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नेशनल लोक अदालत में 1061 पक्षकार हुए लाभांवित
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अशोकनगर | 10-जुलाई-2021
   जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अखिलेश जोशी द्वारा न्यायालय के सभाकक्ष में  मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्जवलित करके नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया। इस अवसर पर श्री शैलेन्द्र कुमार नागौत्रा, नोडल अधिकारी/एडीजे, श्री पंकज कुमार वर्मा, सचिव/एडीजे, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री महेश चैहान, एडीजे, श्री तनवीर अहमद खान, एडीजे, श्री अमित भूरिया, मुख्य न्यायाधीश मजिस्टेªट एवं जिला रजिस्टार श्री अंकित श्रीवास्तव, सुश्री प्रिया गुप्ता, न्यायिक मजि. श्री अखिलेश चाॅडक न्यायिक मजि, सुश्री अर्चना मर्सकोले न्यायिक मजि, सुश्री मुग्धा कुमार, न्यायिक मजि. डाॅ. वीरेन्द्र कुमार चढ़ार, जिला विधिक सहायता अधिकारी, अध्यक्ष अधिवक्ता संघ श्री संदीप तिवारी एवं सचिव श्री अजय  रघुवंशी, बार उपाध्यक्ष श्री सुनील शर्मा, श्री श्रवण पटेल, डी.ई विद्युत विभाग अशोकनगर, श्री मुकेश होटचंदानी एल.डी.एम अशोकनगर एवं अन्य अधिवक्तागण, अधिकारीगण एवं न्यायालयीन कर्मचारीगण, पक्षकारगण आदि उपस्थित हुए।
इस लोक अदालत में निम्नानुसार मामलों का निपटारा हुआ-
      इस नेशनल लोक अदालत में गठित कुल 15 खण्डपीठ के माध्यम से कुल 699 मामलों का निराकरण हुआ। कुल 1061 पक्षकारगण लाभांवित हुए। इस प्रकार दोनों ही प्रकार के मामलों में वसूल की गई राशि  37053080 अवार्ड पारित किया गया। इस प्रकार न्यायालयीन लंबित मामलों 244 एवं प्रिलिटिगेशन 455 निराकृत हुये।
विशेष मामले
  05 वर्ष पूर्व विवाहित आवेदन रामा साहू (परिवर्तित नाम) पति श्याम साहू जो कि विवाह के समय से ही लागातार 05 वर्षो से ही परिवार की छोटी छोटी बातो को लेकर अलग रह रहे थे। पीड़िता की ओर से दिये गये आवेदन अनुसार कि उसके पति एवं उसके सास-ससुर द्वारा कि गई अनावश्यक मांग एवं खाने के लिये समुचित सामग्री उपलब्ध ना कराने के कारण अलग रहने को मजबूर थे। मामला नेशनल लोक अदालत पीठ के समक्ष आने से लोक अदालत की खण्डपीठ द्वारा समझाईश के फलस्वरूप दोनो पक्षों ने अपनी-अपनी गलतियां को समझा और एक-दूसरे के प्रति अपनी जिम्मेदारी का अहसास किया तत्पश्चात प्रधान जिला न्यायाधीश श्री अखिलेश जोशी के समक्ष खुशी-खुशी साथ रहने के लिये तैयार हुए। तत्पश्चात् प्रधान जिला न्यायाधीश महोदय के करकमलो द्वारा न्यायरूपी पौधे दिया गया।
   विवाह की शुरूआत से ही एक दूसरी को ना समझने के कारण अलग रहने वाले पति-पत्नी लोक अदालत में मिले- इस मामले में परिवार परामर्श केन्द्र में आवेदक श्री रामपाल परिवर्तित नाम ग्राम बकानलपुर जिला अशोकनगर की ओर से प्रस्तुत किया गया था। मामला लोक अदालत की पीठ के समक्ष चर्चा में प्रकट हुआ कि रामपाल की पत्नी अनीता परिवर्तित नाम बिना बताये अपने माता-पिता या भाई के कहने पर अपने पति को बिना बताये मायके चली जाती हैं जिस कारण से आवेदक दुखी रहता है। नेशनल लोक अदालत खण्डपीठ द्वारा दी जाने वाली समझाईश के कारण उभयपक्षों को पारिवारिक जिम्मेदारी सामाजिक एवं धार्मिक रीतिनीतियो का एवं सामाजिक प्रचलनों का आभास करये जाने के कारण उभयपक्षों आपसी सहमती के साथ रहने को तैयार है। नेशनल लोक अदालत पीठ द्वारा प्रधान जिला न्यायाधीश श्री अखिलेश जोशी द्वारा उनको आगामी जीवन खुशी-खुशी व्यतीत हो। उनके जीवन में सदा हरियाली रहे इस उद्देश्य से न्यायरूपी पौधा प्रदान किया गया।
   लगभग 25 वर्ष पूर्व की विवाहिता शबिना परिवर्तित नाम एवं पति इकबाल परिवर्तित नाम  जो कि उभयपक्ष अशोकनगर के निवासी इनाक विवाह लगभग 25 साल पूर्व हुआ। पारिवारिक छोटी-02 बाजों के कारण 02 वर्षों से अलग रह रहे। पति-पत्नी के झगड़े के बीच विवाद के कारण आवेदिका शबिना में तलाक के लिए आवेदन लगाया। मामला लोक अदालत की खण्डपीठ के समक्ष आया। लोक अदालत की पीठ द्वारा दी गई समझाईश से दोनों पक्षों सहमत हुये। पुनः अपने दाम्पत्य जीवन साथ-साथ निभाने के लिये सहमत होकर एक दूसरे का मुह मिठा कराया। प्रधान न्यायाधीश श्री अखिलेश जोशी जी द्वारा के करकमलों द्वारा न्यायरूपी पौधा भेंट किया गया।
इस लोक अदालत में पीठासीन अधिकारी श्रीमती प्रिया गुप्ता की खण्डपीठ ने सर्वाधिक 38 मामले निराकरण कराये। साथ ही लोक अदालत द्वारा निराकृत द्वारा कराये गये 699 मामलों में समस्त अधिवक्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिसमें अधिवक्ता श्री सुनील शर्मा द्वारा सर्वाधिक 28 मामलों में समझौता हेतु प्रेरित किया गया।

 
(18 days ago)
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