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उपलब्ध संसाधनों के सहारे सुपोषण की ओर बढ़ने लगे कदम
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जबलपुर | 07-सितम्बर-2021
महिला बाल विकास विभाग द्वारा संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण स्तर के सकारात्मक परिवर्तन के लिए 30 सितंबर तक ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जिला कलेक्टर श्री कर्मवीर शर्मा के मार्गदर्शन में निरंतर सूचनात्मक एवं पोषण शिक्षा पर केंद्रित कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
जिले भर के परियोजना अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से ना केवल कुपोषण से मुक्ति की युक्ति के संबंध में जानकारी दे रहे हैं बल्कि जन भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश में निरंतर कर रहे हैं। शहरी क्षेत्र के परियोजना अधिकारी विकेश राय ने बताया- "प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश के अलावा केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्री जी सहित देशभर में कुपोषण के विरुद्ध जितने भी जागरूकता पर केंद्रित आयोजन हो रहे हैं उनके दूरगामी परिणाम निकलना है। कुपोषण का मूल कारण बच्चों का जन्म के समय ढाई किलो से कम वजन होना तथा गर्भवती माता के शरीर में आयरन की कमी के साथ-साथ माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का अभाव शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में समान रूप से देखा जाता है। और हम इस वर्ष पोषण माह में मौजूद खाद्य सामग्री के बारे में स्पष्ट विश्लेषण करते हैं तथा बता रहे हैं कि कुपोषण से मुक्ति के लिए दवाओं से ज्यादा हमारी खानपान की आदतों के सुधार की जरूरत है। पूरक पोषण आहार के अलावा नियमित रूप से मिलने वाले पोषण आहार यानी घर के भोजन में स्वच्छता एवं उसकी पौष्टिकता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बाल विकास परियोजना अधिकारी पाटन श्रीमती मोहिनी पटेरिया ने बताया- प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त सब्जी तथा परंपरागत आहार प्रणाली सबसे ज्यादा प्रभावी सिद्ध होती है अगर हम कुपोषण से समाज को मुक्त करना चाहते हैं। गंभीर रूप से कुपोषित बच्चे या तो बीमारी के कारण होते हैं या माता की प्रसव पूर्व स्थिति जैसे उसका एनीमिक होना आहार नहीं लेना आदि शामिल है।
बाल विकास परियोजना बरगी में विधायक श्री संजय यादव ने बरगी क्षेत्र में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया इस अवसर पर विधायक महोदय ने कार्यकर्ताओं का उत्साह वर्धन किया तथा समुदाय एवं शासकीय अधिकारियों कर्मचारियों को कुपोषण से मुक्ति के लिए एकजुटता दिखाने के महत्व पर विचार व्यक्त किए। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पंचायती राज व्यवस्था के निर्वाचित जनप्रतिनिधि, जिला पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत के पदाधिकारी तथा जनपद सदस्य बढ़-चढ़कर सहयोग कर रहे हैं। इस संबंध में शिवानी मौर्य सहायक संचालक ने बताया- प्रमुख सचिव महिला बाल विकास एवं संचालक महिला बाल विकास विभाग द्वारा एक फुलप्रूफ कार्य योजना बनाकर कार्य करने का निर्देश दिए हैं । जबलपुर जिले की कार्य योजना में हमने प्रेरक कार्यक्रमों का समावेश किया है। हमारा लक्ष्य है कि जबलपुर जिले के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में समान रूप से आम जनता का ध्यान पोषण स्तर में सुधार के लिए जन आंदोलन का स्वरूप ले और प्रारंभिक चरण में ही यह अभियान तेजी से जनभागीदारी अर्जित कर रहा है। जबलपुर जिले की पाटन कुंडम शहपुरा मझोली पनागर जबलपुर (ग्रामीण) तथा जबलपुर सिटी की 6 परियोजनाओं में यह कार्यक्रम एक साथ कार्य योजना अनुसार संपन्न किए जा रहे हैं।

 
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