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नेशनल लोक अदालत में निपटे न्यायालयों में लंबित 678 प्रकरण
आपसी सुलह एवं सहमति के आधार पर हुआ प्रकरणों का निराकरण
छिन्दवाड़ा | 11-सितम्बर-2021
 
      म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार परस्पर समझौते के आधार पर आम जन को त्वरित एवं सुलभ न्याय दिये जाने के उद्देश्य से आज जिला न्यायालय छिंदवाड़ा तथा तहसील न्यायालय परासिया, चौरई, पांढुर्णा, सौंसर, जुन्नारदेव, अमरवाड़ा, हर्रई, तामिया में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री बी.पी शर्मा के कुशल नेतृत्व में कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुये नेशनल लोक अदालत संपन्न हुई। जिला न्यायालय परिसर छिन्दवाड़ा के ए.डी.आर. भवन के सभाकक्ष में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री शर्मा द्वारा महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्जवलित कर नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। जिले के शुभारंभ कार्यक्रम के पूर्व म.प्र.उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति और म.प्र.राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक न्यायमूर्ति श्री मोहम्मद रफीक के मुख्य आतिथ्य और कार्यपालक अध्यक्ष म.प्र.राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण श्री प्रकाश श्रीवास्तव के विशिष्ट आतिथ्य में नेशनल लोक अदालत का ऑनलाईन शुभारंभ किया गया। नेशनल लोक अदालत में मोटर दुर्घटना के 44 प्रकरणों में एक करोड़ 26 लाख 94 हजार 230 रूपये और चेक बाउन्स के 184 प्रकरणों में 2 करोड़ 12 लाख 80 हजार 6 रूपये के अवार्ड पारित किये गये तथा राजीनामा योग्य दांडिक के 130 प्रकरणों सहित न्यायालयों में लंबित 678 प्रकरणों में दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर राजीनामा किया जाकर अंतिम निराकरण किया गया। साथ ही  बैंकों, नगरपालिका और विद्युत विभाग के प्री-लिटिगेशन के 360 प्रकरणों में 88 लाख 34 हजार 642 रूपये की राशि की वसूली की गई जिसमें विभागों द्वारा आकर्षक छूट का लाभ पक्षकारों को प्रदान किया गया।

      जिला न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री अरविंद कुमार गोयल ने बताया कि नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित दाण्डिक, सिविल, मोटर दुर्घटना, कुटुम्ब न्यायालय, चैक बाउंस व लंबित विद्युत के प्रकरणों के साथ ही बैंकों, दूरसंचार, विद्युत व नगर पालिका के प्री-लिटिगेशन प्रकरणों को रखा गया था जिनके निराकरण के लिये जिले में 44 खण्डपीठों का गठन कर प्रत्येक खण्डपीठ में एक पीठासीन अधिकारी और एक सुलहकर्ता सदस्य की नियुक्ति की गई थी।                   

   पुरानी बातों को भूलकर बिछड़े दम्पत्ति हुये एक-कुटुम्ब न्यायालय के समक्ष लंबित पत्नी के द्वारा विवाह विच्छेद के लिये प्रस्तुत प्रकरण में नवम्बर 2015 से पृथक-पृथक निवास कर रहे पति-पत्नी के मध्य समझौता हुआ और दोनों पक्ष साथ-साथ रहने के लिये सहमत हुये एवं समझाईश दिये जाने पर न्यायालय से खुशी-खुशी विदा हुये। इसी प्रकार दाम्पत्य जीवन की पुनर्स्थापना के लिये प्रस्तुत एक प्रकरण में पत्नी लगभग 14 माह से अपने मायके में निवास कर रही थी। इस प्रकरण में पक्षकारों की एक दो वर्ष की पुत्री भी है, के भविष्य को देखते हुये पक्षकारगण साथ-साथ रहने के लिये सहमत हुये और न्यायालय के माध्यम से घर वापिस गये। इस प्रकार हिन्दू विवाह अधिनियम के अंतर्गत लंबित 30 प्रकरणों में पक्षकारों ने अपने-अपने प्रकरणों में समझाईश दिये जाने के बाद एक-दूसरे को माला पहनाकर राजीनामा के आधार पर प्रकरण का निराकरण किया गया तथा भरण-पोषण के 14 प्रकरणों में दंपत्तियों में सुलह के आधार पर राजीनामा किया। नेशनल लोक अदालत में कुटुंब न्यायालय के समक्ष लंबित 44 प्रकरणों में पति-पत्नी को पीठासीन अधिकारी व सुलहकर्ता सदस्यों द्वारा समझाईश दिये जाने के बाद दंपत्तियों ने एक-दूसरे को माला पहनाकर अपने प्रकरण में सहमतिपूर्वक राजीनामा किया और भविष्य में विवाद नहीं करने का प्रण करते हुये मुस्कुराकर न्यायालय से विदा हुये व विवाद का अंत किया।  

