समाचार
|| त्रि स्तरीय पंचायत निर्वाचन की तैयारियों के संबंध में टीएल बैठक आज || सितार वादन में संभागीय बाल भवन की छात्रा अनुष्का सोनी राष्ट्रीय कला उत्सव के लिए चयनित || मुख्यमंत्री श्री चौहान ने वैक्सीन के 9 करोड़ डोज़ पूरे होने पर दी बधाई || निर्वाचन मे अनुमति लेकर ही उपयोग होगें लाउड स्पीकर || पंचायत प्रतिनिधियों के वाहन होगें वापस || सम्पत्ति विरूपण रोकने दल गठित || जिले के ग्रामीण क्षेत्र के शस्त्र लाईसेंस निलंबित || बिना अनुमति मुख्यालय नही छोडेगें अधिकारी-कर्मचारी || ग्रामीण क्षेत्रो के अंतर्गत धारा-144 के प्रतिबंधात्मक आदेश जारी || त्रि-स्तरीय पंचायत निर्वाचन - मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा आज
अन्य ख़बरें
किसानों को चने की फसल में लगने वाले "उकठा" रोग के नियंत्रण हेतु सलाह
-
उज्जैन | 11-अक्तूबर-2021
 
    चना की फसल का प्रमुख रोग "उकठा" है। उकठा के लक्षण बुवाई के 30 दिन से फली लगने तक दिखाई देते हैं। पौधों का मुरझाना, विभाजित जड़ में भूरी-काली धारियों का दिखाई देना एवं इस रोग के कारण चने के उत्पादन में लगभग 25-75 प्रतिशत तक गिरावटे आ सकती है।
   उकठा रोग का कारण- यह एक फंफूदजनित (फ्यूजेरियम आँक्सीस्पोरियम) रोग है। बार-बार एक ही फसल की खेती करने से इस रोग के होने का खतरा पढ़ जाता है। इस रोग की शुरूआत मिट्टी एवं बीजों से होती है।
उकठा रोग के लक्षण- रोग की शुरूआत में पोधौं की ऊपरी पत्तियाँ मुरझाने लगती है। प्रभावित पोधौं में फूल एवं फली नहीं बनते है। रोग बढ़ने पर पोधौं सूखने लगते है। उकठा रोग के लक्षण शुरूआत में खेत में छोटे-छोटे हिस्सों में दिखाई देता है और धीरे-धीरे पुरे खेत में फेल जाता है।
   उकठा रोग पर नियंत्रण के तरीके- चने की बुवाई 15 अक्टूबर से माह नवम्बर के प्रथम सप्ताह में करें। उकठा रोग से बचने के लिए फसल चक्र अपनाएं। उकठा रोग प्रतिरोध किस्मों का चयन करें जैसे- JG-36, RVG-202, RVG-203, JG-315, JG-322, JG-74, JG-16, JG-11, JG-63, RSG-896 आदि। चने की बुवाई से पहले प्रति किलोग्राम बीज को 3 ग्राम (कार्बोक्सिन+थाइरम) दवा से उपचारित करें। प्रति किलोग्राम बीज को 4 ग्राम ट्राइकोडर्मा से भी उपचारित किया जा सकता है। खेत की जुताई करते समय प्रति एकड़ खेत में 1.5 किलोग्राम ट्राइकोडर्मा पाउडर मिलाकर भूमि उपचार करें। प्रति लीटर पानी में 1 मिलीलीटर टेवुकोनाजोल मिलाकर खड़ी फसल में पौधौं की जडों में डाले। आवश्यकता के अनुसार 10 दिनों के अंतराल पर इस मिश्रण का दोबारा प्रयोग करें। अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीक के कार्यालय वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी या कृषि विज्ञान केन्द्र उज्जैन से संपर्क कर सकते हैं।

 
(55 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
नवम्बरदिसम्बर 2021जनवरी
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
293012345
6789101112
13141516171819
20212223242526
272829303112
3456789

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer