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फीवर क्‍लीनिक के सफल संचालन में डॉ. रिकेश्‍वरी ने निभाई अहम भूमिका "खुशियों की दास्ताँ"
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सिवनी | 11-जून-2021
 
     जिले में कोविड-19 की शुरूआती लहर के साथ ही फीवर क्‍लीनिक की भी शुरूआत की गई। जिसमें सर्दी, खांसी, बुखार के लक्षण वाले मरीजो की जाचं की जा रही है। कोविड के मरीजो की पहचान करने में फीवर क्‍लीनिक की अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण भूमिका रही है। जिसमे आयुष चिकित्‍सा अधिकारी डॉ. रिकेश्‍वरी अमरोदिया द्वारा फीवर क्‍लीनिक ओपीडी में अपनी सेवाए दी गई हैं। कोरोना संक्रमण में मरीजो की जांच एवं त्‍वरित उपचार में डॉ. रिकेश्‍वरी अमरोदिया की अहम भूमिका रही।

   डॉ. रिकेश्‍वरी अमरोदिया ने बताया कि फीवर क्‍लीनिक सुबह 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक दो शिफ्ट में संचालित किया जाता है जिसमें सर्दी, खांसी, बुखार तथा कोविड-19 के संदिग्‍ध लक्षण वाले मरीजो की जाचं की जाती है। कोविड काल के दौरान फीवर क्‍लीनिक में प्रतिदिन लगभग 250 से 300 मरीजो की जांच की जाती थी तथा वर्तमान में भी यह प्रतिदिन संचालित किया जा रहा है।

   इस दौरान उन्होने लगातार ड्यूटी की एवं किसी भी प्रकार का अवकाश नही लिया। ड्यूटी के दौरान मै कोविड पॉजिटिव हो गई थी, किंतु मैने आत्‍मविश्‍वास नही खोया एवं कोविड को मात देकर पुन: कार्यस्‍थल पर उपस्थित हुई। घर वालों ने फिर से ड्यूटी ज्‍वाईन करने के लिए बहुत मना किया पर फिर भी मैने अपनी परवाह किए बिना ड्यूटी ज्‍वाईन की और अपना काम शुरू किया। फीवर क्‍लीनिक ओपीडी में मरीजो को उपचार के पश्‍चात दवाईया भी उपलब्‍ध कराई जाती थी तथा गंभीर मरीजो को जांच उपरांत वार्ड में भर्ती कराया जाता था। सभी स्‍टाफ के साथ आपसी सामंजस्‍य से कोरोना संक्रमण को रोकने में काफी हद तक सफलता मिली है। वह कहती है कि एक डॉक्‍टर का कर्त्‍तव्‍य होता है कि वह खुद से पहले अपने मरीजो की परवाह करे। भगवान से आशा है कि ये भयंकर कोरोना महामारी जल्‍द ही पूरी तहर से खत्‍म हो।
 
(7 days ago)
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