समाचार
|| विद्युत लाइनों एवं उपकरणों का किया जा रहा सतत रखरखाव - ऊर्जा मंत्री श्री तोमर || खाद की कालाबाजारी करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करें - कृषि मंत्री श्री पटेल || नीमच ब्रिगेड-जिसने अंग्रेजों के छक्के छुड़ा दिए-धनश्याम सक्सेना "जनसंपर्क संचालनालय की विशेष फीचर श्रृंखला" "लेख" || कलेक्टर श्री मनीष सिंह ने फर्जी पत्रकार के विरुद्ध की कारवाई, फर्जी पत्रकार देवेंद्र मराठा 6 महीने के लिए रासुका के तहत निरुद्ध || सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया का क्रेडिट आउटरीच अभियान अंतर्गत मेगा कैंप का आयोजन || विश्व आयोडीन अल्पता विकार नियंत्रण दिवस पर होंगे विविध जागरूकता कार्यक्रम || पात्रता पर्ची की जानकारी अब एम राशन मित्र एप पर भी || रबी फसलों की बुवाई के लिए किसान भाइयों को सलाह || सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में छिंदवाड़ा जिला "ए" ग्रेड के साथ प्रदेश में अव्वल || नेशनल लोक अदालत 11 दिसम्बर को
अन्य ख़बरें
सांड़ों के बधियाकरण का अभियान 4 से 23 अक्टूबर तक होगा संचालित
-
रीवा | 21-सितम्बर-2021
पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत सांड़ों के बधियाकरण कार्यक्रम को बधियाकरण अभियान के रूप में चलाया जायेगा। यह अभियान आगामी 4 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक संचालित किया जायेगा। इस अभियान में पशुपालकों के पास उपलब्ध निकृष्ट सांड़, गौशालाओं में उपलब्ध निकृष्ट सांड़ तथा निराश्रित निकृष्ट सांडों का शत-प्रतिशत बधियाकरण किया जाना है। बधियाकरण शासकीय एवं अशासकीय गौ-सेवक, मैत्री, कृ.गर्भा. कार्यकर्ता, दुग्ध समितियों के सचिव एवं एन.जी.ओ. के पशु स्वास्थ्य रक्षकों द्वारा संपादित किया जायेगा।
इस संबंध में उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाये डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि बधियाकरण अभियान प्रारंभ होने से 26 सितम्बर तक समस्त ग्रामों का सर्वे कराकर गांवों मे उपलब्ध निकृष्ट सांड़ों की जानकारी प्राप्त की जायेगी। इसमें पशुपालक का नाम, पता, मोबाइल नम्बर, बधियाकरण के लिये उपलब्ध निकृष्ट सांड़ों की संख्या तथा यूआईडी टैग नम्बर की जानकारी संधारित की जवेगी। बधियाकरण अभियान की अवधि के दौरान बधियाकरण निःशुल्क किया जायेगा। उप संचालक ने जिले के जनप्रतिनिधियों, पशु मालिकों, ग्राम के सरपंच, सचिवो से पंचायत स्तर पर बधियाकरण के लिये स्थान उपलब्ध कराने की अपील की है। उन्होंने अभियान की जानकारी से पशुपालकों को अवगत कराकर तथा उन्हें प्रोत्साहित करते हुये उपलब्ध निकृष्ट सांड़ों का बधियाकरण कराने की भी अपील की है।
उल्लेखनीय है कि जिले मे 6 लाख 67 हजार 626 गौवंश तथा 2 लाख 62 हजार 865 भैंस वंश उपलब्ध हैं। इसमे से 82 प्रतिशत अवर्णित पशु है, जिनकी दुग्ध उत्पादकता बहुत कम है। दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिये जिले में गौ एंव भैस वंशीय पशुओं में नस्ल सुधार कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसके तहत कम दूध देने वाली गायों एंव भैसों को उच्च नस्ल के सांड़ के सीमन से ब्राीडिंग कराकर उच्च अनुवांशिक क्षमता वाली गायें एंव भैंस पशु मालिको को उपलब्ध करायी जा रही हैं। नस्ल सुधार के कार्यक्रम की सफलता उच्च नस्ल के सांड़ों की उपलब्धता पर निर्भर करती है। इसलिये उन्नत पशु प्रजनन कार्यक्रम की सफलता के लिये अबांधित नर पशुओ का बधियाकरण बहुत ही आवश्यक है।  
(29 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
सितम्बरअक्तूबर 2021नवम्बर
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
27282930123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
1234567

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer