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कोविड महामारी के चलते कलेक्‍टर ने दण्‍ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत आदेश जारी किया
01 सितंबर 2021 का आदेश छोड़कर पूर्व में जारी समस्‍त दिशा-निर्देश निरस्‍त
गुना | 08-अक्तूबर-2021
  कोविड महामारी की वर्तमान स्थिति के दृष्टिगत कोविड महामारी की रोकथान के लिए पूर्व में जारी परिपत्र दिनांक 01 सितम्‍बर, 2021 को छोडकर, पूर्व के समस्‍त दिशा-निर्देशों को निरस्‍त करते हुये, नवीन दिशा निर्देश जारी किये गये हैं। उपरोक्‍त परिपत्र के अनुक्रम में पूर्व में जारी प्रतिबंधात्‍मक कार्यालयीन आदेश को अधिक्रमिक करते हुये शासन से प्राप्‍त नवीन दिशा-निर्देशों के परिपालन में जिला स्‍तरीय क्राईसिस मेनेजमेंट कमेटी से परामर्श के आधार पर कलेक्‍टर एवं जिला मजिस्‍ट्रेट जिला गुना श्री फ्रेंक नोबल. ए. द्वारा दण्‍ड प्रक्रिया संहिता-1973 की धारा-144 में प्रदत्‍त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुये गुना जिले की सम्‍पूर्ण सीमा क्षेत्रान्‍तर्गत आगामी आदेश तक निम्‍नानुसार प्रतिबंधात्‍मक आदेश किये गये हैं-

  • प्रतिमा/ताजिये (चेहल्‍लुम) के लिए पण्‍डाल का आकार अधिकतम 30×45 फीट नियत किया जाता है। झांकी निर्माता, ऐसी झांकियों की स्‍थापना एवं प्रदर्शन नहीं करेंगे, जिनमें संकुचित जगह (Constricted space) के कारण श्रृद्धालुओं/दर्शकों की भीड की स्थिति बनें तथा सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन न हो सके। झांकी स्‍थल पर श्रृद्धालुओं/दर्शकों की भीड एकत्र नहीं हो तथा सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन हो, इसकी व्‍यवस्‍था आयोजकों को सुनिश्चित करना होगी।
  • मूर्ति/ताजिये (चेहल्‍लुम) का विसर्जन सम्‍बंधित आयोजन समिति द्वारा किया जाएगा। विसर्जन स्‍थल पर ले जाने के लिए अधिकतम 10 व्‍यक्तियों के समूह की अनुमति होगी। इसके लिए आयोजकों को पृथक से सम्‍बंधित अनुविभागीय दण्‍डाधिकारी से लिखित अनुमति प्राप्‍त किया जाना आवश्‍यक होगा।
  • कोविड संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए धार्मिक/सामाजिक आयोजन के लिए चल समाराह निकालने की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के लिए सामूहिक चल समारोह भी अनुमत्‍य नहीं होगा। लाउड स्‍पीकर बजाने के सम्‍बंध में माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय द्वारा जारी की गई गाईड लाईन का पालन किया जाना अनिवार्य होगा।
  • सार्वजनिक स्‍थानों पर कोविड संक्रमण से बचाव के तारतम्‍य में झॉकियों/पण्‍डालों/विसर्जन के आयोजनों में श्रृद्धालु/दर्शक फेस कवर, सोशल डिस्‍टेंसिंग एवं सेनेटाईजर का प्रयोग के साथ ही राज्‍य शासन द्वारा समय-समय पर जारी किये गये निर्देशों का कडाई से पालन सुनिश्चित किया जावे।
  • म.प्र. शासन, स्‍कूल शिक्षा विभाग एवं उच्‍च शिक्षा विभाग, मंत्रालय, वल्‍लभ भवन भोपाल द्वारा समय-समय पर जारी दिशा निर्देशानुसार स्‍कूल, कॉलेज एवं छात्रावास संचालित किये जा सकेंगे।
  • सभी सामाजिक/ राजनैतिक/ खेल/ मनोरंजन/ सांस्‍कृतिक/ धार्मिक आयोजन/मेले/ धार्मिक चल समारोह आदि, जिनमें जन समूह एकत्र होता है, प्रतिबंधित रहेंगे।
  • समस्‍त कोचिंग संस्‍थान एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम हॉल की क्षमता के 50 प्रतिशत की सीमा तक संचालित किये जा सकेंगे। दिनांक 15/10/2021 से 100 प्रतिशत की क्षमता पर कोचिंग संस्‍थान एवं प्रशिक्षण संस्‍थान संचालित हो सकेंगें। कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन कोचिंग संस्‍थान के संचालक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम कें आयोजक को सुनिश्चित कराना बंधनकारी होगा।
  • समस्‍त धार्मिक/ पूजा स्‍थल की क्षमता के 50 प्रतिशत की सीमा तक श्रद्धालु /अनुयायी उपस्थित रह सकेंगे।
  • समस्‍त प्रकार की दुकानें, व्‍यावसायिक प्रतिष्‍ठान, निजी कार्यालय, शॉपिंग मॉल, जिम अपने नियत समय तक खुल सकेंगे। सिनेमा घर एवं थियेटर कुल क्षमता के 50 प्रतिशत की सीमा तक संचालित किये जा सकेंगे। उपरोक्‍त हेतु कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन बंधनकारी होगा।
  • समस्‍त वृहद, मध्‍यम, लघु एवं सूक्ष्‍म उद्योग अपनी पूर्ण क्षमता पर कार्य कर सकेंगे तथा निर्माण गतिविधियां सतत चल सकेंगी।
  • जिम, फिटनेस सेंटर, योगा केन्‍द्रों का संचालन इनकी क्षमता के 50 प्रतिशत की क्षमता तक कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए संचालित किये जा सकेंगे। दिनांक 15/10/2021 से 100 प्रतिशत क्षमता पर उपरोक्‍त संचालन किया जा सकेगा।
  • समस्‍त खेलकूद के स्‍टेडिम एवं स्‍वीमिंग पूल खुल सकेंगे तथा खेल आयोजनों में स्‍टेडियम/ दर्शक दीर्घा में क्षमता के 50 प्रतिशत तक दर्शक शामिल हो सकेंगे।
  • समस्‍त रेस्‍टोरेंट एवं क्‍लब 100 प्रतिशत क्षमता से कोविड-19 प्रोटोकॉल की शर्त का पालन करते हुए खुल सकेंगे।
  • विवाह आयोजनों में दोनों पक्षों को मिलाकर अधिकतम 300 अतिथि/व्‍यक्ति शामिल हो सकेंगे। आयोजन में कोविड-19 महामारी की रोकथाम हेतु समस्‍त प्रोटोकोल का पालन किया जाना आयोजकों द्वारा सुनिश्चित कराया जावेगा। इस प्रयोजन के लिए आयोजकों को संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी के समक्ष अतिथियों के नाम की सूची आयोजन के तीन दिवस पूर्व प्रदाय करना आवश्‍यक होगा।
  • अधिकतम 200 व्‍यक्तियों की उपस्थिति में अंतिम संस्‍कार की अनुमति रहेगी।
  • रावण दहन के पूर्व परम्‍परागत श्रीराम के चल समारोह प्रतिकात्‍मक रूप से अनुमत्‍य रहेगा। रामलीला तथा रावण दहन के कार्यक्रम खुले मैदान में फेस मास्‍क तथा सोशल डिस्‍टेंसिंग की शर्त पर आयोजन समिति द्वारा संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्‍डाधिकारी से पूर्वानुमति प्राप्‍त कर आयोजित किये जा सकेंगें। रामलीला का आयोजन मैदान/हॉल की क्षमता की 50 प्रतिशत सीमा तक दर्शक शामिल हो  सकेंगे। रावण दहन के वृहद आयोजन, जिनका स्‍वरूप मेले समान होता है, की अनुमति नहीं होगी।
  • गरबा का आयोजन सोसायटियों/ कॉलोनियों/ मोहल्‍लों में मोहल्‍ला वासियों/कॉलोनी वासियों की आयोजन समिति द्वारा आयोजन स्‍थल की क्षमता के 50 प्रतिशत की क्षमता तक उपस्थिति में संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्‍डाधिकारी को सूचित कर आयोजित किया जा सकेगा। व्‍यावसायिक स्‍तर पर वृहद स्‍वरूप के गरबा आयोजनों की अनुमति नहीं होगी।
  • जिले के समस्‍त नगरीय क्षेत्रों में रात्रि 11:00 बजे से प्रात: 06:00 बजे तक नाईट कर्फ्यू रहेगा।
  • अनुमत्‍य आयोजनों/समारोह में डी0जे0/ बैण्‍डबाजे की माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के जारी आदेशों के अधीन रात्रि 10:00 बजे तक उपयोग की अनुमति रहेगी।
  • उपरोक्‍त समस्‍त गतिविधियॉं शासन द्वारा निर्धारित कोविड-19 प्रोटोकॉल एवं कोविड उपयुक्‍त व्‍यवहार/अनुशासन का पालन करते हुये सम्‍पादित किया जाना अनिवार्य होगा।
    उक्‍त आदेश का उल्‍लंघन करने वाले व्‍यक्तियों/संगठन/संस्‍था के विरूद्ध भारतीय दण्‍ड संहिता की धारा 188, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 एवं महामारी अधिनियम 1897 की सुसंगत धाराओं के अन्‍तर्गत वैधानिक/दाण्डिक कार्यवाही की जावेगी।
    जारी आदेश दण्‍ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 144(2) के अन्‍तर्गत यह आदेश एक पक्षीय रूप से पारित किया जाता है। उक्‍त आदेश तत्‍काल प्रभाव से लागू होकर आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा।
 
(13 days ago)
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