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विभागीय गबन के प्रकरणों में वसूली की राशि प्राथमिकता से जमा कराई जाये -संभागायुक्त
संभागायुक्त ने स्थानीय निधि के लम्बित ऑडिट आपत्तियों का निराकरण शिविर लगाकर करने के निर्देश दिये] संभागायुक्त ने वीसी के माध्यम से स्थानीय निधि के लम्बित ऑडिट प्रकरणों की समीक्षा की
उज्जैन | 09-सितम्बर-2021
     उज्जैन संभागायुक्त श्री संदीप यादव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्थानीय निधि संपरीक्षा संभाग उज्जैन के अन्तर्गत विभिन्न निकायों के लम्बित ऑडिट आपत्तियों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। संभागायुक्त ने उज्जैन संभाग के 34 जनपदों, विभिन्न विभागों, नगर पालिका निगम एवं नगरीय निकायों के लम्बित ऑडिट आपत्तियों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने निराकरण की धीमी गति पर सख्त नाराजगी व्यक्त की और सभी विभागों, निकायों एवं जनपदों को चेतावनी दी कि वे अतिशीघ्र ही आपत्तियों का निराकरण करें। तीन डिजिट की संख्या में यदि आपत्तियां हैं तो वह स्वीकार योग्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि उच्च स्तर पर भी लगातार ऑडिट आपत्तियों की समीक्षा की जा रही है।
   उन्होंने विभिन्न निकाय, जनपद एवं विभागों में हुए गबन के प्रकरणों में तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए कहा कि गबन के प्रकरणों में सम्बन्धित से गबन की राशि जमा कराई जाये। उन्होंने संभाग के सभी जिलों में शिविर लगाकर ऑडिट आपत्तियों का निराकरण करने के निर्देश दिये। संभागायुक्त ने कहा कि 34 जनपद पंचायतों में निराकरण के लिये कोई विशेष प्रयास नहीं किया गया है, जो कि स्वीकार योग्य नहीं है। जिला पंचायतों ने भी इस सम्बन्ध में कोई रूचि नहीं दिखाई है। उन्होंने सभी को सचेत करते हुए कहा कि तत्काल वे अपनी स्थिति सुधारें, अन्यथा नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने सभी जनपदों के निकायों के अकाउंट आफिसरों को भी निर्देश दिये कि वे स्थानीय निधि संपरीक्षा कार्यालय के संयुक्त संचालक के सम्पर्क में रहें और उन्हें निराकरण की स्थिति से अवगत कराते रहें।
   वीडियो कॉन्फ्रेंस में मौजूद संयुक्त संचालक स्थानीय निधि संपरीक्षा श्री दीपक परिहार ने संभागायुक्त को अवगत कराया कि विभिन्न नगर निगम, कृषि उपज मंडी समितियों, जिला पंचायत, विकास प्राधिकरण, विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, रोगी कल्याण समितियों, स्कूल एवं शैक्षणिक संस्थाओं, ब्रिस्क एवं विविध संस्थाओं में 86 करोड़ 20 लाख 43 हजार 911 रुपये की राशि अवशेष की राशि है, जिसकी वसूली की जा रही है। स्थानीय निधि संपरीक्षा विभाग द्वारा सभी निकायों का संपरीक्षा कार्य सम्पादित करते हुए मप्र स्थानीय निधि संपरीक्षा अधिनियम-1973 के प्रावधान अनुसार संपरीक्षा शुल्क भारित किया है। संपरीक्षा विभाग शुल्क की राशि नियत समयावधि में निर्धारित कर शासन को जमा कराता है।
   संभागायुक्त ने कहा कि ऑडिट आपत्तियों की राशि सभी विभाग तत्काल जमा करायें। यदि किसी विभाग में गबन हुआ है तो गबनकर्ता के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कराकर गबन की राशि वसूली जाये। उन्होंने कहा कि जिन विभागों ने गबन की राशि जमा करा दी है वे उसकी जानकारी स्थानीय निधि संपरीक्षा कार्यालय को अनिवार्य रूप से दें। बैठक में सभी सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित थे।
 
(39 days ago)
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