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वर्षा के पानी से खराब हुई सडकों की मरम्मत का प्रस्ताव तैयार करें-प्रभारी मंत्री
बाढ राहत एवं आपदा प्रबंधन की बैठक आयोजित
श्योपुर | 29-जुलाई-2021
 
     प्रदेश के उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण एवं नर्मदा घाटी विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं श्योपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा है कि श्योपुर-कराहल क्षेत्र में विगत दिनों अच्छी वर्षा हुई है। जिसके कारण जो सडकें वर्षा के पानी से खराब हुई है उनकी मरम्मत कराने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा जावे। जिसकों मजूंरी दिलाने के प्रयास शीघ्र किये जावेगे। जिससे सडकें ठीक होकर आवागमन की सुविधा प्रदान करने में सहयोगी बनेगी। वे आज गूगल मीट के माध्यम से कलेक्टर कार्यालय श्योपुर में आयोजित बाढ राहत एवं आपदा प्रबंधन समिति की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
    बैठक में कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक श्री सम्पत उपाध्याय, अपर कलेक्टर श्री रूपेश उपाध्याय, भाजपा के जिला अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र जाट, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती कविता मीणा, पूर्व विधायक श्री दुर्गालाल विजय, श्री बृजराज सिंह चौहान, समिति सदस्य डॉ एसके तिवारी,  एसडीएम कराहल श्री विजेन्द्र सिह यादव, कार्यपालन यंत्री जल संसाधन श्री सुभाष गुप्ता, पीडब्ल्यूडी श्री संकल्प गोलिया, कमाडेंट होमगार्ड श्री कुलदीप मलिक, सहायक आयुक्त आजाक श्री एमपी पिपरैया उपस्थित थे। इसी प्रकार गूगल मीट के माध्यम से डीएफओ श्री सुधाशु यादव भी जुडे हुए थे।
     प्रभारी मंत्री श्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि पानी हमारे लिए अमृत है। बरसात के पानी का सद्उपयोग किया जावे। पानी व्यर्थ में नही बहें, इसके लिए नदी, नालो पर चैक डैम, स्टॉफ डैम बनाये जावे। जिससे बरसात का पानी को रोका जाकर पानी का संरक्षण किया जा सकें। इस दिशा में रणनीति तैयार की जावे। उन्होने कहा कि कराहल क्षेत्र के अंतर्गत आवदा डैम पानी से भर गया है। जिसको किसानो की खेती के हित की दिशा में पानी डैम से निकलने वाली नहर में छोडा जावे। उन्होने कहा कि वन क्षेत्रो में भी पानी संरक्षण की दिशा में आवश्यक कदम उठाये जावे। साथ ही बरसात के पानी का उपयोग किया जाकर जंगलो को सुरक्षित करने की दिशा में विभागीय अधिकारी कार्यवाही सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि वर्षा से होनी वाली फसल हानि आदि का सर्वे कराया जावे। साथ ही सर्वे में प्रभावित व्यक्तियों की फसल के नुकसान की सहायता पात्रता अनुसार उपलब्ध कराने की कार्यवाही सुनिश्चित की जावे। वर्षा के पानी से जिन गरीबो के मकान आदि में क्षति हुई है। उनकों आवश्यक सुविधा के अंतर्गत भोजन आदि के इंतजाम किये जावे। आगे भी होनी वाली बरसात के मद्देनजर जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारी भविष्य की प्लांनिग तैयार करें। जिससे बरसात से होने वाले नुकसान से बचा जा सके।
    कलेक्टर श्री राकेश कुमार श्रीवास्तव ने बैठक में बताया कि श्योपुर जिले की वार्षिक औसत वर्षा 822 मिली मीटर है। अभी तक 295.06 मिली मीटर वर्षा हुई है। कराहल क्षेत्र मे सबसे अधिक वर्षा हुई है। जबकि वीरपुर क्षेत्र में सबसे कम। इसी प्रकार विगत वर्ष इसी अवधि में 225.1 मिली मीटर वर्षा हुई थी। इस वर्ष 70.5 मिली मीटर औसत वर्षा अधिक हुई है। उन्होने कहा कि 78 गांव वर्षा से प्रभावित हुए है। जिनमें पानी से हुई नुकसान का सर्वे राजस्व अधिकारियों द्वारा कराया जा रहा है। उन्होने कहा कि श्योपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम सूडी पार्वती नदी और वीरपुर तहसील क्षेत्र का गांव साड चंबल नदी के पानी से घिर जाता है। इन दोनो गांवो में बरसात के लिए राशन पहुचाने की व्यवस्था की जाती है। साथ ही दोनो गांवो की गर्भवती महिलाओं को