   एक करोड़ से अधिक मूल्य की संपत्ति के प्री-लिटिगेशन प्रकरण का हुआ निराकरण-जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समक्ष एक करोड़ रूपये से अधिक मूल्य की पैतृक संपत्ति का बंटवारा किये जाने के लिये प्रकरण प्रस्तुत किया गया था। इस प्रकरण को विशेष न्यायाधीश श्री राजीव अयाची की खण्डपीठ के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रकरण में छिंदवाड़ा शहर में स्थित तीन संपत्तियों का पक्षकारों ने सहमति से राजीनामा प्रस्तुत किया जिस पर खण्डपीठ द्वारा अवार्ड पारित किया जाकर समझौता स्वीकार कर प्रकरण का अंतिम निराकरण लोक अदालत में किया गया।

   राजीनामा करने वाले पक्षकारों को किये पौधे वितरण-नेशनल लोक अदालत में ऐसे पक्षकार जिन्होंने अपने प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से कराया, उन सभी पक्षकारों को वन विभाग के सहयोग से नि:शुल्क पौधों का वितरण किया गया और कहा गया कि इन पौधों का रोपण किये जाने के बाद उसकी देखभाल भी करें, क्योंकि पौधे का रोपण करने से न सिर्फ वातावरण स्वच्छ होगा, वरन प्राणरूपी ऑक्सीजन भी सभी को उपलब्ध होगी। इससे पूर्व नेशनल लोक अदालत के लिये न्यायालय में लंबित प्रकरणों के सूचना पत्र पक्षकारों को नियत समय पूर्व तामीली के संबंध में पुलिस अधिकारियों से बैठक की गई थी जिसमें पुलिस प्रशासन के द्वारा पक्षकारों को सूचना पत्र तामील किया जाकर उनकी उपस्थिति लोक अदालत के लिये सुनिश्चित की गई।

      शुभारंभ कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय श्री चंद्रदेव शर्मा, जिला न्यायाधीश श्री डी.एस.परमार, श्री एच.पी.बंशकार, श्रीमती संध्या मनोज श्रीवास्तव, श्री वरूण पुनासे, श्रीमती कुमुदिनी पटेल, मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी श्री पवन पटेल व जिला रजिस्ट्रार श्री विनीत साकेत सहित जिला न्यायालय के समस्त न्यायाधीशगण, अध्यक्ष जिला अधिवक्ता संघ श्री विजयसिंह गौतम, सचिव श्री संगीत श्रीवास्तव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संजीव उइके, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री रजनीश चौरसिया, अधिवक्तागण, अभियोजन अधिकारी, न्यायालयीन कर्मचारीगण एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारीगण उपस्थित थे। यह नेशनल लोक अदालत सभी न्यायाधीशों एवं सभी अभिभाषकों, जिला व पुलिस प्रशासन, पत्रकारों, न्यायालय एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के समस्त स्टॉफ के सहयोग से सम्पन्न हुई। अंत में जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री चौरसिया ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
(36 days ago)
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