समाचार
|| जरारूधाम में केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री पटैल एवं प्रभारी मंत्री श्री राजपूत की गरिमामयी मौजूदगी में स्वच्छता संगोष्ठी का आयोजन || मास्क नहीं लगाने वाले 19 व्यक्तियों के विरूद्ध कार्रवाई || कोविड-19 टीकाकरण वैक्सीन वेन द्वारा इमलियाघाट, राजा पटना एवं मनका सहित अन्य ग्रामों में 555 हितग्राहियों का हुआ टीकाकरण || अभी कोरोना गया नहीं है -केन्द्रीय राज्यामंत्री श्री प्रहलाद पटैल || प्रधानमंत्री के जन्मदिवस पर 61 युवाओं द्वारा किया गया रक्तदान || प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के 71वें जन्मोत्सव में सामान्य वन मंडल दमोह कार्यालय कैम्पस में उत्साह के साथ || मालवा और निमाड़ में 12 फीसदी ज्यादा बिजली वितरण || भगवान विश्वकर्मा विकास और निर्माण के दाता हैं : मुख्यमंत्री श्री चौहान || प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जन-कल्याण और सुराज के प्रतीक – मुख्यमंत्री श्री चौहान || प्रधानमंत्री श्री मोदी के व्यक्तित्व से युवा प्रेरणा लें : राज्यपाल श्री पटेल
अन्य ख़बरें
स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद जिले की महिलाएं बन रही है आत्म निर्भर (खुशियों की दास्तां)
महिलाओं के आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ते कदम, झाड़ू का व्यवसाय बना आजीविका का सहारा झाड़ू बनाने के कार्य से सालाना 01 लाख रुपए से अधिक की होती है आय स्व सहायता की महिलाएं प्रधानमंत्री श्री मोदी व मुख्यमंत्री श्री चौहान को हृदय से दे रही है धन्यवाद
देवास | 14-सितम्बर-2021
     मप्र ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ने के बाद महिलाएं अब आत्म निर्भर बन रही है और इनके जीवन में उल्लेखनीय बदलाव आ रहे हैं। स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद जहां एक और मजदूरी से निजात तो मिली, वहीं खुद का कार्य प्रारंभ कर स्वाललंबी बनने के साथ अच्छी कमाई भी कर रही है तथा उनके जीवन शैली में भी परिवर्तन आ रहा है। स्व सहायता समूह की महिलाएं खुश होकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को हृदय से धन्यवाद दे रही हैं।
   ऐसी ही देवास जिले के देवास विकासखंड के लसूडिया सोडा पंचायत के ग्राम मेरखेड़ी में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अंतर्गत गठित स्वयं सहायता समूह द्वारा खजूर की झाड़ू का निर्माण वृहद स्तर पर किया जा रहा है। यह समूह सदस्य झाड़ू निर्माण के कार्य को पारंपरिक रूप से कर रहे हैं किंतु पैसों की कमी के कारण झाड़ू निर्माण का कार्य व्यापक स्तर एवं व्यावसायिक रूप से नहीं कर पा रहे थे। चार वर्ष पूर्व ग्राम में आजीविका मिशन अंतर्गत स्वयं सहायता समूह के गठन के बाद इन सदस्यों ने अपने समूह से एवं बैंक से ऋण लेकर बड़े पैमाने पर झाड़ू बनाने का कार्य शुरू किया। वर्तमान ग्राम मेरखेड़ी में बिजासन स्व सहायता समूह की ज्योति दीदी, अन्नपूर्णा समूह की मनीषा दीदी एवं मां गायत्री समूह की सावित्री दीदी और गूंजा दीदी का कहना है कि पूर्व में कम संख्या में झाड़ू बन पाती थी, लेकिन जब से समूह में जुड़े हैं तब से समूह का लोन बैंक का लोन आदि के माध्यम से ज्यादा राशि मिलने से इन्होंने अपना व्यवसाय बढ़ाया है। आज एक महिला एक दिन में कम से कम 50-55 और अधिकतम 65-70 झाड़ू बना लेती है, इस तरह गांव में एक दिन में 1200-1500 तक झाडू बनाती हैं। इनकी बनाई झाडू आज मध्यप्रदेश के अन्य जिलों सहित महाराष्ट्र के मुंबई, नासिक, पुना तक जाती है वहां के व्यापारी खुद ही यहां से आ कर झाडू ले कर जाते हैं।
इन वैरायटियों की बनाई जाती है झाड़ू, विशेष लक्ष्मी झाड़ू की कीमत 551 रुपए
स्व सहायता की महिलाओं ने बताया कि नागमूठ 16 रुपए, गंजी झाडू 15 रुपए, बैनी झाडू़ 7 रुपए, बच्चा झाडू 6 रुपए, गोंडा झाडू की कीमत 32 रुपए हैं। ये सभी तरह की झाडू कम से कम 55-80 तक भी बना लेती हैं। उन्होंने बताया कि दीपावली पर विशेष लक्ष्मी झाड़ू बनाई जाती है। बड़नगर, सांवेर और महारष्ट्र के व्यापारियों के विशेष आर्डर पर लक्ष्मी झाड़ू बनाते है जिसकी एक झाडू़ की कीमत 551 रुपए तक है इस झाड़ू को बनाने में समय और सामग्री अधिक लगने से यह आर्डर पर ही बनाते हैं।
सालाना 01 लाख रुपए से अधिक की होती है आय
सावत्री दीदी और ज्योति दीदी बताती हैं कि झाडू निर्माण से आज हमारी दीदीयां महीने के कम से कम 10000 रुपए एवं एक साल में 01 लाख रुपए से अधिक आय प्राप्त करती हैं। ग्राम मेरखड़ी की सविता दीदी कहती है कि समूह में शामिल होकर हमने अपना व्यवसाय ही नहीं बढ़ाया बल्कि अपने पति सहित परिवार के एक अन्य व्यक्ति को भी स्वरोजगार उपलब्ध करवाया है अब हम ग्राम में ही एक गोडाउन बनाना चाहते हैं ताकि और अधिक कच्चामाल लाकर अपने उत्पादन को बढ़ा सकें।


 
(3 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
अगस्तसितम्बर 2021अक्तूबर
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
303112345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930123
45678910

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer