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नई शिक्षा नीति पर आयोजित कार्यशाला में द्वितीय तकनीकी सत्र सम्पन्न
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उज्जैन | 04-अक्तूबर-2021
      सोमवार को कालिदास अकादमी के पं.सूर्यनारायण व्यास संकुल में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 पर आधारित संभागीय कार्यशाला का दूसरा तकनीकी सत्र सम्पन्न हुआ। इसमें विशेष कर्त्तव्यस्थ अधिकारी डॉ.अजय खरे ने नई शिक्षा नीति के प्रमुख बिन्दुओं पर रोशनी डालते हुए बताया कि स्नातक स्तर पर चार वर्षीय पाठ्यक्रम शुरू होने जा रहा है। इसमें प्रत्येक वर्ष में 40 क्रेडिट होंगी। इस प्रकार चार वर्षों में 160 क्रेडिट होंगी।
    विद्यार्थी बहुल प्रवेश एवं बहुल निर्गम प्रणाली के अन्तर्गत शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे अर्थात प्रथम वर्ष पूर्ण कर लिया तब प्रमाण-पत्र, निरन्तर दो वर्ष पूर्ण करने पर डिप्लोमा, तीन वर्ष अध्ययन करने पर स्नातक डिग्री तथा चार वर्ष का अध्ययन पूर्ण करने पर ऑनर्स डिग्री प्राप्त कर सकेंगे। इससे विद्यार्थी यदि एक या दो वर्ष के पश्चात यदि अध्ययन छोड़ते हैं तो उनका नुकसान नहीं होगा।
    विद्यार्थी बहुसंकाय तथा बहुविकल्पीय शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे, जिसके अन्तर्गत दो विषय कोर पाठ्यक्रम के होंगे, जो सम्बन्धित संकाय के होंगे। तीसरा विषय वैकल्पिक होगा, जो विद्यार्थी किसी भी संकाय से ले सकता है। चतुर्थ विषय व्यावसायिक पाठ्यक्रम का होगा, जिसमें विद्यार्थी रूचि अनुसार भविष्य में जो रोजगार करना हो, उसकी जानकारी प्राप्त कर सम्बन्धित विषय में इंटर्नशिप, परियोजना कार्य कर सकेगा। इस प्रकार कुल पाठ्यक्रम 160 क्रेडिट का होगा तथा कुल प्रश्नपत्रों की संख्या सात होगी।
    इस शिक्षा नीति की सबसे अच्छी विशेषता यह है कि विद्यार्थी प्रथम वर्ष से ही रूचि के अनुसार व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करके स्नातक समाप्त करते-करते उस विषय में विशेषज्ञता प्राप्त कर सकेगा, जिससे सम्बन्धित विषय से रोजगार प्राप्त हो सकेगा। द्वितीय सत्र में डॉ.धीरेन्द्र शुक्ल ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं पर रूचिकर जानकारी देते हुए छात्र-छात्राओं के विभिन्न प्रश्नों का समाधान किया। इस सत्र में डॉ.गांगुली, श्री विशाल टांकले, अतिरिक्त संचालक डॉ.आरसी जाटवा सहित संभाग के सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं नोडल अधिकारी मौजूद थे।
 
(12 days ago)
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