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बेसहारा बालिकाओं की माँ बन गई हैं विभा "खुशियों की दास्तां"
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ग्वालियर | 19-जुलाई-2021
    विभा अनेजा को हर बेसहारा बच्चे में अपना ही बच्चा नजर आता है। असहाय बच्चों को देखकर उनके भीतर स्नेह और वात्सल्य का सागर हिलोरे लेने लगता है। स्वयं के दो प्यारे-प्यारे बच्चे होने के बाबजूद वे 5 बेसहारा बालिकाओं का भी लालन-पालन अपने बच्चों की तरह कर रहीं हैं। एक तरह से इन बच्चों की भी वे माँ बन गई हैं। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सोमवार को ग्वालियर की श्रीमती विभा अनेजा और श्रीमती ज्योति भावना से चर्चा की और उनके प्रति धन्यवाद जाहिर किया। श्री चौहान ने कहा आपके प्रयास पूरे समाज के लिए अभिनंदनीय है। जीवित समाज के रहते कोई भी बच्चा अनाथ नहीं रह सकता।
    एक बेसहारा बिटिया का कन्यादान करने के बाद विभा अनेजा कलेक्ट्रेट के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कक्ष में पहुँची थीं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने चर्चा के दौरान विभा अनेजा से पूछा कि आपके मन में बेसहारा बच्चों के लिए प्यार और दुलार कैसे पैदा हुआ। तब विभा बोलीं कि बचपन में मुझे माता-पिता का उतना प्यार नहीं मिल पाया, जितना एक बच्चे को जरूरत होती है। मैंने तभी ठान लिया कि मुझसे जितना बन पड़ेगा, बेसहारा बच्चों की मददगार बनूँगी।
    सत्यदेव नगर ठाठीपुर ग्वालियर निवासी श्रीमती विभा अनेजा बताती हैं कि विवाह होने के बाद मेरे अंदर निराश्रित बच्चों के प्रति मातृत्व की  भावना बनी रही। जब बेसहारा बच्चों को फॉस्टर केयर (पालन-पोषण व देखरेख) में लेने की इच्छा जाहिर की, तो मेरे पति श्री कमल अनेजा इसके लिए सहज तैयार हो गए। इस स्वीकारोक्ति पर मेरी खुशी का ठिकाना न रहा। मेरे आंगन में दो-दो प्यारे बच्चों ने जन्म लिया। इसके बाद भी बेसहारा बच्चों के प्रति मेरा लगाव जरा भी कम नहीं हुआ। श्रीमती विभा ने वर्ष 2019 में दो बालिकाओं आराध्या व मुस्कान को विधिवत फॉस्टर केयर में लिया। दोनों बालिकाओं का बेहतर ढंग से लालन-पालन किया और मुस्कान 18 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद अपने पैरों पर खड़ी हो चुकी है। इसके बाद उन्होंने बाल अत्याचार से पीड़ित एक 12 वर्षीय बालिका को अपने संरक्षण में लिया।
इसी क्रम में उन्होंने मानसी और प्रीति को फॉस्टर केयर में लिया है। प्रीति व्यवसायिक प्रशिक्षण ले रही है और अक्टूबर में 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर लेगी। उनके संरक्षण में एक मानसिक दिव्यांग बालिका भी है। वर्तमान में उनके संरक्षण में 5 बालिकायें हैं। सभी बालिकाओं की पढ़ाई-लिखाई के साथ-साथ नृत्य, पेंटिंग, आर्ट-क्राफ्ट व कम्प्यूटर का प्रशिक्षण भी उनके द्वारा दिया जाता है। उनके संरक्षण में पल-बढ़ रहीं बालिकायें शहर में आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगिताओं की विजेता भी रही हैं।
इसी तरह पृथ्वी नगर सिरोल रोड़ निवासी श्रीमती ज्योति भावना भी महिला कल्याण स्वास्थ्य संघ संस्था के माध्यम से बेसहारा बच्चों के लालन-पालन में जुटी हैं। उनकी संस्था में वर्तमान में 8 वर्ष से लेकर 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का लालन-पालन हो रहा है। इनमें से 5 बच्चे अंग्रेजी माध्यम के निजी स्कूलों और 3 बच्चे केन्द्रीय विद्यालय में पढ़ते हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने ज्योति और विभा द्वारा किए जा रहे इस नेक काम की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार आप सबको इस पुण्य मिशन में पूरा सहयोग देगी। सरकार ने इसके लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू की है। जिसके तहत हर निराश्रित बच्चे को प्रतिमाह 5 – 5 हजार रूपए आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही ऐसे बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और राशन की व्यवस्था भी सरकार करेगी।
हितेन्द्र सिंह भदौरिया

 
(71 days ago)
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