बाहर निकलने की व्यवस्था की समझाइश ग्रामीणों को दी जाती है। इन गांवो में अधिकारी और मेडिकल टीम कल भेजी जावेगी। विगत दिनों 26 एवं 27 जुलाई को हुई वर्षा के दौरान कोई भी जनधन हानि नही हुई है। फतेहपुर के 11 लोग रेस्क्यू के माध्यम से सुरक्षित निकाल लिया गया था। इसी प्रकार  रेस्क्यू के माध्यम से अलापुर के दो व्यक्ति रात्रि में निकाल लिये गये। बरसात के पानी की जानकारी के लिए व्हाटसएप गु्रप बनाया गया है। जिसके अधिकारी/कर्मचारियों को जोडा गया है। इसी प्रकार वर्षा की जानकारी के लिए कन्ट्रोलरूम स्थापित किया जाकर 24 घंटे चालू है। बरसात के बाद श्योपुर जिले के सभी रास्ते खुल गये है। सडकों के क्षतिग्रस्त होने और पुलिया, तालाब टूटने का आंकलन पीडब्ल्यूडी, आरडीसी, प्रधानमंत्री सडक के द्वारा किया जा रहा है। श्योपुर-कराहल क्षेत्र में हुई वर्षा से किसान अपनी धान की रूपाई कर रहे है। इस फसल में वर्षा के पानी से काफी लाभ हुआ है।
    पुलिस अधीक्षक श्री सम्पत उपाध्याय ने बैठक में बताया कि श्योपुर जिले में हुई वर्षा के दौरान चंबल, पार्वती, कूनो, अहेली, कदवाल, सीप, क्वारी नदी के जल स्तर पर निगरानी रखने के लिए पुलिस के अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा सतत् निगरानी की गई। उन्होने कहा कि होमगार्ड की रेस्क्यू टीम का भी सहयोग पुलिस द्वारा किया गया। उन्होने कहा कि होमगार्ड के पास तीन बोटे है। जिनका उपयोग श्योपुर, कराहल क्षेत्र में किया जा रहा है। वीरपुर और विजयपुर को दो नई बोट मंगाई जाकर बरसात के लिए उपयोग में लाई जावेगी। उन्होने कहा कि बरसात के कारण जहां पानी के बहाव से छोटी-छोटी पुलियो के पास सडक कट जाती है। उन स्थानों पर बडी पुलिया पीडब्ल्यूडी, प्रधानमंत्री सडक और आरडीसी के माध्यम से बनाई जावे। उन्होने कहा कि नदी क्षेत्र की सडकों की पुलिया की साइट में पत्थर की पिच बनाई जाने की कार्यवाही सुनिश्चित की जावे।  
    वर्चुअल वीसी के माध्यम से जुडे डीएफओ श्री सुधाशु यादव ने बताया कि वन क्षेत्र में राज्य शासन द्वारा स्टॉफ डैम, तालाब, वाटरशेड के कार्य किये गये है। वन क्षेत्र में वर्षा का पानी रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा भी काम दिये गये है। पानी संरक्षण के लिए सभी प्रकार के उपाय सुनिश्चित किये जा रहे है।  
    बैठक में भाजपा के जिला अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र जाट, जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती कविता मीणा, पूर्व विधायक श्री दुर्गालाल विजय, श्री बृजराज सिंह चौहान ने श्योपुर-कराहल क्षेत्र में हुई वर्षा से आवदा डैम भरने की जानकारी दी। साथ ही सुझाव दिया कि आवदा डैम से निकलने वाली नहर में किसानों की फसलों के लिए पानी छोडा जावे। जिससे डैम में पानी का दबाव कम होगा। साथ ही डैम में आई हुई दरार की मरम्मत जल संसाधन विभाग के अधिकारियों द्वारा कराई जावे। इस दिशा में शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। उन्होने बताया कि हुई वर्षा से किसानो ंकी फसलों और बोनी की जाने वाली फसल के लिए फायदा हुआ है। उन्होने बताया कि सडको के कटाव की मरम्मत की आवश्यकता है। इसी प्रकार टूटे हुए तालाबों की मरम्मत की जानी है। सोई, मानपुर सीप नदी पर पुल बने हुए है। जिनकी भी मरम्मत की जानी है। सीप नदी पर स्टॉफ डैम प्रस्तावित किये गये है। जिनके बनने से पानी का संरक्षण होगा। इसके अलावा बर्घा, पहेला तालाब फूट गये है। जिनकी मरम्मत करने की शीघ्र आवश्यकता है। बगडुआ में जल संसाधन विभाग के माध्यम से पानी निकासी के लिए बंद नाले को खेालने की कार्यवाही कार्यपालन यंत्री जल संसाधन द्वारा की जावे। इसी प्रकार गोरस-सूसवाडा सडक जहां टूट गई है। उसकी मरम्मत का कार्य कराने की आवश्यकता है। इसके अलावा दातंरदा में सडक पर पानी बरसात का आ जाता है। वहां पुलिया बनाई जावे। कराहल रोड पर भी पानी आ जाता है। उसके निकासी की इंतजाम करने की आवश्यकता है।
(50 days ago)
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