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पट्टे की भूमि बेचने पर राजनारायण को 3 अगस्‍त तक
कलेक्‍टर न्‍यायालय में जवाब प्रस्‍तुत करने के निर्देश
गुना | 22-जुलाई-2021
        कलेक्‍टर एवं जिलादण्‍डाधिकारी श्री फ्रेंक नोबल ए. द्वारा श्री राजनारायण द्वारा ग्राम खिरिया तहसील राघौगढ़ निवासी राजनारायण पुत्र प्रेमनारायण ब्राह्मण को पट्टे की भूमि बेचने के कृत्‍य को भू-राजस्‍व संहिता के अनुसार गलत माना है। पट्टा विक्रय के पूर्व कलेक्‍टर से अनुमति लेना जरूरी था। ऐसा न करने की दशा में भूमि को शासकीय घोषित करने की प्रक्रिया की गयी है। इसमें राजनारायण ब्राह्मण को नोटिस जारी कर 03 अगस्‍त 2021 तक कलेक्‍टर न्‍यायालय में जवाब मांगा है।
        राजनारायण को जारी कारण बताओ सूचना पत्र इस प्रकार है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व राघौगढ का प्रतिवेदन दिनांक 25/02/2021 एवं तहसीलदार परगना राघौगढ के प्रतिवेदन दिनांक 24/02/2021 अनुसार ग्राम खिरिया तहसील राघौगढ स्थित भूमि सर्वे नंबर 3/3 रकबा 0.209 हेक्टर वर्ष 1993-94 में प्र.क. 12/अ-27/1987-88 में बंटवारा स्वीकृत होने से आपके नाम पर दर्ज हुई, ग्राम खिरिया स्थित उक्त भूमि का मूल सर्वे नंबर 3 रकबा 2.790 हेक्टर जिल्द बंदोबस्त खसरा वर्ष 1957-58 मे शासकीय कदीम दर्ज है, यह शासकीय भूमि मूल भूमि स्वामी को कैसे प्राप्त हुई उक्त आदेश की प्रविष्टि भी अभिलेख मे दर्ज नही है। आपके स्वामित्व की भूमि सर्वे नंबर 3/3 रकबा 0.209 हेक्टर भूमि को आपके द्वारा बिना अनुमति के भूमि का अंतरण विक्रेता जसविंदर सिंह मुन्डी निवासी ग्राम खिरिया भूमि स्वामी के पक्ष में कराया गया है, जबकि शासकीय पट्टे की भूमि का अन्य किसी को अंतरण किये जाने के पूर्व म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 165(7) के प्रावधान अनुसार कलेक्‍टर की अनुमति लिया जाना अनिवार्य है। इस प्रकार आपके द्वारा म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 165(7) का उल्लंघन किया जाकर प्रश्नाधीन शासकीय पट्टे की भूमि बिना सक्षम अधिकारी के अनुमति के अंतरण कराई गई है। अतः क्यों न म.प्र. भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 165(7) एवं धारा 182 का उल्लंघन किये जाने से पटटा निरस्त करते हुये उक्त भूमि को शासकीय घोषित किया जाए ? आप अपना जवाब स्वयं या अपने अधिकृत अभिभाषक के माध्यम से प्रकरण नियत तिथि दिनांक 03 अगस्‍त 2021 तक प्रस्तुत करें। अनुपस्थिति की दशा में प्रकरण में एक पक्षीय कार्यवाही की जावेगी।
 
(13 days ago)
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