समाचार
|| बलिदान दिवस पर याद किए गए क्रांतिकारी वीर शहीद || राजस्व विभाग की सेवाओं की जानकारी देने के उद्देश्य से कार्यशाला आयोजित || प्रधानमंत्री द्वारा किये गए अच्छे दिन के वादे पूरे हो रहे हैं- विधायक रामलल्लू बैस, जबलपुर मे आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम का किया गया लाईव प्रसारण || जनसुनवाई 21 सितम्बर से पुनः होगी शुरू || जिले में अब तक 549.8 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज || सीएम हेल्पलाइन की समस्त शिकायतों को अभियान चलाकर करें निराकृत- कलेक्टर श्री खान || नेहरू युवा केंद्र ने मनाया आजादी का अमृत महोत्सव || खाद्य सुरक्षा में कृषि अनुसंधान का महत्वपूर्ण योगदान - केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर || छत्रसाल स्टेडियम सीधी में होगी गणेश मूर्ति विसर्जन की व्यवस्था || राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग श्री कल्पेन्द्र परमार ने अम्बाह, दिमनी, खडि़याहार परियोजना की आंगनवाड़ी एवं एनआरसी केन्द्र का किया निरीक्षण
अन्य ख़बरें
"डेंगू पर प्रहार" अभियान का शुभारंभ आज से
विधायक श्री गोपीलाल जाटव ने हरी झण्‍डी दिखाकर रैली को रवाना किया
गुना | 15-सितम्बर-2021
मध्‍यप्रदेश सरकार द्वारा 15 सितंबर से "डेंगू पर प्रहार" अभियान शुरू किया है। जिले में अभियान का शुभारंभ जागरूकता रैली निकालकर किया गया। रैली को स्‍थानीय विधायक श्री गोपीलाल जाटव ने हरी झण्‍डी दिखाकर रवाना किया। जागरूकता रैली नगर पालिका गुना से चलकर शीतला माता मंदिर प्रांगण पर संपन्‍न हुयी। रैली में क्षेत्रीय विधायक के अलावा एसडीएम सुश्री अंकिता जैन, मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी डॉ पी बुनकर, मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी श्री तेज सिंह सहित नगर पालिका के अधिकारी, कर्मचारी तथा आमजन सम्मिलित रहे। रैली का समापन शीतला माता मंदिर के पास हुआ, जहां पर विधायक श्री गोपीलाल जाटव द्वारा सफाईकर्मियों का पुष्‍पहार पहनाकर स्‍वागत किया। इस दौरान उन्‍होंने कहा कि मध्‍यप्रदेश सरकार आम नागरिकों की खुशहाली के लिए काम कर रही है। मुख्‍यमंत्री श्री शिवराज सिंह योजना उन योजनाओं को भी प्रारंभ कर दिया है, जो बीच में बंद कर दी गयी थीं। उन्‍होंने सरकार की डेढ़ वर्ष की उपलब्धियों का बखान किया। 
इन्‍हें किया गया सम्‍मानित
नगर पालिका के जिन कर्मचारियों को सम्‍मानित किया गया उनमें मेट श्री देवकुमार जाव्‍या, सफाईकर्मी सर्व श्री बारेलाल, विकास, पवन, मेट शुभम मालवीय तथा सफाईकर्मी शरद, संतोष, महेन्‍द्र, विजय, घनश्‍याम, सोदान के नाम शामिल हैं।
"डेंगू पर प्रहार" बेहद जरूरी
डेंगू बुखार एक प्रकार के वायरस जिसे ''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''''अरबो वायरस" भी कहते हैं, की वजह से होता है। एक बार शरीर में वायरस के प्रवेश के बाद डेंगू बुखार के लक्षण सामान्यतः 5 से 6 दिन के पश्चात मालूम पड़ते हैं। डेंगू बुखार का वायरस एडीज नामक मच्छर के काटने से रोगी व्यक्ति से स्वस्थ व्यक्ति में फैलता है। यह मच्छर दिन के समय काटता है। मच्‍छर के शरीर में एक बार वायरस पहुंचने के पश्‍चात यह पूरी जिन्दगी बीमारी फैलाने में सक्षम होता है।
