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बंजर पथरीली जमीन पर लहलहा रहा संतरा बागान"सफलता की कहानी"
मेहनत और लगन से कम पानी में किसान ने ड्रिप सिंचाई से ली संतरों की भरपूर पैदावार
छिन्दवाड़ा | 09-अक्तूबर-2021
 
      मेहनत करने वालों की हार नहीं होती और कड़ी मेहनत से हर कठिन काम भी आसान हो सकता है। ऐसी ही मेहनत का उदाहरण छिंदवाड़ा जिले के पांढुर्ना विकासखंड की ग्राम पंचायत कलमगांव के ग्राम आंबाखापा के कृषक श्री संजय पिता रामनाथ प्रसाद पाल ने पेश किया है। कृषक श्री संजय पिता रामनाथ प्रसाद पाल ने कड़ी मेहनत और लगन से बंजर पथरीली जमीन पर रसीले संतरों का बागान लहलहा दिया है, जिसे देखकर कोई भी इनकी प्रशंसा करने से नही चूक रहा है और मेहनत को सराह रहा है।
    कृषक श्री संजय पिता रामनाथ प्रसाद पाल के अनुसार वर्ष 2011 में ग्राम आंबाखापा में स्थित लगभग दो हेक्टेयर रकबा वाली बंजर पथरीली जमीन में संतरा (किस्म नागपुरी) का रोपण किया गया। बंजर पथरीली जमीन को देखते हुए पहले तो संतरा बगीचा लगाने का मन नहीं हो रहा था, लेकिन उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन में एवं साथ ही अन्य प्रगतिशील कृषकों के संपर्क में आने पर उन्होंने इस जमीन में संतरा पौधों के रोपण का मन बनाया और इस जमीन पर संतरा पौधे लगाने की शुरूआत की गई। जमीन में 15x15 फिट की दूरी पर लगभग एक हजार पौधों का रोपण किया गया, किंतु इस पथरीली जमीन में पानी की कमी के कारण गर्मी के मौसम में पौधे सूखने के कगार पर पहुंचने लगे। ऐसे में उद्यानिकी विभाग द्वारा ड्रिप सिंचाई की समझाईश दी गई और विभाग के ही अनुदान पर प्रकरण बनाकर ड्रिप संयंत्र स्थापित किया एवं पौधों में सिंचाई की व्यवस्था की गई जिसके कारण आज पौधे जीवित हैं और पेड़ बनकर रसीले संतरा फल दे रहे हैं।
    कृषक श्री संजय पिता रामनाथ प्रसाद पाल ने बताया कि मेरे द्वारा वर्ष 2020-21 में मृग बहार के सीजन में एक हजार पौधों से 24 लाख रूपये के संतरों का उत्पादन लिया गया जिसमें संतरा बागान के रख-रखाव की लागत निकालकर 19 लाख रूपये की आय प्राप्त हुई। इसी प्रकार इस बागान से 30 टन आंबिया बहार के संतरों का उत्पादन लिया गया, जिससे 4 लाख रूपये की अतिरिक्त आय भी प्राप्त हुई जो कि परंपरागत खेती के हिसाब से अधिक है और किसी भी परंपरागत फसल से इतनी आय प्राप्त नही हो सकती थी। विभाग के सहयोग से एवं स्वयं की लगातार की गई मेहनत से संतरा बागान का स्वप्न साकार हो पाया और आज बंजर पथरीली जमीन पर संतरा बागान लहलहा रहा है।
(55 days ago)
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