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वन स्टॉप सेंटर की सहायता से दिव्या का घर बिगड़ने से बचा (खुशियों की दस्तां)
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मुरैना | 22-जुलाई-2021
      वन स्टॉप सेंटर की सहायता से दिव्या का घर बिगड़ने से बच गया। वन स्टॉप सेंटर ने पति पत्नि के बीच आपसी सुलह करा कर दिव्या को पति के साथ रहने के लिये राजी कर लिया।
   जिला मुरैना तहसील अंबाह निवासी 24 वर्षीय दिव्या की शादी को एक साल भी पूरा नहीं हो पाया था कि उसकी जिंदगी में दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। आये दिन उसके ससुराल वाले उसके साथ गाली गलोज एवं दहेज की मांग करने लगे एवं उसका पति उसके साथ शारीरिक हिंसा करने लगा,लेकिन वह कई दिनों तक ये सब कुछ सहती रही। क्योंकि उसके मायके में भी उसके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी और वह अपने मायके वालो को अपने साथ हो रहे अत्याचार के बारे में बताना नहीं चाहती थी तभी  उसने अपनी जिठानी को, जो कि अपने पति के साथ मुरैना मे रहती थी दिव्या ने सारी बाते अपनी जिठानी को बताई तब उसने दिव्या को वन स्टॉप सेंटर मुरैना में जाने की सलाह दी। उसके बाद दिव्या अपनी जिठानी के कहे अनुसार वन स्टॉप सेंटर पर आई जहाँ उसकी सारी समस्या सुनी व् समझी गयी। वह जब वन स्टॉप सेंटर पर आई थी तब वह बहुत दुखी व हताश थी, तभी वन स्टॉप सेंटर के अधिकारियों ने उसे सहारा दिया और उससे कहा की तुम चिंता मत करो और बिलकुल हताश मत हो। हम तुम्हारे साथ है। फिर उसके पति को वन स्टॉप मुरैना बुलवाया गया जहाँ दोनों पक्षों की बातो को सुना गया व उसके पति की काउंसिलग की गयी। वन स्टॉप सेंटर के मामले में फंसे दिव्या के पति की समझ में आ गया और वह अपनी पत्नी को अपने साथ रखने के लिए राजी हो गया। लेकिन उसके पति ने अपने घरवालों को समझाने के लिए 3 माह का समय माँगा जिसके लिए दिव्या भी सहमत हो गयी।
        3 महीने बाद दिव्या और उसके पति को वन स्टॉप सेंटर मुरैना पर फिर बुलाया गया और फिर उन दोनों से पूछा गया कि तुम दोनों एक दूसरे के साथ रहने के लिए तैयार हो क्या? तभी दिव्या के पति और दिव्या ने कहा कि हम दोनों एक दूसरे के साथ रहने को राजी है। लेकिन में अपनी पत्नी दिव्या को अपने साथ दिल्ली में रखूंगा जहाँ में नौकरी करता हूँ। दिव्या भी इस बात के लिये सहमत हो गई। इस प्रकार दिव्या का घर वन स्टॉप सेंटर की सहायता से बिगड़ने से बच गया। अतः वह दोनों वन स्टॉप सेंटर मुरैना से सीधे दिल्ली की ओर रवाना हो गए। वन स्टॉप सेंटर उनके सुखद जीवन की कामना करता है।
        उल्लेखनीय है कि दिल्ली के निर्भया हत्याकांड के बाद भारत सरकार ने हर जिले में एक एक वन स्टॉप सेंटर को स्थापित किया है। चंबल संभाग में इसका भवन मुरैना जिले में बन चुका है। भिण्ड, श्योपुर में भवन निर्माणाधीन है। वन स्टॉप सेंटर पर राजपत्रित अधिकारी सेंटर के  प्रशासक होते हैं। सेंटर में एक अधिवक्ता और पुलिस की व्यवस्था की गई है। इस सेंटर पर प्रताडि़त महिला को एक ही स्थान पर अल्पकालीन सभी सुविधायें उपलब्ध कराई जाती हैं जैसे अल्पकालीन 5 दिवसीय रहने की सुविधा के साथ अन्य सुविधायें दी जाती हैं।
डी.डी.शाक्यवार
 
(9 days ago)
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