मादा मच्छर साफ पानी में अण्डे देती है, अण्डे से एक कीड़ा निकलता है, जिसे लार्वा कहते हैं, लार्वा से प्यूपा बनता है एवं फिर मच्छर बन जाता है। लार्वा व प्यूपा अवस्था पानी में रहते हैं और मच्छर पानी के बाहर रहता है। अण्डे से मच्छर बनने में करीब एक सप्ताह का समय लगता है। मच्छर का जीवनकाल करीब तीन सप्ताह का होता है। एडीज मच्छर काले रंग का होता है, जिस पर सफेद धब्बे बने होते हैं, इसे टाइगर मच्छर भी कहा जाता है।
शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के घरों में आजकल पानी को संचय करने की प्रवृत्ति होने के अक्सर सभी व्यक्ति घरों में पानी कंटेनर में 5-7 दिन से ज्यादा रखने लगे हैं। ये कंटेनर हैं - सीमेंट की टंकी, प्लास्टिक की टंकी, पानी का हौद, नांद, मटका, घरों में रखे हुए फूलदान, जिसमें अक्सर मनी प्लांट लगाते हैं, पशुओं के पानी पीने के स्थान, टायर, टूटे-फूटे सामान, जिनमें बारिश का पानी जमा होता रहता है, में एडीज मच्छर पैदा होते हैं। अक्सर यह देखते हैं कि ये कंटेनर ढंके हुए नहीं रहते हैं, जिससे इनमें मच्छर पैदा होते रहते है। यदि हम इन कंटेनर में भरे हुए पानी को गौर से देखें तो इनमें कुछ कीड़े ऊपर-नीचे चलते हुए दिखाई देते हैं, ये ही कीड़े मच्छर बनते हैं।
लार्वा (कीड़ों) का नाश कैसे करें
हम जानते हैं कि लार्वा पानी में रहते हैं, इसलिये इन सभी कंटेनर में से प्रत्येक सप्ताह में एक बार पानी निकाल देना चाहिए और साफ करके फिर से पानी भरना चाहिए। इन सभी कंटेनर को इस प्रकार से ढंककर रखना चाहिए कि इनमें मच्छर प्रवेश नहीं कर सकें और अण्डे नहीं दे सकें। पेराथ्रम नाम की दवाई को केरोसिन में मिलाकर छिड़कने से मच्छर नष्ट होते हैं, जो स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के पास उपलब्ध है। मच्छरों के काटने से बचने के लिए कई उपाय किये जा सकते हैं, जैसे पूरी बांह के कपड़े पहनें, पूरा शरीर ढंककर रखें, मच्छरदानी में सोएं, नीम की पत्ती का धुंआ घर में कर सकते हैं, खिड़की-दरवाजों में मच्छरप्रूफ जाली लगायें।
डेंगू बीमारी के लक्षण
1. बुखार, 2. तेज सिरदर्द होना, 3. आंखों के आसपास दर्द होना, 4. मांसपेशियों में दर्द होना, 5. जोड़ों में दर्द, 6.शरीर पर चकत्ते बनना।
डेंगू बीमारी का उपचार
 उक्त बुखार होने पर तत्काल चिकित्सक से सम्पर्क किया जाना चाहिये। डेंगू बुखार एक वायरस की वजह से होता है एवं वायरस का वर्तमान में कोई भी इलाज नहीं निकला है, न ही इस बीमारी के अभी तक टीके ईज़ाद हुए हैं, इसलिये मरीज़ में बीमारी के जो लक्षण दिखाई देते हैं, उसी अनुसार मरीज़ का उपचार किया जाता है। मरीज़ को सेलिसिलेट व एस्प्रिन गोली का सेवन नहीं करना चाहिए, पैरासिटामोल गोली का सेवन किया जा सकता है किन्तु उपचार डॉक्टर की सलाह से ही लेना चाहिए।
क्या यह घातक है
सामान्यतः 80 से 90 प्रतिशत मरीज़ 5 से 7 दिनों में स्वस्थ्य हो जाते हैं। यदि हेमोरेजिक डेंगू फीवर होता है तो वह घातक हो सकता है। बीमार होने की स्थिति में शासकीय चिकित्सालय में चिकित्सक से सम्पर्क करें।
 
(3 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
अगस्तसितम्बर 2021अक्तूबर
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
303112345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930123
45678910

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer