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फलीभूत हो रहीं हैं मुख्यमंत्री की शुभकामनाएं "खुशियों की दास्तां"
राठीपुर के पलक स्व सहायता समूह की प्रत्येक महिला अर्जित कर रही पांच से छ: हजार रूपए की आय, नवम्बर 2020 में मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किया था समूह की महिलाओं से संवाद, उत्कृष्ट समूह बनने पर बैंक ने दिया था 5 लाख रूपये का ऋण
बैतूल | 11-जून-2021
     बैतूल समीपस्थ ग्राम राठीपुर में एनआरएलएम के तहत गठित स्व सहायता समूह की महिलाएं विभिन्न सामूहिक गतिविधियों के माध्यम से अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने विगत 23 नवंबर 2020 को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आर्थिक गतिविधियों के क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रहे समूह की सदस्यों से चर्चा की थी एवं उनको अच्छे कार्यों के लिए शुभकामनाएं दी थीं। समूह की सफल गतिविधियों को देखते हुए पहली बार बैंक ने इस समूह को पांच लाख रूपए तक की क्रेडिट लिमिट भी स्वीकृत की थी।
    वर्ष 2017 में गठित पलक महिला आजीविका स्व सहायता समूह की महिलाएं चार वर्षों में डेयरी, खली, मसाला पैकिंग, पूजन सामग्री निर्माण सहित अन्य व्यवसाय कर प्रत्येक सदस्य पांच से छ: हजार रूपए प्रतिमाह की आय अर्जित कर कर रही हैं। समूह में 12 महिला सदस्य कार्य कर रही हैं। इस समूह को वर्ष 2020 में नियमानुसार चलाने पर एवं समस्त प्रक्रियाओं का पालन करने पर जिला स्तर से उत्कृष्ट समूह के रूप में चयनित किया गया। यही नहीं, समूह के सदस्यों की मेहनत एवं लगन को देखते हुए सेन्ट्रल बैंक ऑफ  इंडिया की कोठी बाजार शाखा से प्रथम बार में ही 5 लाख रूपये की राशि ऋण के रूप आजीविका गतिविधियों को प्रारम्भ करने के लिए स्वीकृत कर प्रदाय की गई।  
    समूह से जुडऩे के पूर्व पलक समूह की ज्यादातर महिलाओं द्वारा खेती/मजदूरी/दुग्ध व्यवसाय का कार्य किया जाता था। कुछ महिलायें अपने पति के कार्यों में हाथ बंटाती थीं। जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं थी। कमाई इतनी नहीं हो पाती थी कि जिससे उनके परिवार का खर्च अच्छे से चल सके। सीमित आमदनी होने के कारण महिलाएं अपने बच्चों को भी अच्छी शिक्षा भी नहीं दिलवा पातीं थीं।
    वर्ष 2017 में आजीविका मिशन से जुडऩे के बाद पलक आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा सर्व सम्मति से श्रीमती अनीता कोड़ले को अध्यक्ष एवं श्रीमती दुर्गा पंवार को सचिव चुना गया। समूह के सदस्यों द्वारा नियमित रूप से बैठक करते हुए अपनी थोड़ी-थोड़ी बचत भी जमा करना शुरू किया गया। समूह को नियमानुसार चलाने पर आजीविका मिशन की ओर से चक्रीय राशि के रूप में 12 हजार रूपये की राशि प्रदाय की गई। समूह के सदस्यों द्वारा की गई बचत से अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए छोटी-छोटी राशि ऋण के रूप में ली जाने लगी। किन्तु समूह के सदस्यों की आय में वृद्धि करने के लिए उन्हें अन्य आजीविका गतिविधियों से जोडऩा जरूरी था। इसके लिए आजीविका मिशन के द्वारा पलक समूह की महिलाओं को विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण प्रदाय कराये गये।
वर्ष 2020 में समूह को नियमानुसार चलाने पर एवं समस्त प्रक्रियाओं का पालन करने पर जिला स्तर से उत्कृष्ट समूह के रूप में चयनित किया गया। समूह के सदस्यों की मेहनत एवं लगन को देखते हुए सेन्ट्रल बैंक ऑफ  इंडिया की कोठी बाजार शाखा से प्रथम बार में ही 5 लाख रूपये की राशि ऋण के रूप आजीविका गतिविधियों को प्रारम्भ करने के लिए स्वीकृत कर प्रदाय की गई।  
    बैंक द्वारा प्राप्त ऋण राशि एवं आजीविका मिशन द्वारा प्रदाय सहयोग राशि के माध्यम से पलक समूह की महिलाओं ने विभिन्न आय मूलक गतिविधियां प्रारम्भ की।
समूह द्वारा की जा रही सामूहिक गतिविधि-
डेयरी व्यवसाय
    समूह द्वारा बैंक से 05 लाख रूपये का लोन लेकर जिन सदस्यों के पास पशु नहीं थे, उन समूह सदस्यों को लोन देकर उनके द्वारा दुधारू पशु खरीदे गये। अभी समूह के सभी सदस्य दुग्ध उत्पादन का कार्य करते हैं। ग्राम से भी दुग्ध का कलेक्शन कर सामूहिक रूप से डेयरी संचालित कर रहे हैं। वर्तमान में 130 लीटर दूध डेयरी से विक्रय करते हैं।

खली व्यवसाय
समूह द्वारा सामूहिक रूप से खली क्रय कर विक्रय करने का कार्य किया जाता है, जिसमें 01 लाख के व्यवसाय पर समूह को वर्ष में 40 हजार रूपये का लाभ प्राप्त होता है।

मसाला पैकिंग
समूह सामूहिक रूप से मसाला पैकिंग का कार्य करता है। सदस्य दुकानदारों से संपर्क कर मांग अनुसार मसाले के पैकेट तैयार करते हैं और सप्लाई करते हैं। एक सदस्य को इस कार्य से 200 रू प्रति दिवस तक प्राप्त होते हैं।

पूजन सामग्री निर्माण
समूह सदस्य सामूहिक रूप से हवन की लकडिय़ों के पैकेट तैयार करते है। समूह के सदस्य जंगल से लकडिय़ां लाकर हवन में उपयोग होने वाली लकडिय़ा जमा करते है एवं पैकेट तैयार कर शहर में विक्रय करते हैं।

सब्जी के पौधों की रोपणी तैयार करने का कार्य
समूह सदस्यों द्वारा सामूहिक रूप से सब्जी के पौधों की रोपणी तैयार करने का कार्य किया जाता है तथा रोपणी तैयार कर विक्रय करते हैं।
ग्राम राठीपुर के पलक महिला आजीविका स्वयं सहायता समूह को जिला स्तर से उत्कृष्ट समूह के रूप में चुने जाने पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा 23 नवम्बर 2020 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये संवाद कर शुभकामनाएं भी दी गईं थीं।

अब पलक महिला आजीविका स्वयं सहायता समूह के प्रत्येक सदस्य को सामूहिक गतिविधियों से 5000 से 6000 रुपए तक की प्रतिमाह आय प्राप्त होने लगी है। साथ ही समूह के द्वारा नियमित रूप से बैंक ऋण को किश्तों के रूप में चुकाया जा रहा है।

पलक समूह के सदस्य बहुत खुश हैं और बताते हैं कि अब हम अच्छे से अपने परिवार को चलाने में मदद कर पा रहे हैं। बच्चों को भी अच्छी शिक्षा दिलवा रहे हैं। आय बढऩे से अन्य कार्यों  को भी करने में अब दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता है। अगर आजीविका मिशन जैसी योजना गांव में नहीं आती, तो हम अपने परिवार का विकास कभी भी नहीं कर सकते थे। इसके लिए समस्त सदस्य आजीविका मिशन को बार-बार धन्यवाद देते हैं।
(13 days ago)
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