समाचार
|| सिहोरा को व्यवस्थित स्वरूप देने हटाये गये || आज 18 हजार व्यक्तियों को लगाई गई दूसरी डोज - कोरोना वैक्सीनेशन महाअभियान || दिव्यांग समल पारधी को मिली ट्राइसाइकिल || आठ अपराधियों का जिलाबदर || मंत्री श्री डंग द्वारा ऑक्सीजन प्लांट का मॉक ड्रिल करने के निर्देश || भोपाल गैस त्रासदी की 37वीं बरसी पर होगी सर्वधर्म प्रार्थना सभा || कलेक्टर ने किया संभाव्यतायुक्त ऋण योजना (पीएलपी) का विमोचन || मध्यप्रदेश राज्य रूपंकर कला पुरस्कार प्रदर्शनी के लिये प्रविष्टियाँ आमंत्रित || कलेक्टर ने की बैंक आधारित योजनाओं की समीक्षा || रंग अमीर राष्ट्रीय ललित कला प्रदर्शनी के लिये प्रविष्टियाँ आमंत्रित
अन्य ख़बरें
बहुओं के लिए सास की लोटा दौड़
सास ने खुले में टॉयलेट जाना छोड़ा, बहुओं को सीख देने के लिए लोटे में पानी भरकर लगाई रेस, वादा लिया - जिंदगी भर खुले में शौच नहीं जाएंगी
भोपाल | 12-अक्तूबर-2021
 
   घर में  "इज्जत घर"  (टॉयलेट) बनने के बाद सास ने तो खुले में शौच करना छोड़ दिया, लेकिन कई घरों में बहुएं नहीं मान रही हैं। इन्हें उन्हें समझाईश देने के लिए 18 सास ने दौड़ लगाईं। ताकि बहुएं समेत अन्य लोग समझ सकें कि खुले में शौच करने से इज्जत को तो खतरा है ही, बीमारियां भी होती हैं। 50 मीटर की रेस भले ही सास के लिए थी, लेकिन सबक बहुओं को मिला। यह दौड़ भोपाल से 25 किमी दूर फंदा कला गांव में हुई। मंगलवार को  "घर की इज्जत"  के लिए अनूठी रेस हुई।
   दौड़ने वाली 50 से 60 साल उम्र की बुजुर्ग सांसें थीं और दर्शक बनी बहुएं। 50 मीटर दौड़ने के बाद सांस ने विनिंग प्वाइंट पर पानी से भरा लोटा फेंका और संदेश दिया कि बहुएं जिंदगी भर खुले में शौच न जाएं। वे "इज्जत घर" में ही शौच करें। सास बोलीं कि हम तो जिंदगी भर शौच के लिए जंगल और खेतों में भागते रहे। बहुएं ऐसा न करें। खुद तो टॉयलेट में शौच करें और परिजनों को भी इसके लिए प्रेरित करें। बहुओं ने भी वादा किया कि वे हमेशा के लिए लोटा रख  "इज्जत घर"  में ही शौच करेंगी।
    भोपाल में सभी 187 ग्राम पंचायतें ODF यानी खुले में शौच से मुक्त हो चुकी है। बावजूद कई गांवों में कुछेक महिलाएं खुले में शौच करना पसंद कर रही हैं। फंदा गांव में भी ऐसी स्थिति है। इसलिए मंगलवार को यहां यह इवेंट हुआ।
  जीतने वाली सास को बहू ने ही पहनाई फूलों की माला  
    शाम 5 बजे दौड़ शुरू हुई। 18 बुजुर्ग महिलाएं इसमें शामिल हुईं। इसमें फर्स्ट राधा प्रजापत, सेकेंड मंजू प्रजाति और थर्ड अर्पिता प्रजापति रहीं। इन्हें उनकी बहुओं ने ही फूल माला और मेडल पहनाएं। संदेश सिर्फ इतना कि खुले में शौच करने न जाएं। जिला पंचायत सीईओ विकास मिश्रा ने बताया, फंदा गांव में दौड़ के पीछे संदेश सिर्फ इतना है कि अब कोई भी खुले में शौच करने न जाएं। चाहे वह महिला-पुरुष हो या बच्चे। सभी टॉयलेट का उपयोग करें। गांव के बुजुर्ग राम सिंह ने बताया, गांव में जब से टॉयलेट बने हैं, उनका ही उपयोग कर रहे हैं। इस तरह के आयोजन सबको प्रेरित करते हैं। सास रेशमबाई ने बताया, खुले में शौच करने जाने में शर्मिंदगी होती है। दौड़ लगाकर बहू से वादा लिया कि कभी भी खुले में शौच के लिए न जाएं। दूसरों को भी प्रेरित करें।
  ये बोलीं सास  
     मेरे घर से कोई खुले में टायलेट नहीं जाता है। मैं दौड़ में शामिल हुई कि गांव के अन्य महिलाएं जागरूक हों।
  रेशमा बाई, फंदा गांव  
     पुनिया बाई ने खुले में शौच करने से शर्मिंदगी होती है। इसलिए मैंने खुले में शौच के लिए जाना छोड़ दिया है। बहुओं से भी यह बात कहती हूं। अब रेस में उतरकर उन्हें नसीहत दूंगी।
 
दुर्गा बाई ने इवेंट के जरिए सास-बहू में झिझक दूर होगी
   जिला पंचायत सीईओ श्री  विकास मिश्रा ने बताया कि कोरोना के दौरान गांवों में सर्वे कराया गया था। इसमें यह देखने में आया कि घर में बहू बोल रही है लेकिन सास चुप है। दोनों में एक-दूसरे के प्रति प्रेम कम दिखाई दिया। कुछ मामलों में सास बोलती हैं तो बहू चुप रहती है, लेकिन मां-बेटी के मामले में ऐसा नहीं है। दोनों में बराबर प्रेम दिखा। सास-बहू के बीच की झिझक दूर करने और दोनों में संवाद कायम रखने के लिए इस दौड़ को कराने का आइडिया आया। दूसरी ओर कई महिलाएं खुले में शौच करने जाती हैं। इसलिए सास होने के नाते उन्होंने बहुओं को समझाईश दी कि खुले में शौच न जाएं। अन्य लोगों को भी यही सीख दी गई। ताकि कोई भी खुले में शौच करने न जाए।
(52 days ago)
डाउनलोड करे क्रुतीदेव फोन्ट में.
डाउनलोड करे चाणक्य फोन्ट में.
पाठकों की पसंद

संग्रह
नवम्बरदिसम्बर 2021जनवरी
सोम.मंगल.बुध.गुरु.शुक्र.शनि.रवि.
293012345
6789101112
13141516171819
20212223242526
272829303112
3456789

© 2012 सर्वाधिकार सुरक्षित जनसम्पर्क विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश             Best viewed in IE 7.0 and above with monitor resolution 1024x768.
Onder's Computer