समाचार
|| उज्जवला योजना के इस चरण में विशेष बात है कि चूल्हे व रिफिल पूरी तहर निःशुल्क है- मंत्री श्री दत्तीगांव || पोषण वाटिका महाभियान एवं वृक्षारोेपण कार्यक्रम कृषि विज्ञान केन्द्र में सम्पन्न || नस्तियों के संचालन हेतु दिशा निर्देश जारी || पोषण आहार का महत्व समझाकर महिलाओं को किया जागरूक || कक्षा 9वीं में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा हेतु आनलाईन आवेदन प्रारंभ || 19 सितंबर को विभिन्‍न केंद्रों में किया जायेगा कोविड वैक्‍सीनेशन || श्री रामप्रसाद को 75 हजार रूपये की आर्थिक सहायता || जिले में आज कोई भी व्‍यक्ति कोरोना पॉजिटिव नहीं मिला || शिक्षक और छात्र-छात्राओं ने संसदीय प्रक्रिया पर की सामूहिक चर्चा || जिले में अब तक 905.7 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज
अन्य ख़बरें
जिले के समस्त महाविद्यालयों में शैक्षणिक तथा अशैक्षणिक स्टॉफ की शत-प्रतिशत उपस्थिति होगी
-
उमरिया | 15-सितम्बर-2021
   म.प्र. शासन, उच्च शिक्षा विभाग, मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल के निर्देानुसार तथा जिला आपदा प्रबंधन समिति के सदस्यों से की गई चर्चानुसार जिले में कोविड 19 संक्रमण की दर में कमी को दृष्टिगत रखते हुये कोरोना कफ्यू के प्रतिबंधों के संबंध में जारी पूर्व आदेशों को अधिक्रमित करते हुये के नवीन दिशा निर्देश जारी किया जाना है जिसमें समयाभाव के कारण सार्वजनिक रूप से कारण बताने हेतु जन सामान्य को सूचना देकर प्राप्त आपत्तियों को सुना जाना संभव प्रतीत नहीं होता है। ऐसी दशा में आपदा प्रबंधन अधिनियमएवं दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 की उपधारा (2) के अंतर्गत एक पक्षीय रूप से आदेश पारित करने का निर्णय लिया जाता है।
    कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव ने दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अधीन प्रदत्त शक्तियों को उपयोग में लाते हुए उमरिया जिले की राजस्व सीमा में निम्न आदेश जारी किया है। जारी आदेश के तहत कोविड-19 नियंत्रण के परिप्रेक्ष्य में 15 सितम्बर, 2021 से पूर्व समस्त शासकीय महाविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियाँ प्रारंभ हो गई है। उन्होने बताया कि जिले के समस्त महाविद्यालयों में शैक्षणिक तथा अशैक्षणिक स्टॉफ की शत-प्रतिशत उपस्थिति होगी। महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की भौतिक रूप से 50% उपस्थिति के साथ कक्षाओं का संचालन किया जाएगा। शिक्षण संस्थाओं द्वारा ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन भी जारी रहेगा। शिक्षण संस्थानों द्वारा ऑफलाइन एवं ऑनलाइन कक्षाओं के लिए पृथक-पृथक समय-सारणी का निर्माण किया जाएगा।  विद्यार्थी संख्या अधिक होने की स्थिति में प्रत्येक स्तर पर कोविड-19 के सुरक्षा मानकों के आधार पर पृथक-पृथक समूह (बैच) बनाकर प्रायोगिक एवं शैक्षणिक कार्य संपादित किया जाए। इस संबंध में अधोसंरचना की उपलब्धता एवं स्थानीय परिस्थिति के परिप्रेक्ष्य में संबंधित संस्था प्रमुख निर्णय लेंगे। संस्था द्वारा अपने स्टाफ एवं विद्यार्थियों को स्वास्थ्य एवं कोविड-19 संबंधी समस्याओं के विषय में जागरूक किया जाना चाहिए। कोविड-19 के संक्रमण के बचाव के लिये उनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं लक्षण पाये जाने पर चिकित्सकीय सुविधा की व्यवस्था सुनिश्चित करना चाहिए। संकमित व्यक्ति के लिये आयसोलेशन एवं कारंटीन सुविधा की व्यवस्था छात्रावास में पृथक रूप से अथवा शासकीय अस्पताल में की जानी चाहिए। किसी भी स्थिति में टेन्मेन्ट संबंधित विद्यार्थी व स्टाफ का संस्था में प्रवेश वर्जित किया जाना चाहिए।
स्टाफ को आरोग्य सेतु एप डाउनलोड किये जाने हेतु प्रेरित किया जाना चाहिए। महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए वैक्सीनेशन करवाना अनिवार्य होगा। विद्यार्थी एवं महाविद्यालयों के समस्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ को वैक्सीनेशन करवाना अनिवार्य होगा। ऐसे अधिकारी एवं कर्मचारी जिन्हे चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर वैक्सीनेशन की छूट है, उनके संबंध में संस्था प्रमुख निर्णय कर ऑनलाइन कार्य करवाना सुनिश्चित करेंगे। छात्र-छात्राओं के घोषणा पत्र एवं माता-पिता / अभिभावकों की लिखित सहमति के आधार पर उपस्थिति स्वीकार्य होगी। माता/पिता/अभिभावक द्वारा एक बार दी गई सहमति पूरे सत्र के लिए मान्य होगी। महाविद्यालय द्वारा परिवहन की सुविधा का प्रबंधन किया जाता रहा है ऐसी स्थिति में बसों / अन्य परिवहन वाहनों में विद्यार्थियों के मध्य भौतिक दूरी सुनिश्चित करते हुए 50 प्रतिशत क्षमता से चलाई जाएगी। बसों / अन्य परिवहन वाहनों का प्रतिशत सोडियम हाइपोक्लोराइट के उपयोग से सेनिटाइजेशन किया जायेगा। महाविद्यालयों में कोविड-19 के संदर्भ में केन्द्र शासन, राज्य शासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा समय-समय पर का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।  कोविड 19 की विभिन्न स्थितियों से निपटने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन संस्था स्तर पर किया जाना चाहिए, जिसमें वरिष्ठ शिक्षक, विद्यार्थी, एन.जी.ओ. स्वास्थ्य संगठन एवं सरकारी अधिकारी आदि सम्मिलित किये जा सकते हैं। शिक्षक, स्टाफ एवं विद्यार्थियों को संबंधित कार्ययोजना एवं संस्था में संचालित गतिविधियों के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए।
   . समस्त संस्था प्रमुख यह सुनिश्चित करेंगे कि महाविद्यालय के समस्त शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक स्टाफ सहित समस्त विद्यार्थियों (चिकित्सकीय प्रकरण को छोड़कर) ने वैक्सीनेशन का कम-से-कम पहला डोज अवश्य लगवा लिया हो। वैक्सीनेशन का प्रमाण पत्र संस्था प्रमुख के कार्यालय में जमा करना अनिवार्य होगा। जिन्होंने दोनों डोज लगवा लिया हो, वे फाइनल सर्टिफिकेट जमा करेंगे।  संस्था प्रमुख द्वारा वैक्सीनेशन के संबंध में शैक्षणिक, अशैक्षणिक स्टाफ एवं विद्यार्थियों की कक्षावार जानकारी संग्रहित कर महाविद्यालय को उपलब्ध कराई जाएगी।  महाविद्यालय स्तर पर संबंधित क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक द्वारा निरंतर मॉनिटरिंग की जाएगी और इसका प्रतिवेदन प्रत्येक सोमवार को कार्यालय आयुक्त उच्च शिक्षा को प्रेषित किया जाएगा। निर्देशों का कड़ाई से पालन करनें के निर्देश दिए गए है। उल्लंघन की दशा में आई.पी.सी. की धारा 188, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 80 तथा महामारी अधिनियम 1897 की धारा 2 के प्रावधानों के तहत एफआईआर की जावेगी।
(3 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
अगस्तसितम्बर 2021अक्तूबर
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
303112345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930123
45678910

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer