समाचार
|| मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना की मदद से जगदीश ने प्रांरभ किया सेंट्रींग का व्यवसाय "सफलता की कहानी" || स्पार्क इनक्यूबेशन सेंटर द्वारा किया गया वेबिनार सेशन का आयोजन || 19 सितम्बर को खंडवा शहर में होगा कोविड टीकाकरण || मवेशियों का सड़क पर नहीं सुरक्षित स्थान पर बैठना सुनिश्चित करें || टीकाकरण महा अभियान के तहत शुक्रवार को जिले में 46 हजार से अधिक लोगों ने लगवाया कोरोना का टीका || आंगनवाडी कार्यकर्ता, सहायिका तथा मिनी आंगनवाडी कार्यकर्ताओं के रिक्त पद हेतु आवेदन आमंत्रित || दिशा समिति की बैठक 22 सितम्बर को || रोजगार मेले में 72 आवेदकों को आफर लेटर प्रदान किए गए || प्याज उत्पादक किसान भाईयों के लिए उपयोगी सलाह || जिले में अब तक 34 इंच से अधिक वर्षा दर्ज
अन्य ख़बरें
राज्य संग्रहालय में दुर्लभ प्राचीन सिक्कों की प्रदर्शनी 16 सितंबर से
-
देवास | 15-सितम्बर-2021
     राज्य संग्रहालय में 16 से 22 सितम्बर 2021 तक भारत के प्राचीन दुर्लभ सिक्कों की प्रदर्शनी "सिक्कों की विरासत" का आयोजन किया जा रहा है। संचालनालय पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय के तत्वावधान में डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर पुरातत्व शोध संस्थान द्वारा यह प्रदर्शनी आयोजित की जा रही है। इन दुर्लभ सिक्कों का संग्रह अश्विनी शोध संस्थान, महिदपुर, जिला उज्जैन में डॉ. आर.सी. ठाकुर द्वारा किया गया है। प्रदर्शनी का शुभारंभ 16 सितम्बर 2021 को दोपहर 3 बजे आयुक्त, पुरातत्व अभिलेखागार एवं संग्रहालय श्रीमती शिल्पा गुप्ता द्वारा किया जायेगा। प्रदर्शनी में दर्शकों का प्रवेश  सुबह 11 बजे से सायं 5 बजे तक निःशुल्क रहेगा।
    सम्पूर्ण देश में अलग-अलग विषयों को लेकर अश्विनी शोध संस्थान द्वारा प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है। वर्तमान में यह संस्थान विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन से संबद्ध हो चुका है। प्रत्येक वर्ष कालीदास समारोह, उज्जैन में प्राचीन सिक्कों की प्रदर्शनी का आयोजन किया जाता है।
    उल्लेखनीय है कि भारत के सांस्कृतिक इतिहास में मुद्रा (सिक्के) का विशेष स्थान है। प्रारंभ में आमजन गाय को मुद्रा के रूप में मानते हुये अपनी आवश्यकताओं पूर्ति करते थे। लेकिन मुद्रा की इकाई के विभाजन में कठिनाई के कारण धातुओं के टुकड़े मुद्रा के रूप में चलाये गये, जिन्हें साहित्य में निष्क और कर्पाषण नाम से जाना जाता है। ई. पूर्व 800 के लगभग सिक्कों का चलन प्रारंभ हुआ, जो मुद्रा के व्यवस्थित इतिहास का द्योतक हैं। तांबा, चांदी, सोना, जस्ता, शीशा आदि धातुओं के सिक्के चलाये गये। दुर्लभ सिक्कों की यह प्रदर्शनी विद्यार्थी, पुरातत्व के जिज्ञासु और आमजन के लिए उपयोगी और ज्ञानवर्धक रहेगी।
                                                           
 
(3 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
अगस्तसितम्बर 2021अक्तूबर
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
303112345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930123
45678910

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer