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ऑनलाइन जन-सेवाओं के विस्तार से प्रदेश में विकास की बढ़ी रफ्तार
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भिण्ड | 11-अक्तूबर-2021
 
    मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि नागरिकों को लोक सेवाएँ सरलता से समय-सीमा में उपलब्ध कराने की राज्य सरकार ने गारंटी दी है। इसी उद्देश्य से सीएम जनसेवा और मोबाइल गवर्नेंस सेवाओं को विस्तार दिया जा रहा है। साथ ही विभिन्न जन-सेवाओं की प्रदाय व्यवस्था को भी और अधिक पुख्ता किया जा रहा है।
       मुख्यमंत्री श्री चौहान की जन-कल्याण की सोच का ही परिणाम है कि मध्यप्रदेश सरकार जनता को राहत पहुँचाने, फाइलों का बोझ कम करने, पारदर्शिता लाने और गैर-जरूरी प्रमाण-पत्रों की अनिवार्यता को खत्म करने के लिये शासन में ई-गवर्नेंस प्रणाली को लागू किया है। प्रणाली को दिनों-दिन अधिक प्रभावी रूप दिया जा रहा है। हाल ही में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 7 नए पोर्टल और 8 लोक सेवा केंद्र प्रारंभ किए हैं। इन पोर्टल से नागरिकों को मिलने वाली जन-सुविधाएँ बढ़ेगी और उनके कार्य आसान होंगे।
ई-रूपी व्यवस्था ई-वाउचर के रूप में
   प्रदेश में ई-रूपी व्यवस्था को ई-वाउचर के रूप में लागू किया जा रहा है। ई-रूपी के माध्यम से सीधे हितग्राही को विशिष्ट प्रयोजन के उद्देश्य से कैश बेनिफिट ट्रांसफर किया जा सकेगा।
ऑनलाइन सुविधाओं का हो रहा विस्तार
   राज्य शासन द्वारा नागरिकों को प्रभावी, पारदर्शी और त्वरित सुविधाएँ प्रदान करने के लिए ऑनलाइन प्रणाली को भी और अधिक सक्षम और व्यवस्थित बनाया जा रहा है। किसानों, महिलाओं, छात्र-छात्राओं, श्रमिकों, निराश्रितों, वृद्धों और हितग्राहियों आदि को योजना और आर्थिक मदद की राशि राज्य सरकार द्वारा सीधे उनके बैंक खाते में पहुँचाई जा रही है।
   प्रदेश के सभी शासकीय विभागों में बिल पेमेंट की ऑनलाइन व्यवस्था लागू की जाएगी। सभी हितग्राहीमूलक योजनाओं के लिए आवेदन से लेकर हितलाभ वितरण या अंशदान देने की पूरी प्रक्रिया को भी ऑनलाइन किया जा रहा है। जन-सुविधाएँ और सेवाएँ, ऐप पर ही ऑनलाइन प्रदाय की जा रही हैं। हितग्राही चिन्हांकन और लाभ प्रदाय में पारदर्शिता को और बेहतर बनाया जा रहा है। उच्च शिक्षा विद्यार्थियों को काउंसलिंग, एडमिशन और छात्रवृत्ति प्रदाय आदि सेवाओं को शीघ्र ही पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा।
   मध्यप्रदेश में देश में पहली बार 2010 से लागू अपनी तरह के पहले और अनूठे लोक सेवा गारंटी अधिनियम में अधिसूचित सेवाओं को प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाने के लिए विकासखंड और तहसील स्तर पर कुल 430 लोक सेवा गारंटी केंद्र स्थापित हैं। इन केंद्रों से अधिनियम के दायरे में शामिल लोक सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है।
अब उप-लोक सेवा केंद्र भी
   अब राज्य सरकार ने नागरिकों को उनके निवास स्थान के नजदीक ही लोक सेवाएँ उपलब्ध करवाने के मद्देनजर नये उप-लोक सेवा केंद्र प्रारंभ करने का फैसला लिया है। कलेक्टर ये उप केन्द्र शुरू कर सकेंगे।
लोक सेवा केंद्रों पर शुरू हुई ई-कोर्ट सेवाएँ
   प्रदेश सरकार ने अब न्यायालयीन सेवाओं को भी लोक सेवा केंद्रों से आम लोगों को उपलब्ध कराना प्रारंभ कर दिया है। नागरिक अपने नजदीक के लोक सेवा केंद्र से हाई कोर्ट और डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के न्यायिक आदेश की सत्यापित प्रति प्राप्त कर सकते हैं। नवीन प्रकरण दर्ज करना और प्रकरण की स्थिति की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है। प्रकरण से संबंधित शुल्क का भुगतान भी किया जा सकता है।
लोक सेवा केंद्रों से स्पीड पोस्ट द्वारा सेवाओं का प्रदाय
   अब लोक सेवा केंद्रों द्वारा नागरिक सेवाओं के प्रमाण-पत्र और दस्तावेज स्पीड पोस्ट से उपलब्ध कराने की नई पहल की गई है। नागरिक अपनी सुविधा अनुसार निर्धारित राशि का भुगतान कर चाही गई सेवा का प्रमाण-पत्र या दस्तावेज स्पीड पोस्ट से अपने घर पर प्राप्त कर सकते हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर (नगर पालिका सीमा) जिले के लोक सेवा केंद्रों से इसकी शुरुआत की जा रही है। अन्य जिलों में इसे शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा।
गृह विभाग के पोर्टल पर हो सकेगी ई-एफ.आई.आर.
   प्रदेश में अब नागरिक ऑनलाइन ही संबंधित पुलिस थाने में चोरी संबंधी ई-एफ.आई.आर. से स्वयं ही रिपोर्ट दर्ज कर सकते हैं। ऐसा केवल ऐसे मामलों में ही किया जा सकता है, जिसमें वाहन चोरी 15 लाख से कम हो, सामान्य चोरी एक लाख से कम हो, आरोपी अज्ञात हो, घटना में चोट नहीं लगी हो तथा बल का प्रयोग नहीं हुआ हो। मध्यप्रदेश पुलिस की वेबसाइट या citizen portal https://citizen.mppolic.gov.in पर स्वयं को रजिस्टर कर रजिस्टर्ड आईडी से लॉगइन करके ही ई-एफ.आई.आर. दर्ज की जा सकती है। ई-एफ.आई.आर. आवेदन पर एफ.आई.आर. दर्ज होने के बाद आवेदक को विभिन्न चरणों की अद्यतन स्थिति एसएमएस एवं ई-मेल से प्राप्त होती रहेगी। आधार ई-साइन की सुविधा, आधार ई-साइन युक्त पावती की ऑनलाइन ई-मेल एवं एसएमएस से प्राप्ति की सुविधा और नागरिक पोर्टल से पीड़ित व्यक्ति को ई-एफ.आई.आर. की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त करने की सुविधा मिलेगी।
ऑनलाइन भूमि उपयोग प्रमाण-पत्र का प्रदाय
   अब आवेदक अपने भूमि उपयोग प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन अनुरोध प्रस्तुत कर सकता है और सभी आवश्यक विवरण -निवेश, योजना क्षेत्र, गांव और खसरा नंबर दर्ज करके भूमि का उपयोग कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन पर देख सकता है। इसे नागरिक के स्वीकार करने पर और ऑनलाइन शुल्क का भुगतान करते ही मैप के साथ लैंड यूज़ सर्टिफिकेट प्राप्त होता है, जिसे नागरिक अपनी जरूरत के अनुसार डाउनलोड और प्रिंट कर सकते हैं। कोई भी एजेंसी टाउन एवं कंट्री प्लानिंग के ऑनलाइन लैंड यूज सर्टिफिकेट जनरेशन पोर्टल पर जाकर इस सर्टिफिकेट को एप्लीकेशन नंबर से सर्च कर डिजिटल वेरीफाई कर सकती है।
एमपी एग्रो का पोर्टल
   एमपी स्टेट एग्रो इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा वर्तमान में विभिन्न शासकीय विभागों से प्राप्त क्रय आदेश के अनुरूप सेवाएँ प्रदान की जाती हैं। इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सुशासन की दृष्टि से सशक्त बनाने के उद्देश्य से पोर्टल का निर्माण किया गया है। पोर्टल का उपयोग शासकीय, अर्ध अशासकीय और अन्य सरकारी विभागों द्वारा विभाग से अधिकृत विक्रेताओं को ऑनलाइन क्रय आदेश जारी करने, सामग्री प्राप्त करने और क्रय का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किए जाने आदि कार्यों के लिए किया जाएगा। पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी की मॉनिटरिंग प्रत्येक स्तर से की जा सकेगी।
विधायक अपने क्षेत्र में विकास की कर सकेंगे मानिटरिंग
   विधायक निधि से कराए जाने वाले कार्यों की योजना और क्रियान्वयन के लिए ऑनलाइन प्रणाली "MLAL ADS" पोर्टल विकसित की गई है। प्रणाली से विधायक अपने-अपने क्षेत्रों के विकास कार्यों की मानिटरिंग कर सकेंगे। पोर्टल से नागरिक अपने विधानसभा क्षेत्र के कार्यों की जानकारी के साथ अन्य विधानसभा क्षेत्रों के कार्य की प्रगति देख सकेंगे।
आर.टी.आई. पोर्टल
   सूचना के अधिकार अधिनियम-2005 के तहत नागरिकों को वांछित सूचना प्राप्त करने की ऑनलाइन सुविधा प्रदाय करने के लिए आर.टी.आई. पोर्टल प्रारंभ किया गया है। नागरिक ऑनलाइन अपना आवेदन प्रस्तुत कर निर्धारित अवधि में ऑनलाइन ही वांछित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अभी यह सुविधा राज्य स्तरीय कार्यालयों में लागू की जा रही है। इसे अन्य कार्यालयों में भी लागू किया जाएगा।
प्रभावी और पारदर्शी विभागीय जाँच प्रणाली
   शासकीय कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय जाँच प्रणाली को पूर्णतया प्रभावी और पारदर्शी करने के लिए वेब आधारित ऑनलाइन विभागीय जाँच सिस्टम तैयार किया गया है। वर्तमान में 5 विभाग-सामान्य प्रशासन, राजस्व, कृषि, उच्च शिक्षा और जल संसाधन में इसका पायलट क्रियान्वयन प्रगति पर है। सिस्टम से जाँच प्रक्रिया की सघन मॉनिटरिंग और जाँच प्रकरणों का ऑनलाइन पारदर्शी एवं तेज गति से निपटारा हो सकेगा। राज्य, संभाग, जिला और विभागीय स्तर से ऑनलाइन मॉनिटरिंग हो सकेगी।
विद्युत ठेकेदारों के लाइसेंस
   पेपरलेस गवर्नेंस की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए विद्युत ठेकेदारों के लाइसेंस ऑनलाइन जारी किए जाने की व्यवस्था भी की गई है। आवेदक एमपी ई-सर्विस पोर्टल http://services.mp.gov.in/ पर ठेकेदार के रूप में लाइसेंस प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन और निर्धारित शुल्क भी जमा कर सकते हैं। प्रकरणों का निपटारा भी पोर्टल से ही किया जाएगा। आवेदक को मोबाइल पर एसएमएस और व्हाट्सएप पर कार्य में प्रगति की स्थिति का पता चल सकेगा। अनुमोदन के बाद ठेकेदार को डिजिटल हस्ताक्षरित सर्टिफिकेट जारी किया जा सकेगा।
सीएम जन-सेवा योजना (181)
   अब खसरा, बी-1 खतौनी और नक्शे की कॉपी सीएम जन-सेवा नंबर 181 पर आवेदन करने के बाद प्रति पेज 10 रुपये के शुल्क पर रजिस्टर्ड व्हाट्सएप नंबर पर प्राप्त की जा सकेगी। स्थानीय निवास और आय प्रमाण-पत्र नि:शुल्क प्रदाय किए जा रहे हैं। स्वयं का नाम, मोबाइल नंबर आदि का विवरण कॉल सेंटर 181 के माध्यम से दर्ज कराना होगा। फिर एसएमएस, व्हाट्सएप के माध्यम से लिंक प्राप्त होगी। इस तरह घर बैठे एक दिन में सेवाओं की डिजिटल प्रति प्राप्त की जा सकेगी।


 
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