा सकती हैं, जिसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रूपये प्रति इकाइ हैं। कृषक उत्पादक संगठनों, सहकारी समितियों या निजी उद्यमों को सामान्य प्रसंस्करण, सुविधा, प्रयोगशाला, गोदाम सहित बुनयादि ढ़ाचे के विकास के लिए 35 प्रतिशत की दर से क्रेडिट- लिंक्ड अनुदान के माध्यम से प्रदान की जाएगी। सीड कैपिटल के रूप में स्वसहायता समूह सदस्य को कार्यशील पूंजी और छोटे उपकरण खरीदने के लिए 40 हजार रूपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जायेगी। सहायता प्राप्त करने के लिए इच्छुक मौजूदा खाद्य प्रसंस्करण यूनिटें एफ.एम.ई. पोर्टल पर आवेदन कर सकती हैं। योजना के विस्तृत दिशा निर्देश मंत्रालय की वेबसाईट उवचिप.दपब.पद पर देखें जा सकते हैं।
 
(58 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
जुलाईअगस्त 2021सितम्बर
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
2627282930311
2345678
9101112131415
16171819202122
23242526272829
303112345

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer